यूके / ब्रेग्जिट मुद्दे पर कंजरवेटिव सांसद ने विपक्ष से मिलकर सरकार को हराया, प्रधानमंत्री बोले- जल्द होंगे चुनाव

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन।
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन।ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन।

  • मंगलवार को हुई वोटिंग में ब्रेग्जिट के पक्ष में 301, जबकि विपक्ष में 328 वोट सांसदों ने वोट दिया
  • वोटिंग से कुछ समय पहले कंजरवेटिव (सत्ताधारी पार्टी) सांसद यूरोपीय यूनियन समर्थक लिबरल डेमोक्रेट्स में शामिल हुए 

दैनिक भास्कर

Sep 05, 2019, 06:54 AM IST

लंदन. ब्रेग्जिट मुद्दे को लेकर मंगलवार रात ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ में वोटिंग हुई। इस दौरान ब्रेग्जिट के पक्ष में केवल 301 सांसदों ने वोटिंग की, जबकि विपक्ष में 328 वोट सांसदों ने वोट दिया। बोरिस जॉनसन के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद ब्रेग्जिट पर रखे गए प्रस्ताव पर यह पहली वोटिंग थी। जॉनसन ने कहा कि यदि विपक्षी सांसद ब्रेग्जिट को रोकने के लिए मतदान करते हैं तो वे जल्द ही चुनाव की घोषणा करेंगे। उन्होंने विपक्ष के नेता जेरेमी कॉर्बिन को चुनौती दी कि वे ब्रेग्जिट में देरी पैदा करने की अपनी नीति ब्रिटिश जनता को भी समझाएं।

 

वोटिंग से कुछ समय पहले ही जॉनसन को ब्रेग्जिट मुद्दे को लेकर तगड़ा झटका लगा। उनकी पार्टी (कंजरवेटिव) के सांसद फिलिप ली यूरोपीय यूनियन (ईयू) का समर्थन कर रहे लिबरल डेमोक्रेट्स में शामिल हो गए। इसके साथ जॉनसन ने संसद में बहुमत खो दिया। लिबरल डेमोक्रेट्स ने एक बयान में कहा कि ब्रैकनेल से सांसद फिलिप ली के पार्टी में शामिल होने से हम खुश हैं।

 

31 अक्टूबर तक ब्रिटेन को ईयू से अलग होना है

कंजरवेटिव पार्टी के नेता बोरिस जॉनसन ने हाल ही में प्रधानमंत्री की रेस में जेरेमी हंट को हराया था। ब्रिटेन का प्रधानमंत्री नियुक्‍त होने के बाद जॉनसन ने कहा था कि ब्रेग्जिट संभव होकर रहेगा। यह 31 अक्‍टूबर की निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत ही पूरा होगा। समय आ गया है। ब्रेग्जिट अब दूर नहीं। ब्रिटेन के लोगों को ब्रेग्जिट के बगैर भी तैयार रहने की जरूरत है।

 

ब्रेग्जिट में नाकाम रहने के बाद थेरेसा मे ने छोड़ा था प्रधानमंत्री पद

इससे पहले कंजरवेटिव नेता थेरेसा मे ने ब्रिटेन और यूरोप के बीच अलग होने को लेकर रखे गए प्लान के सफल न होने के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने डाउनिंग स्ट्रीट स्थित पीएम आवास पर बयान जारी कर ब्रेग्जिट समझौता न करा पाने के लिए अफसोस जाताया। दरअसल, थेरेसा पर पिछले काफी समय से आरोप लग रहा था कि यूरोप से यूनाइटेड किंगडम (यूके) को बाहर करने के समझौते पर वे अपनी पार्टी को ही नहीं मना पा रही हैं। संसद में उनके ब्रेग्जिट प्लान को भी कई बार नकारा गया। 

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