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इजराइली PM की दो टूक:नफ्ताली बेनेट बोले- ईरान को एटमी हथियार नहीं बनाने देंगे, दुनिया उससे क्या डील करती है, हमें मतलब नहीं

यरुशलम5 दिन पहले

इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने साफ कर दिया है कि उनका देश किसी भी सूरत में ईरान को एटमी ताकत नहीं बनने देगा। बेनेट का बयान एक तरह से अमेरिका को भी संकेत है कि अगर वो ईरान के साथ किसी भी तरह की एटमी डील करता है तो वो इजराइल को मंजूर नहीं होगी। बेनेट ने पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी तंज कसा। कहा- हमारे देश के नेता 2015 में अमेरिका और ईरान के एटमी समझौते के बाद एक तरह से नींद पूरी करने चले गए थे।

किसी डील को मानने के लिए मजबूर नहीं
जून में सत्ता संभालने वाले बेनेट को कट्टरपंथी यहूदी माना जाता है। मंगलवार को एक प्रोग्राम में उन्होंने ईरान के एटमी प्रोग्राम को लेकर पहली बार बहुत सख्त रुख दिखाया। इस दौरान अमेरिका को बिना नाम लिए वॉर्निंग भी दी। इतना ही नहीं पूर्व सरकार और PM नेतन्याहू को भी घेरे में लिया।

बेनेट ने कहा- अगर दुनिया ईरान के साथ उसका एटमी प्रोग्राम रोकने के लिए कोई डील करती है तो जरूरी नहीं कि इजराइल इसका समर्थन करे। 2015 में हमसे जो गलती हुई थी, उसे दोहराया नहीं जाएगा। हमें आशंका है कि इजराइल किसी डील को नहीं मानेगा। इजराइल को ये भी लगता है कि ईरान एटमी हथियार बनाने के बहुत करीब पहुंच चुका है।

इजराइली PM ने पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी तंज कसा। कहा- हमारे देश के नेता 2015 में अमेरिका-ईरान के एटमी समझौते के बाद एक तरह से नींद पूरी करने चले गए थे।
इजराइली PM ने पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी तंज कसा। कहा- हमारे देश के नेता 2015 में अमेरिका-ईरान के एटमी समझौते के बाद एक तरह से नींद पूरी करने चले गए थे।

बदल गया रुख
प्रधानमंत्री बनने के बाद बेनेट ने ईरान को लेकर इतना सख्त रवैया नहीं दिखाया था। तब उन्होंने कहा था- अगर ईरान के एटमी हथियार प्रोग्राम को रोकने के लिए कोई डील होती है तो इजराइल भी साथ देगा, लेकिन मंगलवार को वो इससे मुकर गए। इसका एक मतलब यह भी है कि ईरान को लेकर शायद अमेरिका और इजराइल की सोच अलग होती जा रही है। बेनेट ने इसे कबूल भी किया और कहा- यह मुश्किल वक्त है। मुमकिन है कि इस वक्त हमारे करीबी दोस्तों से भी मतभेद हो जाएं। यह तय है कि इजराइल किसी भी डील का हिस्सा नहीं बनेगा।

बयान के मायने समझिए
बेनेट के बयान का अर्थ समझने से पहले इसका एक हिस्सा और जानना चाहिए। उन्होंने कहा- तेहरान में सुकून से बैठे लोग इजराइल पर छोटे-छोटे हमले करा रहे हैं। ये तरीका काम नहीं आएगा, लेकिन ईरान हमारी सोच से कहीं ज्यादा खतरनाक है।

कुल मिलाकर लंबी चुप्पी के बाद इजराइली प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि दुनिया साथ हो या न हो, खासतौर पर अमेरिका साथ नहीं भी देता है तो भी इजराइल हर कीमत पर ईरान को एटमी हथियार बनाने से रोकेगा। इसके लिए वो किसी करार या डील को नहीं मानेगा। उनके इरादे मजबूत नजर आ रहे हैं और इसका सीधा सा मतलब है कि इस मुद्दे पर ईरान-इजराइल जंग किसी भी वक्त छिड़ सकती है।