UNSC में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव:वोटिंग से दूर रहे भारत और चीन; बाइडेन बोले- NATO अपनी जमीन के 'हर इंच' की रक्षा करेगा

2 महीने पहले

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में पेश किए गए निंदा प्रस्ताव पर मतदान से भारत दूर रहा, जिसमें रूस के अवैध जनमत संग्रह की निंदा की गई है। यह प्रस्ताव अमेरिका और अल्बानिया की तरफ से पेश किया गया था। इस प्रस्ताव के सपोर्ट में 10 देशों ने वोट किया और 4 देश मतदान में शामिल नहीं हुए।

इसके अलावा अमेरिका के प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी है। बाइडेन ने कहा कि नाटो अपनी जमीन के 'हर इंच' की रक्षा करेगा। इसके लिए अमेरिका पूरी तरह से तैयार है।

अमेरिका ने रुसी कब्जे को किया खारिज
अमेरिका ने रूस की तरफ से यूक्रेन के चार शहरों पर कब्जे को भी खारिज किया है। बाइडेन ने कहा कि रूस ने जिन इलाकों को कब्जा किया है, उसे अमेरिका स्वीकार नहीं करेगा। नाटो ने भी रूसी कब्जे को इंटरनेशनल लॉ का उल्लंघन बताया है।

दरअसल, यूक्रेन के 4 शहरों को रूस ने शुक्रवार को अपने इलाके में शामिल कर लिया। ये इलाके डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जपोरिजिया हैं। पुतिन ने इस दौरान कहा कि अगर यूक्रेन उन शहरों को दोबारा कब्जाने की कोशिश करता है तो वो रूस पर हमला माना जाएगा।

अमेरिका ने रूस की तरफ से यूक्रेन के चार शहरों पर कब्जे को भी खारिज किया है। बाइडेन ने कहा कि रूस ने जिन इलाकों को कब्जा किया है, उसे अमेरिका स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिका ने रूस की तरफ से यूक्रेन के चार शहरों पर कब्जे को भी खारिज किया है। बाइडेन ने कहा कि रूस ने जिन इलाकों को कब्जा किया है, उसे अमेरिका स्वीकार नहीं करेगा।

बाइडन बोले- पुतिन से नहीं डरेंगे
बाइडन ने रूस को लेकर कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी पुतिन और उनकी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। पुतिन अपने पड़ोसी देश पर कब्जा नहीं कर सकते उनको उससे दूर रहना चाहिए। हम यूक्रेन को सैन्य उपकरण मुहैया कराना जारी रखेंगे।

यूक्रेन का जनमत संग्रह मानने से इनकार
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि यह रूस के करोड़ों लोगों का सपना था। यूक्रेन के चार हिस्सों में रहने वाले लोगों की भी इच्छा और हक था। रूस ने इन इलाकों में जनमत संग्रह यानी रेफरेंडम कराने के बाद इन्हें अपनी सीमा में शामिल किया है।

यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने रूस की तरफ से किए गए जनमत संग्रह को दिखावटी बताया है। उन्होंने कहा कि वे इसे कभी नहीं मानेंगे। रूस ने बंदूक के नोंक पर लोगों से वोट लिए हैं।

यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने रूस की तरफ से किए गए जनमत संग्रह को दिखावटी बताया है। उन्होंने कहा कि वे इसे कभी नहीं मानेंगे। रूस ने बंदूक के नोंक पर लोगों से वोट लिए हैं।
यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने रूस की तरफ से किए गए जनमत संग्रह को दिखावटी बताया है। उन्होंने कहा कि वे इसे कभी नहीं मानेंगे। रूस ने बंदूक के नोंक पर लोगों से वोट लिए हैं।

यूक्रेन ने नाटो मेंबरशिप के लिए अप्लाई किया
रूस की तरफ से चार इलाके कब्जा करने के बाद यूक्रेन ने नाटो की सदस्यता के लिए आवेदन किया है। जेलेंस्की ने कहा कि हम नाटो में शामिल होने के लिए त्वरित आवेदन कर रहे हैं। हालांकि नाटो में शामिल होने के लिए इसके सभी सदस्य देशों के सपोर्ट की जरूरत होती है।

वहीं नाटो के जनरल सेक्रेटरी जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा है कि नाटो में शामिल होने के यूक्रेन के अनुरोध पर सभी सदस्य निर्णय लेंगे। उन्होंने साफ किया है कि नाटो किसी भी तरह से युद्ध या संघर्ष के पक्ष में नहीं है।

पुतिन ने पश्चिम देशों पर साधा निशाना
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन में एक प्रोग्राम के दौरान पश्चिमी देशों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिमी देशों ने जैसे भारत को लूटा, वैसे ही रूस को भी लूटना चाहते हैं। इतना ही नहीं बल्कि हमारे देश को कमजोर बनाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि मध्य युग में पश्चिम ने भारत और अफ्रीका में लूट की, अमेरिका के लोगों का नरसंहार, चीन के खिलाफ युद्ध किया। कई देशों को ड्रग्स पर निर्भर बनाकर पूरे समूहों का नरसंहार कर दिया। वे जानवरों की तरह लोगों का शिकार करते थे। अब यही चीज रूस के साथ करना चाहते हैं।