• Hindi News
  • International
  • If Your Teenage Child Is Keeping Distance From You, Then Connect With Things They Find Important, Play Together, See Family Photos, They Will Be Inspired

विशेषज्ञों का सुझाव:किशोर होती संतान आपसे दूरी बना रही हो तो उन्हें अहम लगने वाली चीजों से जुड़ें, साथ खेलें, फैमिली फोटो देखें, वे प्रेरित होंगे

लंदनएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

क्या आपको लगता है कि आपके बच्चे के व्यक्तित्व में रातोंरात बदलाव हो गया है। वह कम बात करता है, जिद करने लगा है। इसके अलावा बातें नहीं मानता, पढ़ाई में ध्यान नहीं दे रहा है, टीचर्स शिकायत करने लगे हैं। इससे भी बड़ी बात वह आपके साथ वक्त बिताने से कतराने लगा है और ज्यादातर वक्त मोबाइल में व्यस्त रहता है।

यह समस्या अकेले आपकी नहीं है, किशोर होती संतान के माता-पिता को अक्सर इन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। मनोवैज्ञानिक तान्या बायरन बताती हैं, ‘ये समय बच्चों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। इस डिस्कनेक्ट को खत्म करने के लिए हमें उनके स्तर पर जाकर समझना होगा, सहयोगी रुख रखना होगा। बच्चों से दोबारा जुड़ने के लिए ये तरीके कारगर हो सकते हैं...

बच्चों से डिस्कनेक्ट खत्म करने में ये चार तरीके मददगार, उनके स्तर पर जाकर सोचेंगे तो होगा फायदा

1. जो सिखाना चाहते हैं, उस पर खुद अमल करें
एक किशोर के तौर पर बच्चों का दिमाग विकास के बड़े बदलाव से गुजरता है। ऐसे में वो नहीं जुड़ रहे हैं तो इसे व्यक्तिगत तौर पर न लें। बच्चे को अपना टेक और डेली रुटीन बनाने के लिए प्रेरित करें। शुरुआत खुद से करें। कोई ऐसा वक्त तय करें, जब घर के सभी सदस्य मोबाइल बंद रखें। आप सहमत नहीं हों, तब भी अमल करें। इससे घर का माहौल सकारात्मक होगा। जब बच्चे देखेंगे कि आप भी ऐसा ही कर रहे हैं तो वो भी इसे मानेंगे।

2.बच्चों को अहम लगने वाली चीजों में शामिल हों
बातचीत के लिए सही वक्त चुनें। एक ही कमरे में साथ बैठकर कुछ ना कहकर भी बहुत कुछ कह सकते हैं। ऐसा करने से तनाव व चिंता कम होगी। उनके साथ ऐसे पारिवारिक फोटो या वीडियो देखें, जिनमें वे खुलकर हंस रहे हैं। उन्हें महत्वपूर्ण लगने वाली चीजों में शामिल हों। उन्हें पसंदीदा वीडियो गेम खेलकर दिखाने को कहें, हो सके तो साथ खेलें। उनसे पूछें कि साथ वक्त बिताने में कौन-सी बातें मददगार हो सकती हैं।

3.शुरुआत में कुछ मिनट साथ रहने का लक्ष्य रखें
हफ्ते में एक बार फैमिली टाइम जरूर रखें, शुरुआत छोटी करें। ताकि उन्हें यह न लगे कि दबाव डाला जा रहा है। साथ गेम्स खेलें, पुराना फैमिली वीडियो देखें। यदि वे बीच में जाना चाहें, तो गुस्सा न हों। उन्हें अच्छा महसूस करवाएं। अनिच्छुक बच्चों को जोड़ने के लिए कुछ मिनट साथ रखने का लक्ष्य तय करें, धीरे-धीरे ये समय बढ़ता जाएगा।

4. वो कैसी भी प्रतिक्रिया दें, उनकी प्रशंसा जरूर करें
अगर डिनर के वक्त बच्चे थाली साइड रखकर उठ जाते हैं, तो भी सराहना करें कि साथ खाना तो खाया। उनकी प्रशंसा जरूर करें। कनेक्शन की हर कोशिश महत्वपूर्ण है, चाहे बच्चे कैसी भी प्रतिक्रिया दें। धैर्य रखें, हर बार सकारात्मक चर्चा होगी तो वो खुद आपकी ओर कदम बढ़ाएंगे। उनके लिए भी यह हैरान करने वाला समय है। उन्हें भी आपकी जरूरत है।