• Hindi News
  • International
  • If The Partner Is Close, The Heart Beats The Same Even In Old Age, The Pattern Of Beats Is Such As If They Were Talking

इलिनॉय यूनिवर्सिटी की स्टडी:साथी करीब हो तो बुढ़ापे में भी एक जैसे धड़कते हैं दिल, धड़कनों का पैटर्न ऐसा होता है- मानो वे बात कर हों

वॉशिंगटन2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
स्टडी में दावा - करीब रहने वाले जोड़ों के अवचेतन मन भी साथ हो जाते हैं। - Dainik Bhaskar
स्टडी में दावा - करीब रहने वाले जोड़ों के अवचेतन मन भी साथ हो जाते हैं।

अगर रिश्ता नया-नया है तो साथी के करीब होने पर भावनात्मक असर पड़ना सामान्य सी बात है, पर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बुढ़ापे में भी ऐसा होता है। बुजुर्ग दंपतियों के एक साथ होने पर उनकी धड़कनें समान हो जाती हैं। एक-दूसरे की मौजूदगी से उनके अवचेतन मन भी साथ हो जाते हैं, इसका असर उनके दिल की धड़कनों पर पड़ता है। अमेरिका की इलिनॉय यूनिवर्सिटी की ताजा स्टडी में यह दावा किया गया है। स्टडी के लेखक और संबंधों पर शोध कर रहे डॉ. ब्रायन ओगोल्स्की बताते हैं, ‘हम संबंधों की गतिशीलता को मापने के लिए उद्देश्यपूर्ण तरीके तलाश रहे थे।

यह तथ्य तो पहले से ही पता है कि प्रिय लोगों की मौजूदगी से मनोवैज्ञानिक फायदे होते हैं। इसलिए शारीरिक करीबी की अहमियत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। और जब दो शख्स 30-40 वर्षों से साथ हैं, तो यह अपने आप में बड़ी प्रतिबद्धता दिखाता है। डॉ. ओगोल्स्की के मुताबिक उनका फोकस करीबी के कारण और असर पर नहीं था। लेकिन यह तो पता चल ही गया है कि जब आपका कोई साथी करीब होता है तो दिल की धड़कनें समकालिक पैटर्न में चलती हैं। यानी दोनों की दिल की धड़कनों का पैटर्न ऐसी बातचीत का संकेत देता है, जो कुल मिलाकर सार्थक ही होती है।

स्टडी में यह भी पता चला कि बुजुर्ग जोड़ों की हार्ट रेट लीड-लैग संबंधों के साथ तालमेल बिठाती है। इसमें साथ रहने पर हर जोड़े में एक साथी धड़कनों में बदलाव का नेतृत्व करता है, यानी कभी पति तो कभी पत्नी। यह संबंधों के नाजुक संतुलन की ओर इशारा करता है। स्टडी में 64 से 88 साल उम्र वर्ग के दंपतियों को शामिल किया गया था। ये अपने साथियों के साथ 14 से 65 साल का वक्त बिता चुके हैं। इन्हें फिटबिट सेंसर डिवाइस दिए गए थे। साथ ही करीबी जानने के लिए घर के चारों ओर फिक्स्ड सेंसर लगाए गए थे। शोधकर्ताओं ने पति और पत्नी की हार्ट रेट को अलग और साथ रहने पर मॉनिटर किया। शोधकर्ताओं का दावा है कि इस आधार पर दूसरे बुजुर्ग दंपतियों की भी करीबी का अनुमान लगा सकते हैं।

लंबे वैवाहिक जीवन का सेहत पर सकारात्मक असर होता है: विशेषज्ञ

डॉ. ओगोल्स्की बताते हैं, जैसे-जैसे जोड़े एक साथ बूढ़े होते हैं, उनकी एक-दूसरे पर निर्भरता बढ़ती जाती है। ऐसे में वे एक-दूसरे के शारीरिक और भावनात्मक समर्थन का प्राथमिक स्रोत बन जाते हैं। लंबे वैवाहिक जीवन का दोनों की सेहत पर भी सकारात्मक असर होता है। स्टडी में यह भी पता चला है कि करीबी हमेशा फायदेमंद हो यह जरूरी नहीं। क्योंकि किसी विवाद को लेकर नजदीकी, सामान्य परिस्थितियों में करीबी से बिल्कुल अलग है।

खबरें और भी हैं...