खुलासा / चीन बना रहा है अपना तीसरा और सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर; सैटेलाइज इमेज से मिली जानकारी



फाइल फोटो। फाइल फोटो।
चीन के निर्माणाधीन एयरक्राफ्ट कैरियर की यह तस्वीर न्यूज एजेंसी ने जारी की है। चीन के निर्माणाधीन एयरक्राफ्ट कैरियर की यह तस्वीर न्यूज एजेंसी ने जारी की है।
X
फाइल फोटो।फाइल फोटो।
चीन के निर्माणाधीन एयरक्राफ्ट कैरियर की यह तस्वीर न्यूज एजेंसी ने जारी की है।चीन के निर्माणाधीन एयरक्राफ्ट कैरियर की यह तस्वीर न्यूज एजेंसी ने जारी की है।

  • इसका निर्माण कार्य शंघाई के करीब जियानगन शिपयार्ड में किया जा रहा है
  • इस एयरक्राफ्ट कैरियर की तस्वीरें ‘सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ यानी सीएसआईएस ने जारी की हैं

Dainik Bhaskar

May 07, 2019, 04:19 PM IST

बीजिंग. एक अमेरिकी थिंक टैंक ने सैटेलाइट इमेज जारी कर दावा किया कि चीन अपना तीसरा और सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर बना रहा है। इसका निर्माण शंघाई के करीब जियानगन शिपयार्ड में किया जा रहा है। चीन सरकार और वहां के सैन्य अधिकारियों से न्यूज एजेंसी ने जब इस खबर पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, पिछले महीने अमेरिकी रक्षा मुख्यालय ने भी इसकी जानकारी दी थी।

 

चीन के इस एयरक्राफ्ट कैरियर की तस्वीरें ‘सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ यानी सीएसआईएस ने जारी की हैं। संस्थान ने कहा है कि चीन के एयरक्राफ्ट निर्माण में पिछले 6 महीने में तेजी से और बेहद गुप्त तरीके से काम हुआ है। पेंटागन ने पिछले महीने खबर की पुष्टि तो की थी लेकिन कहा था कि फिलहाल उनके पास इसकी तस्वीरें उपलब्ध नहीं हैं। सीएसआईएस ने अब यह तस्वीरें जारी कर दावे को मजबूत किया है। 

 

पूर्वी एशिया पर नजर
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह विमान वाहक पोत पूरी तरह से स्वदेशी होगा। इसके जरिए चीन पूर्वी एशिया में अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है। इस मामले में अब तक वो अमेरिका से काफी पीछे रहा है। सैटेलाइट इमेज से साफ होता है कि इस एयरक्राफ्ट कैरियर के सामने वाले हिस्से में 30 मीटर और 41 मीटर के दो सेक्शन बनाए जा रहे हैं और इसके लिए ताकतवर क्रेनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।  

 

अमेरिका से फिर भी पीछे
जानकारी के मुताबिक, इस तरह के कैरियर को 002 टाइप कहा जाता है। अमेरिका के पास फिलहाल 1 लाख टन और फ्रांस के पास 42,500 टन के एयरक्राफ्ट कैरियर हैं। माना जा रहा है कि चीन का यह एयरक्राफ्ट कैरियर अमेरिका से काफी छोटा लेकिन फ्रांस से कुछ बड़ा होगा। पेंटागन ने अपनी पिछली रिपोर्ट में कहा था चीन के इस एयक्राफ्ट कैरियर से विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ में काफी सुधार होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, अभी यह कहना मुश्किल है कि यह एयरक्राफ्ट कैरियर न्युक्लियर पॉवर्ड होगा या नहीं। वैसे, चीन के पास 10 परमाणु पनडुब्बी हैं। 

 

भारत और जापान से आगे होगा चीन
हॉन्गकॉन्ग के रक्षा विशेषज्ञ इयान स्टेरे ने कहा- इसके तैयार होने के बाद चीन एशिया में सबसे आगे हो जाएगा। भारत और जापान भी पीछे हो जाएंगे। दोनों देशों की निर्भरता अमेरिका पर बढ़ जाएगी।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना