जिब्राल्टर / ईरान ने दो महीने पहले स्ट्रेट ऑफ होरमुज से जब्त किए ब्रिटिश तेल टैंकर को छोड़ा



ब्रिटिश जहाज कंपनी स्टेना बल्क का तेल टैंकर। (फाइल फोटो) ब्रिटिश जहाज कंपनी स्टेना बल्क का तेल टैंकर। (फाइल फोटो)
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ब्रिटिश जहाज कंपनी स्टेना बल्क का तेल टैंकर। (फाइल फोटो)ब्रिटिश जहाज कंपनी स्टेना बल्क का तेल टैंकर। (फाइल फोटो)

  • ईरान के पोत ग्रेस 1 को पकड़ने के बाद उसने भी 19 जुलाई को ब्रिटिश जहाज ‘स्टेना इम्पेरो’ को जब्त कर लिया था
  • ईरान के अधिकारी बोले- भले ही पोत को छोड़ने की अनुमति दी गई हो, पर कोर्ट में कानूनी कार्रवाई चलती रहेगी

Dainik Bhaskar

Sep 23, 2019, 11:57 AM IST

तेहरान. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज से करीब दो महीने पहले समुद्री सीमा के उल्लंघन के आरोप में जब्त किए ब्रिटिश टैंकर स्टेना इम्पेरो को रविवार को छोड़ दिया। ईरान के होरमोजगन मैरीटाइम एंड पोर्ट्स के मैनेजर अल्लाहमोराद अफीफीपोर ने टैंकर को छोड़ने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह पोत ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट से अंतरराष्ट्रीय समद्री सीमा में छोड़ा जाएगा।

 

अफीफीपोर ने कहा कि भले टैंकर को छोड़ने की अनुमति दी गई हो, लेकिन नियम के उल्लंघन के लिए कानूनी डोजियर अभी भी ईरान की अदालत में खुला है। ईरान के टैंकर को जिब्राल्टर से पकड़े जाने के दो सप्ताह बाद 19 जुलाई को उसने भी स्ट्रेट ऑफ होरमुज से होकर जा रहे ब्रिटिश टैंकर को जब्त कर लिया था।

 

ईरान ने इसी महीने 7 भारतीयों को रिहा किया था

ईरान ने इसी महीने टैंकर पर सवार सात भारतीयों को भी छोड़ा था। इससे पहले, 15 अगस्त को भी तेल टैंकर पर सवार एक भारतीय कैप्टन समेत चार क्रू मेंबर्स को रिहा किया गया था। पोत को जब जब्त किया गया था, उस समय जहाज पर 18 भारतीय क्रू सदस्यों समेत कुल 23 लोग सवार थे। हालांकि ईरान के अधिकारियों ने ब्रिटिश स्टेना इम्पेरो और ईरानी पोत ग्रेस वन के बीच किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया है। ग्रेस 1 जिसे एड्रियन दरया 1 भी कहा जाता है, को जिब्राल्टर के अधिकारियों ने 16 अगस्त को रिहा कर दिया था।

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