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UNSC में भारत की दो टूक:पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा- एक पड़ोसी न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया में आतंकियों की मदद कर रहा

न्यूयॉर्क4 महीने पहले
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यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग में भारत के प्रतिनिधी नागराज नायडू ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे भारत में आतंकवाद फैलाने का जिम्मेदार करार दिया और सदस्य देशों के सामने इसके सबूत भी रखे। (फाइल) - Dainik Bhaskar
यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग में भारत के प्रतिनिधी नागराज नायडू ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे भारत में आतंकवाद फैलाने का जिम्मेदार करार दिया और सदस्य देशों के सामने इसके सबूत भी रखे। (फाइल)

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक देश बताया। यहां भारत के डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटटेटिव के नागराज नायडू ने पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया, लेकिन साफ कर दिया कि हमारा एक पड़ोसी देश न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर में आतंकवादियों को पनाह और मदद मुहैया कर रहा है। भारतीय प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि आतंकवाद को पड़ोसी देश की सरकार का भी समर्थन हासिल है।

सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग में नागराज ने कहा- भारत कई दशकों से प्रॉक्सी वॉर और क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म का सामना कर रहा है। वहां की सरकार आतंकवाद का खुलेआम समर्थन करती है और दहशतगर्दी को मदद मुहैया कराती है। इन आतंकियों के ट्रेनिंग, फंडिंग, खुफिया जानकारी और हथियार दिए जाते हैं, ताकि वे हमारे देश में हिंसा फैला सकें।

नायडू ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा- कुछ देश भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर छेड़े हुए हैं। ये देश आतंकवादी गुटों को हर तरह की मदद और पैसा देते हैं। दुनिया के सभी देशों को इस तरह के मुल्कों का मिलकर सामना करना होगा। यह सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि आतंकवाद के खिलाफ हम मिलकर जंग लड़ें।

बयान की टाइमिंग अहम
पेरिस में इस वक्त फाइनेंशियल टास्क फोर्स, यानी FATF की मीटिंग चल रही है। इसमें पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में रहने या ब्लैक लिस्ट होने पर आज ही फैसला आने की उम्मीद है। इसके पहले सिक्योरिटी काउंसिल में पाकिस्तान के खिलाफ बयान और सबूत देकर भारत ने साबित कर दिया है कि आतंकवाद कितनी गंभीर समस्या है और इसको रोकने के लिए पाकिस्तान सरकार ने अब तक कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की है। अगर पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में ही बना रहता है तो भी उसके लिए परेशानियां काफी बढ़ जाएंगी। अगर वो ब्लैक लिस्ट होता है तो उस पर दिवालिया होने का खतरा मंडराने लगेगा। पाकिस्तान दो साल से ग्रे लिस्ट में है।