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PAK भी गजब है:पाकिस्तान में पिंकी पीरनी की चर्चा जोरों पर, विपक्ष का आरोप- इमरान इसके इशारे पर ही करते हैं फैसले; फौज भी खफा

2 महीने पहलेलेखक: त्रिदेव शर्मा

10 दिन बाद ही सही, लेकिन पाकिस्तान में ISI के चीफ की नियुक्ति का मसला अब कुछ हद तक सुलझता नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि आर्मी हेडक्वॉर्टर ने प्रधानमंत्री इमरान खान के पास समरी भेज दी है और सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जनरल नदीम अंजुम कुछ दिनों में ISI चीफ बन जाएंगे।

बहरहाल, इन सबके बीच कुछ अजीब खबरें भी फिजा में तैर रही हैं। कहा जा रहा है कि इमरान खान ने ISI चीफ के अपॉइंटमेंट को लेकर आर्मी चीफ से पंगा इसलिए लिया, क्योंकि पिंकी पीरनी ने उन्हें पुराने चीफ जनरल फैज हमीद को ही इस पद पर रखने के लिए कहा था। सवाल ये है कि ये पिंकी पीरनी कौन हैं? मुख्य विपक्षी नेता इशारे में जादू-टोने की बात क्यों कर रही हैं और क्यों इमरान के बड़बोले मिनिस्टर शेख रशीद भी उनका बचाव नहीं कर पा रहे। चलिए, कुछ रोचक बातें जानते हैं।

पहले जानिए कौन हैं पिंकी पीरनी
इमरान की पत्नी बुशरा बीबी को ही पिंकी पीरनी कहा जाता है। पाकिस्तान के सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है कि बिना बुशरा से पूछे इमरान कोई फैसला नहीं लेते। इसकी कई मिसालें भी दी जाती हैं। वहां की मीडिया में भी गाहे-बगाहे इसका जिक्र होता आया है। बुशरा इमरान की तीसरी पत्नी हैं। इसके पहले वो जैमिमा गोल्डस्मिथ और रेहम खान से शादी कर चुके हैं। बुशरा के पहली शादी से पांच बच्चे हैं। हमेशा बुर्के में रहती हैं। हालांकि, इमरान से शादी के पहले के उनके कुछ फोटोज इंटरनेट पर मौजूद हैं। कहा जाता है कि वे टोने-टोटके और अंधविश्वास में गहरा यकीन रखती हैं और इमरान पर इसका असर साफ नजर आता है।

इमरान खान के साथ बुशरा बीबी। यह फोटो लंबे वक्त से सोशल मीडिया पर वायरल है।
इमरान खान के साथ बुशरा बीबी। यह फोटो लंबे वक्त से सोशल मीडिया पर वायरल है।

मरियम का बयान अहम
हाल ही में बुशरा का मामला मुख्य विपक्षी नेता मरियम नवाज ने उठाया। उन्होंने पिंकी पीरनी का नाम लिए बगैर मीडिया से कहा- ये कैसा वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) है जो मुल्क में अहम नियुक्तियों के लिए टोने-टोटके और भूत-प्रेत का सहारा लेता है। ऐसे में अगर पाकिस्तान का दुनिया में तमाशा बन रहा है तो इसमें हैरानी की बात नहीं है। अगर जंतर-मंतर, भूत-प्रेत और जादू-टोना इतना ही कारगर है तो इसे मुल्क की भलाई के इस्तेमाल क्यों नहीं करते?

कुछ दिनों पहले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चीफ बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा था- काश जादू टोने से ही कुछ हो जाता। हमारे मुल्क ने तीन साल में चार फाइनेंस मिनिस्टर देख लिए। पता नहीं इमरान को अब कौन सही रास्ता दिखाने आ रहा है।

बुशरा की यह दूसरी और इमरान की तीसरी शादी है। माना जाता है कि बुशरा जादू टोने पर बहुत ज्यादा यकीन करती हैं।
बुशरा की यह दूसरी और इमरान की तीसरी शादी है। माना जाता है कि बुशरा जादू टोने पर बहुत ज्यादा यकीन करती हैं।

हमारे लिए मुस्कराने की 2 वजहें
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दो खबरों ने सबका ध्यान खींचा। पहली- पिछले हफ्ते जब ISI चीफ की नियुक्ति के मामले पर आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा और इमरान खान में ठनी हुई थी, तब खबर आई कि फौज ने इमरान के बनी गाला स्थित घर पर जाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कहा जाता है कि ये लोग वहां जाकर आर्मी चीफ के लिए टोना-टोटका करते थे।

दूसरी- फौज ने 6 लोगों को जंगल से गिरफ्तार किया। ये लोग कपड़े की गुड़िया में पिनें चुभो रहे थे। कहा जाता है कि ये भी एक तरह का जादू-टोना था और इसे भी बुशरा ही करवा रहीं थीं।

और एक बात, हाल ही में पाकिस्तान के कथित परमाणु बम जनक डॉक्टर अब्दुल कदीर खान का इंतकाल हुआ। सब नमाज-ए-जनाजा में शामिल हुए, लेकिन इमरान नहीं। कहा जाता है कि इमरान पिंकी पीरनी के ही कहने पर कभी किसी जनाजे में शिरकत नहीं करते।

यह फोटो 1997 की है। तब प्रिंसेस डायना लाहौर में इमरान का कैंसर अस्पताल देखने आईं थीं। बीच में खान की पहली पत्नी जेमिमा और गोद में उनका बेटा सुलेमान है।
यह फोटो 1997 की है। तब प्रिंसेस डायना लाहौर में इमरान का कैंसर अस्पताल देखने आईं थीं। बीच में खान की पहली पत्नी जेमिमा और गोद में उनका बेटा सुलेमान है।

मंत्री भी मजबूर और लाचार
दो दिन पहले पाकिस्तान के होम मिनिस्टर शेख रशीद से एक इंटरव्यू में इमरान के जादू-टोने पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने पर सवाल पूछा गया। इस पर बचने की कोशिश करते हुए रशीद ने कहा- ये सब भी तो ऊपर वाले ने ही बनाए हैं। मेरे शहर में कई लोग दरगाहों पर ताबीज और दूसरी चीजें बनवाने जाते हैं। हमारे यहां तो इसकी परंपरा है।

वैसे इमरान ही क्यों, उनके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी तो खुद पेशेवर पीर हैं और दरगाहों पर बाल काटते भी नजर आ चुके हैं। हालांकि, कहा तो ये भी जाता है कि नवाज शरीफ और जरदारी के दौर में भी कुछ हद तक यही होता रहा, लेकिन जितना अब हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ।