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जर्मनी / ईरान के विदेश मंत्री ने कहा-अमेरिका ने जनरल सुलेमानी के बारे में गलत अंदाजा लगाया, वे शहीद होने के बाद भी असरदार

ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ फिलहाल जर्मनी के दौरे पर हैं। (फाइल फोटो) ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ फिलहाल जर्मनी के दौरे पर हैं। (फाइल फोटो)
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ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ फिलहाल जर्मनी के दौरे पर हैं। (फाइल फोटो)ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ फिलहाल जर्मनी के दौरे पर हैं। (फाइल फोटो)

  • जवाद जरीफ ने कहा- सुलेमानी के शहीद होने के बाद ईरान में अमेरिकी सैनिकों का विरोध बढ़ा
  • अमेरिका का दावा- ईरान के साथ हालात सामान्य हो रहे, संयुक्त ऑपरेशन और प्रशिक्षण शुरू करेंगे

दैनिक भास्कर

Feb 15, 2020, 10:18 AM IST

म्युनिख. ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा है कि अमेरिका ने जनरल कासिम सुलेमानी के बारे में गलत अंदाजा लगा लिया था। जरीफ ने कहा कि सुलेमानी शहीद होने के बाद भी असरदार है। उनकी मौत के बाद ईरान में अमेरिकी सैनिकों का विरोध बढ़ा है। जरीफ ने शनिवार को म्युनिख सुरक्षा सम्मेलन से पहले यह बातें कहीं। इस सम्मेलन में वह यूरोपियन यूनियन से ईरान के न्यूक्लियर डील पर बात करेंगे। इस बीच अमेरिका ने ईरान के साथ अपने रिश्ते सामान्य होने का दावा किया है।

अमेरिका ने ईरान के कुद्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी को 3 जनवरी को ड्रोन हमले में मार गिराया था। सुलेमानी पर बगदाद एयरपोर्ट के बाहर हमला किया गया था। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया था।

ईरान के साथ हालात सामान्य हो रहे: अमेरिका

अमेरिका ने कहा है कि सुलेमानी की हत्या के बाद एक फिर से ईरान के साथ संयुक्त ऑपरेशन सामान्य हो रहे हैं। अमेरिका प्रशासन के एक अधिकारी ने शुक्रवार को इसका दावा किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरी तरह से नहीं जानता, हालांकि जैसी मुझे जानकारी दी गई है, हम आज या कल से संयुक्त ऑपरेशन और प्रशिक्षण पूरी तरह शुरू करेंगे। हम बहुत जल्द सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं।’’अमेरिका ने कहा कि सुलेमानी की मौत के बाद ईराक और सीरिया में संयुक्त मिशन को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। सुलेमानी पूरे मध्य पूर्व में काफी प्रभाव रखता था। वह इस मिशन में बाधा पहुंचाने में जीनियस था।

ईरान के संसद में अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था

सुलेमानी के हमले के बाद ईरान के संसद में सभी अमेरिकी सैनिकों को देश से बाहर भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद  ईरान ने इराक स्थित अमेरिका के 2 मिलिट्री बेसों पर 22 मिसाइलें भी दागीं थीं। इनमें ऐन अल-असद और इरबिल बेस शामिल थे। खाड़ी के 20 देशों में अमेरिका के करीब 70 हजार सैनिक और 100 सैन्य बेस हैं। ऐसे में अमेरिका भी हालात सामान्य करने में जुटा था। 9 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया ब्रीफिंग में ईरान पर किसी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करने का संदेश दिया था।

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