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उपेक्षित लोगों को अधिकार संपन्न बनाने की मुहिम:अमेरिका में भारतवंशी महिला पंडित! ये समानता की पैरोकार, पढ़िए इनकी कहानी

3 महीने पहलेलेखक: एलिक्स स्ट्रास
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हार्लेम स्थित अपने घर में सुषमा द्विवेदी। - Dainik Bhaskar
हार्लेम स्थित अपने घर में सुषमा द्विवेदी।

समलैंगिकों का ध्यान रखने वाली सुषमा द्विवेदी वैवाहिक कारोबार के क्षेत्र में दुर्लभ हैं। वे कहती हैं, अमेरिका में महिला पंडित का मिलना लगभग असंंभव है। मेरी जानकारी में ऐसे दस लोग हैं। इनमें से कोई भी समलैंगिकों और किन्नरों को अपनी सेवाएं नहीं देते हैं। 2016 में मिसेज द्विवेदी ने न्यूयॉर्क में पर्पल पंडित प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। यह समलैंगिकों के लिए विवाह, बच्चे का नामकरण, गृह प्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत जैसी धार्मिक सुविधाएं मुहैया कराता है।

उन्होंने अब तक 33 शादियां कराई हैं जिनमें से लगभग आधी समलैंगिकों की हैं। 40 वर्ष की सुषमा ऑर्गेनिक फूड कंपनी डेली हार्वेस्ट में कम्युनिकेशन और ब्रांड मार्केटिंग की वाइस प्रेसीडेंट हैं। वे कनाडा में पली-बढ़ी हैं और अब हार्लेम में रहती हैं। उनके पति 37 साल के विवेक जिंदल न्यूयॉर्क में वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी- कोर में प्रमुख इन्वेस्टमेंट अधिकारी हैं।

वे बताती हैं, 2013 में मांट्रियल में उनकी शादी हुई। मेरे पति के रिश्तेदार समलैंगिक हैं। स्पष्ट था कि यदि वे किसी से शादी करना चाहेंगे तो विवाह कराने के लिए पंडित नहीं होगा। इस बात ने मुझे कुछ करने के लिए प्रेरित किया। शादी के दो माह बाद मैंने यूनिवर्सिल लाइफ चर्च से ऑनलाइन धार्मिक रीति-रिवाज सीखे।