जापान / पितृत्व अवकाश लेने पर वेतन और पद में कटौती, दो कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • कागजों में जापान की पितृत्व अवकाश नीतियों को विश्व में सबसे अच्छा माना जाता है, पर कार्यालयों में स्थिति अलग
  • हालात ऐसे हैं कि 16 में से एक व्यक्ति ही अपने कानूनी अधिकार का लाभ ले पाता है
  • कंपनी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई टोक्यो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में गुरुवार को शुरू हुई

दैनिक भास्कर

Sep 16, 2019, 08:51 AM IST

टोक्यो (मोटोको रिच).  नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए छुट्‌टी लेने वाले दो लोगों ने अपने मालिकों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इनका कहना है, उनकी कंपनियों ने पैटर्निटी लीव से लौटने पर उनके प्रमोशन और वेतन में कटौती कर दी। उनके मुकदमों से देश में लंबे समय से चल रही परंपरा और कंपनी की अपेक्षाओं पर बहस छिड़ गई है। वहां ऐसे मुकदमे अस्वाभाविक हैं। जापान में महिलाएं अब भी बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी संभालती हैं। जबकि पुरुषों से अपने मालिकों के प्रति वफादारी निभाने की अपेक्षा रहती है। पहले मुकदमे की सुनवाई टोक्यो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में गुरुवार को शुरू हुई।

कानून में अवकाश की सुविधा है

जापानी कानून में मां के समान पिता को भी बच्चे की केयर के लिए एक वर्ष के वैतनिक अवकाश की सुविधा है। फिर भी, जापान में पुरुषों के बीच यह सुविधा लेने की दर केवल 6% है। अधिकतर पुरुष दो सप्ताह से कम छुट्‌टी लेते हैं। जिन दो लोगों ने मुकदमा दायर किया है, उनमें एक अमेरिकी हैं।

जापान में मित्सुबिशी यूएफजे मोर्गन स्टेनले सिक्योरिटीज में ग्लोबल सेल्स मैनेजिंग डायरेक्टर ग्लेन वुड का आरोप है, पैटर्निटी लीव के बाद उनका डिमोशन किया और नौकरी से निकाल दिया गया। उनके मामले की सुनवाई अगले माह हो सकती है। दूसरे कर्मचारी स्नीकर कंपनी एसिक्स में हैं। सुनवाई में उन्होंने बताया पैटर्निटी लीव लेने से पहले और बाद में उन्हें प्रताड़ित किया। उनका डिमोशन कर दिया। सोशल मीडिया पर आलोचना के भय से उन्होंने अपनी पहचान छिपाई है।

दस्तावेजों में जापान की पितृत्व अवकाश (पैटर्निटी लीव) नीतियों को विश्व में सबसे अच्छा माना जाता हैं। लेकिन, व्यावहारिक स्थिति अलग है। यहां 16 में से केवल एक व्यक्ति ही दंड के भय से अपने कानूनी अधिकार का लाभ ले पाता है।

 

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