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कजाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों के शूट एट साइट का आदेश:राष्ट्रपति बोले- हत्यारों से क्या बातचीत होगी? हमें आतंकवादियों से निपटना है; उन्हें खत्म करने की जरूरत

नूरसुल्तान13 दिन पहले

कजाकिस्तान में फ्यूल प्राइस की बढ़ी कीमतों लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बहुत ज्यादा उग्र हो चुका है। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट तोकायेव ने हिंसक प्रदर्शन करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए हैं। राष्ट्रपति तोकायेव ने कहा है कि अपराधियों और हत्यारों के साथ क्या बातचीत हो सकती है? हमें लोकल और विदेशी दोनों तरह के हथियारबंद डाकुओं और आतंकवादियों से निपटना है। इसलिए, उन्हें खत्म करने की जरूरत है। सरकार के मुताबिक, हिंसक आंदोलन की वजह से 26 प्रदर्शनकारियों और 18 सुरक्षा बलों की मौत हो गई है। अब तक 3 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। तोकायेव ने एक बयान में बताया था कि हमारी सेना ने देश के ज्यादातर हिस्से पर नियंत्रण कर लिया था। अब इन क्षेत्रों में संवैधानिक व्यवस्था बहाल कर दी गई है।

हम अलमाटी के निवासी हैं, आतंकवादी नहीं

कजाकिस्तान में विरोध का सबसे बड़ा केंद्र अलमाटी शहर है।
कजाकिस्तान में विरोध का सबसे बड़ा केंद्र अलमाटी शहर है।

देश में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन अलमाटी शहर में हो रहा है। जब सुरक्षा बलों ने इस शहर में एक चौक को खाली करने की कोशिश की तो लोग तख्तियां लेकर एक सरकारी इमारत के पास इकट्ठा हो गए। इन तख्तियों पर लिखा था 'हम अलमाटी के निवासी हैं, आतंकवादी नहीं।' बाद में सरकार की तरफ से बताया गया कि चौक को खाली करा लिया गया है।

हिंसक प्रदर्शन से रोकने के लिए कई बार चेतावनी दी जा चुकी है।
हिंसक प्रदर्शन से रोकने के लिए कई बार चेतावनी दी जा चुकी है।

अलमाटी शहर में लोगों को हटाने के पहले पुलिस के प्रवक्ता ने चेतावनी भी दी थी। अल्माटी पुलिस की प्रवक्ता सल्तनत अज़ीरबेक ने कहा- जो लोग हथियार डालने से इनकार करेंगे, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। बाद में प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देने के लिए सैनिकों ने हवा में गोली भी चलाई थी।

CSTO ने भी उतारी अपनी फौज

राष्ट्रपति तोकायेव ने कलेक्टिव ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) से मदद मांगी थी।
राष्ट्रपति तोकायेव ने कलेक्टिव ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) से मदद मांगी थी।

तोकायेव ने अपने एक और बयान में कहा- 'आज, देश में शांति और स्थिरता के लिए हमें एकजुटता दिखाना बहुत जरूरी है। मुझे भरोसा है कि हम अपने लोगों की एकता को बनाए रखते हुए, सभी कठिनाइयों और मुश्किलों को एक साथ पार करेंगे!'

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए CSTO ने भी अपने सैनिकों को भेज दिया है।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए CSTO ने भी अपने सैनिकों को भेज दिया है।

देश में लगातार बिगड़ते हालात को संभालने के लिए तोकायेव ने कलेक्टिव ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) से मदद मांगी थी। जिसके बाद रूस की लीडरशिप वाली इस ऑर्गनाइजेशन ने हालात संभालने के लिए सैनिकों को भेज है। कलेक्टिव ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन में रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान शामिल हैं।

प्रधानमंत्री पहले ही दे चुके हैं इस्तीफा

कजाकिस्तान में मांगिस्ताऊ प्रांत से आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
कजाकिस्तान में मांगिस्ताऊ प्रांत से आंदोलन की शुरुआत हुई थी।

मंगलवार को सरकार ने LPG की कीमतों पर लगी सीमा हटाकर इसे कंपनियों के हवाले कर दिया था। इसके बाद तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई। जिस वजह से देश में बहुत बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। आंदोलन की शुरुआत मांगिस्ताऊ प्रांत से हुई, जिसके बाद सारे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। विरोध प्रदर्शन की वजह से प्रधानमंत्री अस्कर ममिन ने बुधवार को राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट तोकायेव को इस्तीफा भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। राष्ट्रपति ने अलीखान समाईलोव को कार्यवाहक प्रधानमंत्री भी नियुक्त किया है। इसके साथ ही, देश में 5 जनवरी से 19 जनवरी तक इमरजेंसी लगा दी गई है।