विज्ञापन

जापान / एक करोड़ से ज्यादा घर खाली, शहरों में बसने के लिए गांव के मकान को फ्री में देने के लिए तैयार लोग

Dainik Bhaskar

Dec 06, 2018, 03:46 PM IST


Japan has more homes than people to live in them
X
Japan has more homes than people to live in them
  • comment

  • जापान में 6 करोड़ 10 लाख घर है लेकिन केवल 5 लाख लोगों के पास मालिकाना हक
  • नौकरी की तलाश में लोग ग्रामीण इलाकों को छोड़कर शहरों की तरफ जा रहे
  • 2065 तक जापान की 12.7 करोड़ की आबादी के 8.8 करोड़ तक गिरने का अनुमान, लिहाजा और कम होगी खाली घरों की संख्या

टोक्यो.  जापान में खाली घरों की संख्या बढ़ती जा रही है। राजधानी टोक्यो के आसपास के इलाके खाली हो रहे हैं, क्योंकि लोग नौकरी की तलाश में शहरों में बसना चाहते हैं। एक आकलन के मुताबिक, जापान में एक करोड़ से ज्यादा घर खाली हैं। ऐसे कई घरों के मालिक अपनी संपत्ति फ्री में भी देने को तैयार हैं। खाली पड़े घरों को खरीदने के लिए सरकार योजना भी चला रही है।

जापान में खाली घर घोटाला करने जैसा

  1. जापान में खाली घर छोड़ने को घोटाला करने जैसा माना जाता है। लेकिन सच यही है कि आज जापान में लोगों से ज्यादा मकान हो गए हैं। जापान पॉलिसी फोरम के मुताबिक, देश में 6.1 करोड़ मकान हैं, जबकि घरों पर मालिकाना हक महज 5.2 करोड़ लोगों के पास है।

    Japan

     

  2. ओकुतामा में रहने वाले इदा परिवार ने दो मंजिला घर इसलिए फ्री में दे दिया क्योंकि वे शहर में रहना चाहता था। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्योरिटी अनुमान के मुताबिक, 2065 में जापान की 12.7 करोड़ की आबादी घटकर 8.8 करोड़ रह जाएगी। लिहाजा खाली घरों की संख्या में और इजाफा होगा।

  3. ग्रामीण इलाकों के इन खाली घरों को अकिया (भुतहा घर) कहा जा रहा है। अनुमान है कि 2040 तक जापान के 900 कस्बे और गांवों का कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा। क्योंकि वहां रहने वाला कोई नहीं होगा। एक अफसर काजुताका निजिमा कहते हैं कि टोक्यो से ढाई घंटे की दूरी पर बसा ओकुतामा 22 साल में खत्म हो जाएगा।

  4. चलाई जा रही अकिया बैंक स्कीम

    गांवों को बसाने के लिए बाकायदा प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसी के तहत ओकातुमा के लिए ओकुतामा यूथ रिवाइटलाइजेशन डिपार्टमेंट बनाया गया है। 1960 के दशक में ओकुतामा की आबादी 13 हजार हुआ करती थी, अब यहां महज 5 हजार लोग बचे हैं।

  5. जापान के खाली पड़े घरों को दोबारा बसाने के लिए 2014 में अकिया बैंक प्रोजेक्ट शुरू किया गया। हर इलाके के हिसाब से नियम बनाए गए हैं। ओकुतामा में 100 वर्गमीटर का मकान 6 लाख रुपए में मिल सकता है।

  6. घरों को मुफ्त या रेनोवेशन के लिए मदद की पेशकश भी की जा रही है। इसके लिए शर्त है कि घर लेने वाले की उम्र 40 साल से कम होनी चाहिए या उनका 18 साल से कम उम्र का बच्चा हो। अकिया योजना के तहत घर लेने वालों से यह सुनिश्चित कराया जाता है कि वे इलाके में हमेशा के लिए रहेंगे और वहां घर खरीदने के लिए दूसरों को भी प्रोत्साहित करेंगे।

  7. खाली पड़े घर खरीदने के लिए केवल जापान के लोगों को नहीं, विदेशियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। अमेरिका और चीन के लोगों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। टोक्यो में 6 बच्चों के साथ रहने वाले फिलीपींस-जापानी कपल रोजाली और तोशीयुकी कहते हैं कि कंक्रीट जंगल से परेशान होने के बाद प्रकृति से घिरे ओकुतामा को रहने के लिए चुना।

  8. 20वीं सदी में दो बार बढ़ी आबादी

    जापान में द्वितीय विश्व युद्ध और 1980 के दशक में आर्थिक विकास के बाद जनसंख्या बढ़ी। इस दौरान मकानों की कमी हो गई थी। लोगों के लिए बड़ी तादाद में सस्ते मकान बनाए गए। फूजित्सू रिसर्च इंस्टीट्यूट के हिदेताका योनेयामा कहते हैं कि ऐसे ज्यादातर मकानों की गुणवत्ता अच्छी नहीं थी। नतीजतन 85% लोगों ने दूसरा घर खरीदा बेहतर समझा।

  9. जापान का कानून भी सख्त

    2015 में जापान सरकार ने कानून पास किया कि अगर कोई घर खाली छोड़कर चला जाएगा तो उसे जुर्माना देना होगा। लोगों को विकल्प दिया गया कि या तो वे घर को तोड़ दें या उसे और विकसित कर लें। 

COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543
विज्ञापन