पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अफगानिस्तान में मारे गए दानिश की 15 बेस्ट फोटोज:रोहिंग्या और कोरोना की दूसरी लहर के दौरान फोटो जर्नलिस्ट दानिश की तस्वीरों से दुनिया ने सच्चाई देखी

काबुल2 महीने पहले

भारतीय फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की अफगानिस्तान स्पेशल फोर्सेस और तालिबानियों के बीच झड़प में मौत हो गई। वे पिछले कई दिनों से कंधार के स्पिन बोल्डक जिले में इस संघर्ष को कवर कर रहे थे। दानिश 2010 में रॉयटर्स से फोटो जर्नलिस्ट के तौर पर जुड़े। 11 साल के करियर में उन्होंने चुनौती भरे प्रोजेक्ट में हिस्सा लिया और 2018 में उन्हें रोहिंग्या रिफ्यूजी समस्या के दौरान खींची गई तस्वीरों के लिए पुलित्जर से नवाजा गया।

हाल ही में दानिश ने दिल्ली में हुए दंगे, लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों के पलायन और कोरोना की दूसरी लहर के दौरान नदियों के किनारे लाशें दफनाए जाने की तस्वीरें भी खींची और इन तस्वीरों ने देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

दानिश की आखिरी कवरेज की तस्वीरें 13 जुलाई को सामने आई थीं। तब वे अफगानिस्तान में तालिबानियों के कब्जे वाले इलाके में स्पेशल फोर्सेस के संघर्ष को कवर कर रहे थे। उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया था, इसमें दानिश अफगान स्पेशल फोर्सेस की गाड़ी में बैठे थे और उनका कैमरा ऑन था। इसी दौरान तालिबानियों ने रॉकेट लॉन्चर से गाड़ी पर हमला किया। दानिश जिस गाड़ी में थे, वो बच गई लेकिन बाकी 3 गाड़ियां तबाह हो गईं। देखिए फोटो जर्नलिस्ट दानिश की टॉप 15 तस्वीरें...

दानिश ने 2017 में इराक में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ सेना के अभियान को भी कवर किया था। इस दौरान उन्होंने जंग में भारी जोखिम वाले इलाकों में जाकर फोटो ली थीं। (फोटो-रॉयटर्स)
दानिश ने 2017 में इराक में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ सेना के अभियान को भी कवर किया था। इस दौरान उन्होंने जंग में भारी जोखिम वाले इलाकों में जाकर फोटो ली थीं। (फोटो-रॉयटर्स)
दानिश सिद्दीकी ने कंधार में यह तस्वीर पिछले महीने 13 जुलाई को ली थी। इसे ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा था- अफगान स्पेशल फोर्स देश भर में तैनात है। मैं इन जवानों के साथ कुछ मिशनों पर था। (फोटो- रॉयटर्स)
दानिश सिद्दीकी ने कंधार में यह तस्वीर पिछले महीने 13 जुलाई को ली थी। इसे ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा था- अफगान स्पेशल फोर्स देश भर में तैनात है। मैं इन जवानों के साथ कुछ मिशनों पर था। (फोटो- रॉयटर्स)
इस फोटो के साथ दानिश ने लिखा कि अफगान बलों ने खतरे में घिरे लोगों को बचाने का मिशन पूरा किया। इनमें ही एक यह लड़का भी था। मिशन पूरा होने के बाद भी हमले जारी रहे। (फोटो- रॉयटर्स)
इस फोटो के साथ दानिश ने लिखा कि अफगान बलों ने खतरे में घिरे लोगों को बचाने का मिशन पूरा किया। इनमें ही एक यह लड़का भी था। मिशन पूरा होने के बाद भी हमले जारी रहे। (फोटो- रॉयटर्स)
तालिबान ने सेना के काफिले पर हमला किया, जिसमें 3 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। गोलीबारी के बीच लड़ाकों को देख पाना भी मुश्किल था। इस कैप्शन के साथ उन्होंने 3 तस्वीरें शेयर की थीं। (फोटो- रॉयटर्स)
तालिबान ने सेना के काफिले पर हमला किया, जिसमें 3 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। गोलीबारी के बीच लड़ाकों को देख पाना भी मुश्किल था। इस कैप्शन के साथ उन्होंने 3 तस्वीरें शेयर की थीं। (फोटो- रॉयटर्स)
यह तस्वीर यूपी में गंगा नदी के किनारे की है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब दानिश की खींची ये तस्वीर जब सामने आई तो लोग भारत के भयावह हालात से वाकिफ हुए। (फोटो- रॉयटर्स)
यह तस्वीर यूपी में गंगा नदी के किनारे की है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब दानिश की खींची ये तस्वीर जब सामने आई तो लोग भारत के भयावह हालात से वाकिफ हुए। (फोटो- रॉयटर्स)
यह तस्वीर राजधानी दिल्ली की है। कोरोना की दूसरी लहर की पीक के दौरान जलती चिताओं की इस तस्वीर ने लोगों हिलाकर रख दिया था। (फोटो- रॉयटर्स)
यह तस्वीर राजधानी दिल्ली की है। कोरोना की दूसरी लहर की पीक के दौरान जलती चिताओं की इस तस्वीर ने लोगों हिलाकर रख दिया था। (फोटो- रॉयटर्स)
दानिश ने यह फोटो पिछले साल अप्रैल में ली थी। इसमें एक हेल्थ वर्कर CRPF ऑफिसर को दफनाने के बाद इस तरह रिएक्ट कर रहा है। ऑफिसर की मौत कोरोना के कारण हुई थी। (फोटो- रॉयटर्स)
दानिश ने यह फोटो पिछले साल अप्रैल में ली थी। इसमें एक हेल्थ वर्कर CRPF ऑफिसर को दफनाने के बाद इस तरह रिएक्ट कर रहा है। ऑफिसर की मौत कोरोना के कारण हुई थी। (फोटो- रॉयटर्स)
यह फोटो 10 जुलाई 2020 की है। पीपीई किट पहले एक हेल्थकेयर वर्कर कोरोना टेस्ट के लिए लोगों के सैंपल लेने के दौरान सुस्ता रहा है। तब देश में कोरोना के मामले बढ़ना शुरू हुए थे।
यह फोटो 10 जुलाई 2020 की है। पीपीई किट पहले एक हेल्थकेयर वर्कर कोरोना टेस्ट के लिए लोगों के सैंपल लेने के दौरान सुस्ता रहा है। तब देश में कोरोना के मामले बढ़ना शुरू हुए थे।
भारत में जब कोरोना के दौरान पहला लॉकडाउन लगा तो दानिश ने प्रवासियों के पलायन को अपने कैमरे में कैद किया। इस दौरान खींची गई कई तस्वीरें प्रवासियों के दर्द का जीवंत गवाह बन गईं। (फोटो- रॉयटर्स)
भारत में जब कोरोना के दौरान पहला लॉकडाउन लगा तो दानिश ने प्रवासियों के पलायन को अपने कैमरे में कैद किया। इस दौरान खींची गई कई तस्वीरें प्रवासियों के दर्द का जीवंत गवाह बन गईं। (फोटो- रॉयटर्स)
यह फोटो नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के दौरान दिल्ली में हुए दंगों का है। इसमें भीड़ ने 37 साल के मोहम्मद जुबैर को घेरकर हमला कर दिया था। (फोटो- रॉयटर्स)
यह फोटो नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के दौरान दिल्ली में हुए दंगों का है। इसमें भीड़ ने 37 साल के मोहम्मद जुबैर को घेरकर हमला कर दिया था। (फोटो- रॉयटर्स)
शाहीन बाग में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग करने वाले गोपाल गुर्जर की यह फोटो दानिश ने खींची थी। इस फोटो ने उस वक्त राजधानी दिल्ली का बिगड़ा माहौल दिखाया था। (फोटो- रॉयटर्स)
शाहीन बाग में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग करने वाले गोपाल गुर्जर की यह फोटो दानिश ने खींची थी। इस फोटो ने उस वक्त राजधानी दिल्ली का बिगड़ा माहौल दिखाया था। (फोटो- रॉयटर्स)
देश में नए कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन को भी दानिश ने कवर किया। इस दौरान उन्होंने संघर्ष और हिंसा की भी तस्वीरें खींचीं। (फोटो- रॉयटर्स)
देश में नए कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन को भी दानिश ने कवर किया। इस दौरान उन्होंने संघर्ष और हिंसा की भी तस्वीरें खींचीं। (फोटो- रॉयटर्स)
रोहिंग्या शरणार्थियों की समस्या पर दानिश अपनी टीम के साथ मुश्किल हालात में कवरेज पर गए थे। इसी प्रोजेक्ट के दौरान खींची गई तस्वीरों के लिए उन्हें पुलित्जर अवॉर्ड दिया गया था। (फोटो- रॉयटर्स)
रोहिंग्या शरणार्थियों की समस्या पर दानिश अपनी टीम के साथ मुश्किल हालात में कवरेज पर गए थे। इसी प्रोजेक्ट के दौरान खींची गई तस्वीरों के लिए उन्हें पुलित्जर अवॉर्ड दिया गया था। (फोटो- रॉयटर्स)
दानिश ने रोहिंग्या समस्या को बहुत मजबूत ढंग से दुनिया के सामने रखा। ये फोटो 8 सितंबर, 2017 को ली गई थी। इसमें म्यांमार सीमा पार कर बांग्लादेश आए रोहिंग्या शरणार्थी दिख रहे हैं। (फोटो- रॉयटर्स)
दानिश ने रोहिंग्या समस्या को बहुत मजबूत ढंग से दुनिया के सामने रखा। ये फोटो 8 सितंबर, 2017 को ली गई थी। इसमें म्यांमार सीमा पार कर बांग्लादेश आए रोहिंग्या शरणार्थी दिख रहे हैं। (फोटो- रॉयटर्स)

आखिर में दानिश की अपनी फोटो...

दानिश की यह फोटो अफगानिस्तान के कंधार में ली गई थी। इसे उन्होंने 13 जुलाई को सोशल मीडिया पर शेयर किया था। दानिश ने लिखा था- 15 घंटे के मिशन के बाद 15 मिनट का ब्रेक ले रहा हूं। (फोटो- रॉयटर्स)
दानिश की यह फोटो अफगानिस्तान के कंधार में ली गई थी। इसे उन्होंने 13 जुलाई को सोशल मीडिया पर शेयर किया था। दानिश ने लिखा था- 15 घंटे के मिशन के बाद 15 मिनट का ब्रेक ले रहा हूं। (फोटो- रॉयटर्स)
खबरें और भी हैं...