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हैदराबाद एनकाउंटर पर वर्ल्ड मीडिया / गार्जियन ने लिखा- घटना के हालात शक पैदा करते हैं; सीएनएन ने कहा- मुठभेड़ को पुलिस क्रॉस फायर बता रही

Hyderabad Encounter | Hyderabad Telangana Police Encounter World Media Reaction; Al Jazeera, BBC, Guardian Over Rape Accused Killed in Encounter
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  • न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने लिखा- पुलिस के बयानों में एनकाउंटर के समय में फर्क, यह शक की बात
  • कतर की वेबसाइट अल जजीरा ने लिखा, “पुलिस पर लगते रहे हैं कस्टडी में हत्या के आरोप”

Dainik Bhaskar

Dec 06, 2019, 08:26 PM IST

इंटरनेशनल डेस्क. तेलंगाना के हैदराबाद में शुक्रवार को वेटरनरी डॉक्टर की हत्या के 4 आरोपियों का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह आरोपियों को घटना के रीक्रिएशन के लिए उस जगह ले गए थे, जहां उन्होंने डॉक्टर की हत्या की थी। हालांकि, वे पुलिस के हथियार छीनकर भागने लगे और फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में चारों आरोपी मारे गए। वर्ल्ड मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से जगह दी है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने लिखा है कि भारतीय पुलिस ने वीभत्स गैंगरेप के चार आरोपियों को ऐसे हालात में गोली मारी, जिसे संदेहास्पद कहा जा सकता है। अखबार के मुताबिक, मामले में अस्पष्टता की वजह से मामला पुलिस की एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग (न्यायेतर हत्या) का लगने लगा है, जो कि भारत में असामान्य नहीं है। सीएनएन ने कहा- मुठभेड़ को पुलिस क्रॉस फायर बता रही है।

‘एक धड़ा कह रहा- पुलिस ने कानून अपने हाथ में ले लिया’

  1. गार्जियन ने लिखा, “आरोपियों की मौत से भारतीयों के बीच विचारों का विभाजन देखने को मिला। कुछ लोगों ने इसे ‘तुरंत न्याय’ कहा, तो कुछ लोगों ने कहा कि पुलिस ने मामले में कानून अपने हाथ में ले लिया।”

  2. पुलिस ने घटना के समय को लेकर संशय पैदा किया: राॅयटर्स

    न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि आरोपी सुबह 5:45 से 6:15 बजे के बीच घटना के रीक्रिएशन के वक्त पुलिस के हथियार छुड़ा कर भागने लगे। उन्होंने पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में चारों आरोपियों मारे गए, जबकि इससे पहले एक पुलिस अफसर ने कहा था कि आरोपियों को तड़के करीब 3:30 बजे मारा गया। एजेंसी का कहना है कि समय में इस संशय का पुलिस की तरफ से कोई विवरण नहीं दिया जा सका।

  3. अलजजीरा ने कहा- भारतीय पुलिस पर लगता रहा है एनकाउंटर का आरोप

    कतर की न्यूज वेबसाइट अल-जजीरा का कहना है कि भारतीय पुलिस पर एनकाउंटर का आरोप लगता रहा है। वेबसाइट ने इन एनकाउंटर को जम्मू-कश्मीर और विद्रोहियों की समस्या वाले पूर्वोत्तर क्षेत्र में आतंकियों पर कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वीमेन एसोसिएश की सचिव कविता कृष्णन ने अल-जजीरा से कहा है कि यह आरोपियों की कस्टडी में हत्या है, क्योंकि आरोपियों के पास कोई हथियार नहीं था इसलिए पुलिस पर हमले का सवाल ही नहीं उठता।

  4. भारत में आरोपियों को मारने वाले पुलिसकर्मियों को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का तमगा देते हैं: द डॉन

    दूसरी तरफ पाकिस्तान के अखबार द डॉन ने भी अल-जजीरा के सुर में सुर मिलाते हुए कहा है कि भारतीय पुलिस पर मुंबई में गैंगवाॅर और पंजाब-कश्मीर में विद्रोह के दौरान एनकाउंटर का आरोप लगता रहा है। एक दौर में एनकाउंटर से जुड़े पुलिस अधिकारियों को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का तमगा दिया जाता था और उन पर फिल्में बनती थीं। 

  5. धीमी न्यायिक व्यवस्था की वजह से लोग पुलिस की कार्रवाई से खुश: बीबीसी

    ब्रिटिश न्यूज वेबसाइट बीबीसी के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई पर ज्यादातर लोगों ने खुशी जताई है। इसकी एक बड़ी वजह भारतीय न्यायिक व्यवस्था की धीमी और घुमावदार गति है। यानी न्याय देने में कई साल, कभी-कभी कई दशक लग जाते हैं। पिछले हफ्ते हैदराबाद में हुए दुष्कर्म के बाद कई लोग 2012 के निर्भया कांड की तरह ही गुस्सा जता रहे थे। उनकी चिंता थी कि आरोपी सालों तक जनता के टैक्स पर जिंदा रहेंगे और इस दौरान पीड़ित परिवार न्याय के लिए दौड़भाग जारी रखेगा।

  6. यह भारतीयों का सिस्टम में कम होता भरोसा ही है, जिसकी वजह से वे तुरंत न्याय की मांग कर रहे हैं। इन्हीं तनावों ने पिछले कुछ समय में गोली चलाने वाले सजग पुलिसकर्मियों पर फिल्मों की लोकप्रियता बढ़ी है। 

  7. सीएनएन ने कहा- कई सवालों के जवाब मिलने बाकी

    सीएनएन ने कहा- पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चारों आरोपी क्रॉस फायरिंग में मारे गए। उन पर पुलिस के हथियार छीनने का भी आरोप है, लेकिन पुलिस ने यह नहीं बताया कि घटनास्थल पर कितने पुलिसकर्मी मौजूद थे। इस सवाल भी जवाब भी नहीं मिला है कि आरोपी पुलिस के हथियार छीनने में कामयाब कैसे हुए।

  8. न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा- दहला देने वाली घटना का चौंकाने वाला अंत

    न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसे हाल के महीनों में भारत की सबसे तकलीफदायक घटना बताया। अखबार ने लिखा कि दहला देने वाली घटना का शुक्रवार को चौंकाने वाला अंत हुआ। हैदराबाद के लोगों ने जघन्य अपराध की तुरंत सजा पर खुशियां मनाईं। इतनी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे कि ट्रैफिक जाम हो गया। अधिकारियों की हीरो की तरह तारीफ की जा रही है, उनके ऊपर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाई जा रही हैं।  

  9. वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरोपियों की मौत पर देश में कई जगह खुशियां मनाई गईं। दूसरी तरफ कई वकील और एक्टिविस्ट इसे कानून से परे जाकर हत्या किया जाना करार देते हैं। अखबार ने लिखा- भारत में संदिग्ध अपराधियों की पुलिस के हाथों हत्या की घटनाओं की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। इन घटनाओं को 'एनकाउंटर किलिंग' का नाम दिया जाता है। हर घटना के बाद अधिकारी आत्मरक्षा में कार्रवाई की बात कहते हैं। एक्टीविस्ट और वकील कहते हैं कि असल में घटनाओं की सही तरह से जांच नहीं होने से पुलिस अधिकारी सजा से बच निकलते हैं।

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