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इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्र ने दिए 400 करोड़ रु., पायलटों को ट्रेनिंग के लिए फिर भेजा जाएगा फ्रांस



IAF making preparations to welcome Rafale jets in India
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IAF making preparations to welcome Rafale jets in India
  • भारत को अगले साल सितंबर तक मिलेगा पहला राफेल जेट
  • सरकार ने जेट के हैंगर, शेल्टर और रखरखाव के लिए 400 करोड़ रुपए जारी किए

Dainik Bhaskar

Sep 09, 2018, 06:39 PM IST

नई दिल्ली. राफेल डील पर भारत में मचे राजनीतिक घमासान के बीच भारतीय वायुसेना ने विमान के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शुरू कर दिया है। पायलटों को ट्रेनिंग के लिए जल्द ही फिर फ्रांस भेजा जाएगा। सरकार ने जेट के हैंगर, शेल्टर और रखरखाव के लिए दो बेसों को 400 करोड़ रुपए मुहैया कराए हैं। 

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, वायुसेना साल के अंत तक पायलटों के एक और जत्थे को फ्रांस भेज सकती है। इसके लिए आईएएफ की एक टीम पहले ही राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन के फ्रांस स्थित दफ्तर जा चुकी है। अधिकारियों ने राफेल में भारतीय स्थिति के हिसाब से जेट में कुछ बदलाव भी कराए हैं। डसॉल्ट ने रॉफेल की टेस्ट फ्लाइट भी शुरू कर दी हैं। भारत ने कंपनी को तय समय में राफेल को डिलीवर करने के लिए कहा है। 

 

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को मिलेगा राफेल का पहला स्क्वॉड्रन: एक अधिकारी के मुताबिक, राफेल का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को मिलेगा। आईएएफ अंबाला स्टेशन को कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम मानता है। पाकिस्तान का बॉर्डर यहां से महज 220 किलोमीटर दूर है। सूत्रों का कहना है की फ्रांस लगातार जेट की सप्लाई पर भारत को पूरी जानकारी दे रही है। पायलटों की एक टीम साल की शुरुआत में भी ट्रेनिंग के लिए फ्रांस भेजा गया था।  डील के तहत भारत को 36 राफेल फाइटर जेट विमान मिलने हैं। पहला एयरक्राफ्ट सितंबर 2019 तक मिलने की उम्मीद है और बाकी कई चरणों में 2022 तक मिलने की उम्मीद है।

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