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इजराइल- फिलीस्तीन जंग का नतीजा:गाजा पट्टी के करीब 11 लाख लोगों के पास पीने का पानी और बिजली नहीं, कई स्कूल जमींदोज - अब 6 लाख बच्चे एजुकेशन से दूर

तेल अवीव/गाजा सिटीएक महीने पहले

इजराइल और फिलीस्तीनी संगठन हमास (इजराइल इसे आतंकी संगठन बताता है) की जंग का 9वां दिन है। जंग का खामियाजा दोनों पक्षों को उठाना पड़ा है, लेकिन हमास के कब्जे वाले गाजा पट्टी इलाके में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। यहां की आबादी करीब 21 लाख है। इसमें से 11 लाख लोगों के पास अब पीने का पानी, टॉयलेट और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। बमबारी ने सब तबाह कर दिया है। जंग में अब तक 220 लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइल में 12 लोगों की जान गई है। इसमें से एक सैनिक है।

पाइप ही नहीं, तो पानी कहां से आए
गाजा सिटी में 7 साल पहले पीने के पानी, सीवेज और प्रॉपर इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन का इंतजाम किया गया था। इसमें संयुक्त राष्ट्र ने भी मदद की थी। आज ये पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर तबाह हो चुका है। एक वॉटर फिल्टर प्लांट तो ऐसा था जिससे 2.5 लाख लोगों को पानी मुहैया कराया जाता था। इजराइली बमबारी से ये तबाह हो चुका है। शहर के ज्यादतर हिस्से में पाइपलाइन से घरों में पानी पहुंचाया जाता था। ये पाइपलाइन टूट चुकी हैं। अब करीब 11 लाख लोग ऐसे हैं जिनके पास ड्रिंकिंग वॉटर यानी पीने का पानी नहीं है।

यही हाल, इलेक्ट्रसिटी का है। गाजा सिटी में इलेक्ट्रिक सप्लाई की चेन ध्वस्त हो चुकी है। भयानक गर्मी की वजह से हालात और खराब हो रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 12 लाख लोगों के पास फिलहाल बिजली नहीं है। स्कूल या तो ध्वस्त हो चुके हैं या बमबारी की वजह से बंद। लिहाजा, 6 लाख बच्चे अब घरों में कैद हैं। 40 हजार लोगों को रिफ्यूजी कैम्प्स में रखा गया है।

सोमवार को गाजा सिटी में इजराइल द्वारा दागा गया एक बम फटा नहीं, एक व्यक्ति इस बम को देखते हुए।
सोमवार को गाजा सिटी में इजराइल द्वारा दागा गया एक बम फटा नहीं, एक व्यक्ति इस बम को देखते हुए।

कोविड टेस्टिंग लैब भी जमींदोज
गाजा सिटी में सिर्फ एक कोविड टेस्टिंग लैब थी। इजराइली बमबारी के बाद यह मलबे में तब्दील हो चुकी है। ये हाल तब हैं जबकि लेबनान और गाजा में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कुछ हॉस्पिटल बचे हैं, लेकिन यहां मेडिकल सप्लाई नहीं हो पा रही। ऑक्सीजन प्लांट बमुश्किल काम कर रहे हैं, दूसरे मेडिकल इक्युपमेंट्स या दवाएं बमबारी की वजह से नहीं पहुंच पा रहे। 6 अस्पताल और 7 क्लीनिक्स अब मलबा नजर आ रहे हैं।

हालात अभी और बिगड़ेंगे
इजराइली सेना के प्रवक्ता जनरल हैदी जिल्बरमैन ने आर्मी रेडियो से बातचीत में कहा- हम अपने ऑपरेशन तब तक बंद नहीं करेंगे, जब तक आतंकी संगठन हमास को पूरी तरह तबाह नहीं कर देते। अगर इजराइल पर हमला होता है तो वो इसका जवाब अपने तरीके से देगा और आप फिलहाल यही देख रहे हैं।

दूसरी तरफ, अपने नागरिकों को खतरे में डालने वाला हमास भी झुकने को तैयार नहीं है। उसने एक बयान में कहा- इजराइली एयरफोर्स घर और लोगों के जरूरतों वाली जगहों को निशाना बना रही है। हम भी इजराइल पर रॉकेट दागते रहेंगे।

गाजा सिटी में करीब 40 हजार लोग बेघर हो चुके हैं। इन्हें शेल्टर होम या रिफ्यूजी कैम्प्स में रखा गया है। सोमवार को इन्हीं में जातीं महिलाएं और बच्चे।
गाजा सिटी में करीब 40 हजार लोग बेघर हो चुके हैं। इन्हें शेल्टर होम या रिफ्यूजी कैम्प्स में रखा गया है। सोमवार को इन्हीं में जातीं महिलाएं और बच्चे।

ज्यादातर सुरंगें खत्म
इजराइल को पहले ही यह जानकारी हो चुकी थी कि हमास ने कंक्रीट की सुरंगें बनाई हैं और रॉकेट फायर करने के बाद हमास के लोग इनमें छिप जाते हैं। इसलिए उसने स्पेशल बमों के जरिए इन सुरंगों को टारगेट किया। उसे काफी हद तक कामयाबी मिली।

अगर इस जंग में दोनों पक्षों की तुलना करें तो यह बिल्कुल साफ हो जाता है कि 90 फीसदी नुकसान फिलीस्तीन और हमास को हुआ है। 2014 के सीजफायर के बाद गाजा सिटी और फिलीस्तीन उठने-उबरने की कोशिश कर रहा था। काफी हद तक कामयाबी भी मिली थी। लेकिन, अब वो फिर 10 साल पीछे चला गया है। हमास ने 2006 में गाजा पर अपना कंट्रोल किया था। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि तब से वो सिर्फ जंग की ही तैयारी कर रहा था।