बयान / इमरान ने माना- पारंपरिक युद्ध में हम भारत से हार सकते हैं, लेकिन पाक में अंत तक लड़ने का दम



इमरान ने कहा कि युद्ध किसी समस्या को नहीं सुलझाता। चाहे वियतनाम की लड़ाई देख लीजिए या इराक की। (फाइल) इमरान ने कहा कि युद्ध किसी समस्या को नहीं सुलझाता। चाहे वियतनाम की लड़ाई देख लीजिए या इराक की। (फाइल)
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इमरान ने कहा कि युद्ध किसी समस्या को नहीं सुलझाता। चाहे वियतनाम की लड़ाई देख लीजिए या इराक की। (फाइल)इमरान ने कहा कि युद्ध किसी समस्या को नहीं सुलझाता। चाहे वियतनाम की लड़ाई देख लीजिए या इराक की। (फाइल)

  • पाक प्रधानमंत्री ने एक इंटरव्यू में कहा- हार के वक्त दो ही चीजें हो सकती हैं- सरेंडर या अंत तक लड़ाई
  • इमरान इससे पहले भी एक इंटरव्यू के दौरान भारत के साथ परमाणु युद्ध की धमकी दे चुके हैं

Dainik Bhaskar

Sep 15, 2019, 09:57 PM IST

इस्लामाबाद. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर भारत के साथ युद्ध का राग अलापा है। हालांकि, इस बार उन्होंने माना कि भारत के साथ पारंपरिक युद्ध में पाक को हार मिल सकती है। इमरान ने इशारों में दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध की संभावना जताई।

 

उन्होंने कहा कि अगर कोई देश पारंपरिक युद्ध में हारने लगता है तो उसके पास दो ही विकल्प होते हैं, या तो वह सरेंडर करे और या फिर अंत तक आजादी की लड़ाई लड़े। पाकिस्तानी अंत तक लड़ाई लड़ते हैं, इसलिए जब परमाणु शक्ति से संपन्न देश लड़ेंगे तो इसके अपने नतीजे होंगे। 

 

‘युद्ध से समस्याएं नहीं सुलझतीं’

कतर के मीडिया ग्रुप अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में इमरान ने खुद को शांतिवादी बताया। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से युद्ध के खिलाफ रहा हूं। मेरा मानना है कि युद्ध किसी समस्या को नहीं सुलझाता। चाहे वियतनाम की लड़ाई देख लीजिए या इराक की। युद्ध की वजह से कुछ अन्य समस्याएं जरूर खड़ी हो गईं जो कि उन परेशानियों से ज्यादा बड़ी हैं, जिसके लिए युद्ध लड़ा गया।” पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि पाक कभी भी परमाणु युद्ध शुरू नहीं करेगा। 

 

‘उइगर के साथ चीन क्या कर रहा है, जानकारी नहीं है’
इमरान खान ने चीन में उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के सवाल पर कहा, “मैं कश्मीर और पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं को लेकर इतना व्यस्त हूं कि उइगर मुसलमानों के साथ चीन क्या कर रहा है, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। वे चीन में हैं, उन्हें सामना करने दीजिए।

 

‘भारत से बातचीत के लिए कुछ बचा ही नहीं’

इमरान इससे पहले भी भारत के साथ युद्ध पर बयान दे चुके हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अब मैं भारत से कोई चर्चा नहीं करूंगा, क्योंकि बातचीत के लिए कुछ बचा ही नहीं है। उन्होंने कश्मीर के हालात पर तनाव का हवाला देते हुए कहा था कि दोनों परमाणु हथियार संपन्न देशों में युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसलिए दुनिया को इस पर ध्यान देना चाहिए कि हम किन हालात का सामना कर रहे हैं।

 

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