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रूस में नीले रंग के हो रहे कुत्ते:केमिकल कचरे और प्रदूषण का असर, 6 साल से बंद पड़ी फैक्ट्री से हाे रहा प्रदूषण

मॉस्को7 महीने पहले
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विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि केमिकल का असर इंसानों पर भी हो सकता है। इसलिए आवारा जानवरों की जांच होनी चाहिए। - Dainik Bhaskar
विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि केमिकल का असर इंसानों पर भी हो सकता है। इसलिए आवारा जानवरों की जांच होनी चाहिए।

अभी तक हमने पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव प्राकृतिक आपदाओं और कई रूपों में देखे हैं। लेकिन रूस के जर्जिस्क में रासायनिक प्रदूषण का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रासायनिक प्रदूषण के कारण आवारा कुत्तों का रंग नीला हो रहा है।

जर्सिस्क में ऑर्गेस्टेकलो कंपनी के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि 6 साल पहले यह फैक्ट्री बंद हो गई थी। इस कंपनी में हाइड्रोसेनिक एसिड और मिथाइल मेथाक्रायलेट (प्लेक्सीग्लास) का बड़ी मात्रा में उत्पादन होता था। कुत्तों के रंग में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में अधिकारी इलाके की जांच करने पहुंच रहे हैं।

इस प्लांट के प्रबंधक एंड्री मिस्लेटिव्स ने कुत्तों की तस्वीरों को फेक बताया है। हालांकि, रसायन विशेषज्ञों ने बताया कि जर्सिस्क में सोवियत संघ के दौर का एक केमिकल प्लांट मौजूद है। यह एक बहुत बड़ी केमिकल प्रोडक्शन फैसिलिटी थी। माना जा रहा है कि इस प्लांट से निकले केमिकल कचरे के चलते जानवरों का रंग नीला हो रहा है।

विशेषज्ञों को डर- केमिकल का असर इंसानों पर भी संभव

विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि केमिकल का असर इंसानों पर भी हो सकता है। इसलिए आवारा जानवरों की जांच होनी चाहिए। उनके बालों का रंग नीला क्यों हुआ, इसका पता लगाना चाहिए।

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