अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट 2021:अमेरिका का दावा- भारत में अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े, UP और कर्नाटक सरकार पर उठाए सवाल

वॉशिंगटन8 महीने पहले

अमेरिका ने साल 2021 के लिए कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम यानी USCIRF की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में भारत के अल्पसंख्यकों की धार्मिक आजादी को लेकर चिंता जाहिर की गई है। साथ ही UP और कर्नाटक सरकार के कुछ फैसलों पर सवाल खड़े किए गए हैं।

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी इस रिपोर्ट के हवाले से भारत की धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बयान दिया है। ब्लिंकन का कहना है कि भारत में धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं। इसी के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान में भी अल्पसंख्यकों और महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

भारत को लेकर अमेरिका का बयान
विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका हमेशा धार्मिक स्वतंत्रता के सपोर्ट में खड़ा रहेगा। हमारा काम है कि दुनिया भर के लोगों को धर्म की स्वतंत्रता का पूरा अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि साल भर की USCIRF रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता कैसी है और कौन सा धर्म कहां खतरे में है, इसको लेकर पूरी जानकारी दी गई है।

ब्लिंकन ने आगे कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत है और यहां कई धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं, लेकिन यहां लगातार पूजा स्थलों और अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं।

रिपोर्ट में UP और कर्नाटक का जिक्र
कर्नाटक सरकार पर सवाल:
USCIRF रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्नाटक सरकार ने राज्य भर में चर्चों और पादरियों का सर्वे करने का आदेश दिया था। पुलिस को एक आदेश दिया गया था कि ईसाई धर्म को अपनाने वाले हिंदुओं को खोजने के लिए घर-घर जाकर जांच करें। रिपोर्ट में इस फैसले को धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया गया है।

UP सरकार और सवाल:
UP के CM योगी आदित्यनाथ ने NSA लागू करने की वार्निंग दी थी। NSA से किसी भी ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लेने की परमिशन देता है, जो राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। इसके बाद CM ने 500 से अधिक अफसरों की टीम बनाई गई, जिसका मकसद धर्म परिवर्तन की गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ना था। रिपोर्ट में बताया गया कि ऐसे फैसलों से लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता का हनन होता है।

पाकिस्तान और चीन की धार्मिक स्वतंत्रता पर खड़े किए सवाल
अमरीकी विदेश मंत्री ने चीन और पाकिस्तान को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चीन में जो भी कम्युनिस्ट पार्टी के सिद्धांत से नहीं चलता है, उसके लिए समस्या पैदा की जाती है। चीन में बौद्ध, ईसाई और मुसलमान के पूजा घर नष्ट किए जा रहे हैं। इन धर्मों के लोगों को आसानी से जॉब नहीं मिलता है।

ब्लिंकन ने कहा कि वहीं, पाकिस्तान में 2021 में कई अदालतों ने 16 लोगों को ईशनिंदा के जुर्म में मौत की सजा सुनाई है। हालांकि, अभी तक इनमें से किसी की भी सजा पर अमल नहीं हुआ है।