न्यूक्लियर डील / ईरान की धमकी- 60 दिन में तय हो नया समझौता वर्ना बढ़ाते रहेंगे परमाणु क्षमता

X

  • 2015 के परमाणु समझौते के तहत ईरान यूरेनियम का इस्तेमाल सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र के लिए कर सकता है
  • इस समझौते में तब अमेरिका के साथ फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, चीन और रूस जुड़े थे
  • पिछले साल अमेरिका के समझौते से बाहर होने के बाद ईरान ने परमाणु ताकत बढ़ाने की चेतावनी दी थी

May 08, 2019, 12:44 PM IST

तेहरान. ईरान ने ऐलान किया है कि वह अब 2015 में हुए परमाणु समझौते की कुछ शर्तों को नहीं मानेगा। राष्ट्रपति हसन रुहानी ने समझौते में शामिल देशों से कहा है कि वह डील बचाए रखने के लिए 60 दिनों में शर्तें तैयार कर लें, वर्ना ईरान अपने यूरेनियम का संवर्द्धन जारी रखेगा। 

रूहानी ने 5 अलग-अलग देशों के राजनायिकों को पत्र जारी कर कहा कि जब तक नया समझौता नहीं हो जाता तब तक वह अपना रिफाइन किया हुआ यूरेनियम साथ रखेंगे। 


ईरान ने 2015 में 6 देशों के साथ परमाणु समझौता किया था। इसमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, रूस और चीन भी शामिल थे। डील की शर्तों के तहत ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था। इसके बदले में उसे अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधों में छूट मिली थी। हालांकि, पिछले साल ही ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिका के समझौते से अलग होने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद ईरान भी परमाणु क्षमता बढ़ाने की धमकी दे रहा है। 


अमेरिका का दावा- ईरान जल्द परमाणु हथियार बनाएगा
ट्रम्प प्रशासन ने कुछ ही दिन पहले ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। अमेरिका का मानना है कि ईरान के नाटांज और फोर्डो में यूरेनियम से ऊर्जा बनाई जाती है। ईरान यहां जल्द ही परमाणु हथियार बनाने की क्षमता विकसित कर लेगा। भले ही वह समझौते की शर्तों का पालन करे। ईरान के पास यूरेनियम के रासायनिक कणों को अलग करने की करीब 5100 मशीनें हैं। ईरान सैंकड़ों किलोग्राम लो-ग्रेड यूरेनियम अमेरिका के प्रतिद्वंद्वी रूस को भेज चुका है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना