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संयुक्त राष्ट्र / भारत ने मानवाधिकार परिषद का चुनाव जीता, सबसे ज्यादा 188 वोट मिले



संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग के दौरान मौजूद भारतीय राजदूत सैयद अकबरुद्दीन। संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग के दौरान मौजूद भारतीय राजदूत सैयद अकबरुद्दीन।
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संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग के दौरान मौजूद भारतीय राजदूत सैयद अकबरुद्दीन।संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग के दौरान मौजूद भारतीय राजदूत सैयद अकबरुद्दीन।
  • 1 जनवरी 2019 से नए सदस्यों का कार्यकाल शुरू होगा
  • मार्च 2006 में बना था यूएनएचआरसी, इसमें 47 देश शामिल
  • 31 दिसंबर, 2017 को भारत का पिछला कार्यकाल पूरा हुआ था

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 08:04 AM IST

न्यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च मानवाधिकार इकाई संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) का चुनाव भारत ने शुक्रवार को जीत लिया। इसका कार्यकाल 1 जनवरी 2019 से शुरू होगा, जो तीन साल तक चलेगा। एशिया पैसिफिक क्षेत्र में भारत को सबसे ज्यादा 188 वोट मिले। 

संयुक्त राष्ट्र आम सभा के सदस्य करते हैं मतदान

  1. यूएनएचआरसी के चुनाव के लिए संयुक्त राष्ट्र आम सभा के 193 सदस्य गोपनीय रूप से मतदान करते हैं। इसके तहत 18 सदस्य चुने जाते हैं। किसी भी देश को यूएनएचआरसी का सदस्य बनने के लिए कम से कम 97 वोट की जरूरत होती है।

  2. भारत ने एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी सीट पक्की की। इस कैटेगिरी में भारत के अलावा बहरीन, बांग्लादेश, फिजी और फिलिपींस भी हाथ आजमा रहे थे। 

  3. भारतीय राजदूत ने धन्यवाद दिया

    संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन के मुताबिक, यह जीत अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की स्वीकार्यता दिखाती है। जीत के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘एक अच्छे उद्देश्य के लिए वोटिंग। यूएन में हमारे समर्थन के लिए सभी साथियों को धन्यवाद।’’

     

  4. जेनेवा स्थित यूएनएचआरसी में 2011 से 2014 और 2014 से 2017 तक भारत निर्वाचित हो चुका है। भारत का पिछला कार्यकाल 31 दिसंबर 2017 को पूरा हुआ था। यूएन के नियमानुसार, लगातार दो कार्यकाल के तुरंत बाद कोई देश तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकता।

  5. मार्च 2006 में गठित हुए यूएनएचआरसी के 47 देश सदस्य हैं। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इन सदस्यों को पांच क्षेत्रों में बांटा गया है। अफ्रीका में 13 सदस्य, एशिया पैसिफिक में 13 सदस्य, ईस्टर्न यूरोपियन में छह सदस्य, लैटिन अमेरिका और कैरेबिया में 8-8 सदस्य हैं। इनके अलावा वेस्टर्न यूरोपियन और अन्य क्षेत्रों के लिए सात सीटें तय हैं।

  6. ये देश बने नए सदस्य

    चुनाव के बाद अफ्रीका क्षेत्र के नए सदस्य बुर्किना फासो, कैमरून, इरिट्रिया, सोमालिया और टोगो बने हैं। ईस्टर्न यूरोपियन ग्रुप में बुल्गारिया और चेक रिपब्लिक ने जीत दर्ज की। लैटिन अमेरिका और कैरेबिया क्षेत्र में अर्जेंटीना, बहामास और उरुग्वे शामिल हैं। वेस्टर्न यूरोपियन और अन्य राज्यों की कैटेगिरी में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और इटली नए सदस्य बने हैं। 

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