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कबूलनामा / प्लेन क्रैश के तीन दिन बाद ईरान ने कहा- हमें माफ करें, यूक्रेन के यात्री विमान पर हमारी सेना ने गलती से मिसाइल दागी थी

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  • ईरान की सेना ने कहा- विमान एक निश्चित ऊंचाई पर संवेदनशील सैन्य क्षेत्र के ऊपर उड़ रहा था
  • यूक्रेन एयरलाइंस का बोइंग 737-800 विमान 8 जनवरी को क्रैश हुआ था, 176 लोग मारे गए थे
  • अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने भी दावा किया था कि विमान पर ईरान ने 2 मिसाइलें दागी थीं

दैनिक भास्कर

Jan 12, 2020, 08:03 AM IST

तेहरान. ईरान ने शनिवार को कबूला कि उसकी सेना ने गलती से यूक्रेन के यात्री विमान को निशाना बना दिया। सरकार की तरफ से जारी बयान में इसे इंसानी भूल (ह्यूमन एरर) बताया गया। इससे पहले ईरान ने हादसे के दो दिन बाद तक विमान पर मिसाइल से टकराने की बात से इनकार किया। गुरुवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि विमान ईरान की मिसाइल टकराने से ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ। ईरान ने पहले दोनों नेताओं से इन दावों के सबूत सौंपने के लिए कहा, शनिवार को आखिरकार ईरानी सरकार ने गलती कबूल ली। यूक्रेन का विमान 8 जनवरी को दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इसमें 176 लोग मारे गए थे। 

मृतकों में सबसे ज्यादा ईरान के 82 और कनाडा के 63 लोग थे।

ईरानी सेना ने कहा-  विमान एक चक्कर लगाने के बाद रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स के बेस के काफी करीब उड़ रहा था। ऐसे में इसकी उड़ने का ढंग और ऊंचाई देखकर यह दुश्मन टारगेट के तौर पर चिन्हित हो गया। इन स्थितियों में मानवीय गलती की वजह से विमान पर मिसाइल दागी गईं। ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने दुर्घटना के लिए अमेरिका को भी जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “यह अमेरिका के दुस्साहस की वजह से हुआ। सेना ने बयान में कहा है कि उसे अमेरिका की तरफ से संवेदनशील रक्षा क्षेत्रों और अन्य ठिकानों पर हमले की जानकारी मिली थी। इसकी वजह से हमारी एंटी-एयरक्राफ्ट यूनिट्स ने ज्यादा संवेदनशील तरीका अपनाया। 

ईरान के राष्ट्रपति बोले- जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने सेना के कबूलनामे के बाद ट्वीट में कहा, “सेना की आतंरिक जांच में सामने आया है कि मानवीय भूल के चलते मिसाइल हमले में यूक्रेन का विमान क्रैश हुआ और 176 लोगों की मौत हुई। इस बड़ी त्रासदी और अक्षम्य घटना के जिम्मेदारों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए जांच जारी रहेगी। ईरान इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख व्यक्त करता है। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदना।

जॉनसन और ट्रूडो ने क्या कहा था? 
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा कि उन्हें जो जानकारी मिली है, उससे पता चलता है कि यूक्रेन एयरलाइन का विमान तेहरान से टेकऑफ करने के ठीक बाद किसी जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से टकराकर गिरा था। 


दूसरी तरफ ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जाॅनसन ने भी कहा कि इस बात के कई सबूत हैं कि यूक्रेन एयरलाइन का विमान ईरान की एक सर्फेस-टू-एयर मिसाइल लगने से गिर गया। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि यह गलती से हुआ हो।

वीडियो वायरल होने के बाद मिसाइल लगने की बात सामने आई

ट्रूडो और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के दावे के ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें यूक्रेन के विमान को मिसाइल से टकराने के बाद आग के गोले में बदलते देखा जा सकता है। विमान बोइंग 737-800 उड़ान भरने के 3 मिनट बाद ही इमाम खोमैनी एयरपोर्ट से कुछ ही दूरी पर गिर गया था। मृतकों में 63 कनाडाई नागरिक शामिल थे। इसके अलावा 82 ईरानी, 11 यूक्रेनी, 10 स्वीडिश और जर्मनी-ब्रिटेन के 3-3 नागरिक भी दुर्घटना में मारे गए थे। 

अमेरिका ने कहा था- रूस में बनी दो मिसाइलें लगने से गिरा विमान

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को अफसरों के साथ बैठक में आशंका जताई थी कि यूक्रेन का बोइंग-737 ईरानी मिसाइल लगने से ही गिरा है। बैठक में अधिकारियों ने कहा था कि ईरान ने गलती से यात्री विमान पर रूस में बनी दो मिसाइलों से हमला किया।  

विमान को मिसाइल लगने की बात बेतुकी

अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के इन दावों को ईरान ने पहले नकार दिया था। राष्ट्रपति रूहानी की सरकार ने कहा था कि विमान पर मिसाइल लगने की बात बेतुकी है, क्योंकि उस वक्त कई अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान उसी हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे थे। ईरान का आरोप था कि यह रिपोर्ट्स मीडिया में उसके खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध छेड़ने के लिए चलाई गई हैं। 

यूक्रेन एयरलाइंस का दावा था- हादसा तकनीकी खराबी से नहीं हुआ

यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस (यूआईए) ने हादसे के ठीक बाद ही इसके पीछे तकनीकी खामी को वजह मानने से इनकार कर दिया था। पायलटों के पास किसी भी आपातकालीन चुनौती से निपटने की क्षमता थी। हमारे रिकॉर्ड्स बताते हैं कि विमान 2400 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। क्रू के अनुभव के लिहाज से गड़बड़ी काफी छोटी रही होगी। हम तो उसे महज इत्तेफाक भी नहीं मान सकते।”

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