ट्रस के इस्तीफे का असर भारत-UK व्यापार पर:भारत अभी नए PM का इंतजार करेगा, इसके बाद आगे बढ़ेगी ट्रेड डील

लंदन/नई दिल्लीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने 20 अक्टूबर को इस्तीफा दे दिया। वो अपने 45 दिन के कार्यकाल के दौरान भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) नहीं करा सकीं। इस पर भारतीय केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता पटरी पर है और भारत वहां हो रहे सियासी बदलाव के खत्म होने का इंतजार करेगा।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा- भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड अग्रीमेंट (FTA) सही दिशा में जा रहा है। हमें देखना होगा कि ब्रिटेन में आगे क्या होता है। क्या वहां लीडरशीप में जल्द बदलाव होता है या पूरी प्रक्रिया चलेगी। ब्रिटेन में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा की कौन पद संभालेगा इसके बाद ही FTA पर आगे बढ़ेंगे।

भारत और ब्रिटेन के बीच दोतरफा व्यापार 4 लाख करोड़ रुपए का है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी।
भारत और ब्रिटेन के बीच दोतरफा व्यापार 4 लाख करोड़ रुपए का है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी।

ट्रस की घोषणा थी...भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दीवाली तक
ट्रस ने वादा किया था कि वे दीवाली तक भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करेंगी। उन्होंने कहा था- मैं इस सौदे में जीवन विज्ञान, टेक्नोलॉजी और कृषि शामिल करने की कोशिश करूंगी। उन्होंने भारत के साथ रक्षा और व्यापार संबंधों को और गहरा करने की बात भी कही थी।

भारत-ब्रिटेन के रिश्ते अहम
भारत के साथ ब्रिटेन के संबंध मजबूत हैं। ब्रिटेन ने 2004 में भारत के साथ एक रणनीतिक साझेदारी शुरू की थी। वह आतंकवाद, परमाणु गतिविधियों, और नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारत के साथ है। ब्रिटेन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UN में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है। इस पर गोयल ने कहा- जो भी सरकार में आएगा वह हमसे बात करना चाहेगा।

उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता निष्पक्ष होने चाहिए। यह समझौता (FTA) दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। जब तक दोनों देश इस समझौते से संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक समझौता नहीं होगा। इसलिए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा, लेकिन मुझे विश्वास है कि ब्रिटेन, कनाडा, यूरोपीस संघ के साथ हमारे FTAकी जल्द ही घोषणा हो सकती है।

ब्रिटेन में हैं 15 लाख भारतवंशी
ब्रिटेन में भारतीय मूल के 15 लाख लोग हैं, जो वहां की GDP में 6% का योगदान देते हैं। ब्रिटेन में करीब 1 लाख भारतीय छात्र पढ़ते हैं। ब्रिटेन और भारत के बीच बीते दो दशक में व्यापार 3 गुना बढ़ा है। बीते साल भारत ने 51,054 करोड़ का आयात किया, जबकि निर्यात 79,000 करोड़ रुपए रहा। सेवा क्षेत्र को मिलाकर कारोबार 3.81 लाख करोड़ रुपए है।

लिज ट्रस बोलीं- वादे पूरे नहीं कर सकी
एक हफ्ते से भारी दबाव का सामना कर रहीं ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने आखिरकार गुरुवार को इस्तीफे का ऐलान कर दिया। हालांकि, वो अगला प्रधानमंत्री चुने जाने तक पद पर बनी रहेंगी। कंजर्वेटिव पार्टी की स्पेशल रूल कमेटी 1922 के चेयरमैन सर ग्राहम ब्रेडी ने लिज से मुलाकात करके उन्हें बताया था कि पार्टी अब उन्हें नेता के तौर पर नहीं देखती।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने अपने सरकारी आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर मीडिया से कहा- मैं जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी, उन्हें पूरा नहीं कर सकी। इसका अफसोस है। पढ़ें पूरी खबर...

कौन बनेगा UK का प्रधानमंत्री?
पूर्व वित्त मंत्री क्वासी वारटेंग और जेरेमी हंट दोनों ही नए पार्टी लीडर की रेस से खुद को बाहर बता चुके हैं। अब सबसे तगड़ा दावा भारतीय मूल के ऋषि सुनक का माना जा सकता है। ‘द गार्डियन’ ने एक रिपोर्ट में कहा था- ब्रिटेन के लोगों और कंजर्वेटिव पार्टी के कई सांसदों की सोच यह है कि सितंबर में सुनक को ही प्रधानमंत्री बनाया जाना था। लिज को गलत चुना गया।​

ट्रस के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद ऋषि ने कहा था- लिज टैक्स कटौती का चुनावी वादा कर रही हैं, यह इकोनॉमी को तबाह कर देगा। ऋषि वाणी सच साबित हुई।​​​​​​ पढ़ें पूरी खबर...