कजाकिस्तान संकट:10 दिन में रूसी सैनिकों की मुल्क वापसी होगी, हिंसा के आरोप में अब तक 10 हजार लोग गिरफ्तार

नूरसुल्तान10 दिन पहले
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पिछले हफ्ते हिंसा और तख्तापलट की साजिश से जूझने वाले कजाकिस्तान में जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। हिंसा में अब तक 164 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। कजाकिस्तान की मदद के लिए रूस ने करीब ढाई हजार सैनिक एयरड्रॉप किए थे। हिंसा थमने के बाद अब गुरुवार से इनकी मुल्क वापसी शुरू होगी और यह 10 दिन में पूरी हो जाएगी। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति तोकायेव ने खुद यह जानकारी दी है। तोकायेव का यह बयान इसलिए अहम है, क्योंकि पश्चिमी मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था रूसी सैनिक यहां लंबे समय रह सकते हैं।

रूसी सैनिक काम आए
अलमाती शहर में हिंसा करने वाले लोगों को राष्ट्रपति ने आतंकी करार दिया। हिंसा में करोड़ों रुपए की सरकारी संपत्ति तबाह हो गई है। पिछले गुरुवार को यहां कलेक्टिव ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) संगठन के सैनिक कजाक सरकार की मदद के लिए पहुंचे थे। इन्होंने यहां हिंसा खत्म करने में मदद की। इनमें ज्यादातर रूसी सैनिक थे।

तोकायेव ने कहा- CSTO के सैनिकों ने अपना काम पूरा कर दिया है। अब मुल्क में शांति हैं। गुरुवार से इन सैनिकों की वापसी शुरू हो जाएगी। 10 दिन में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इन सैनिकों ने अपने मिशन को बखूबी अंजाम दिया। हम उनका शुक्रिया अदा करते हैं।

कजाकिस्तान के अलमाती में पिछले हफ्ते हुई हिंसा में 164 लोग मारे गए थे।
कजाकिस्तान के अलमाती में पिछले हफ्ते हुई हिंसा में 164 लोग मारे गए थे।

10 हजार लोग गिरफ्तार
शुक्रवार से अब तक करीब 10 हजार लोगों को हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। तोकायेव ने हिंसा फैलाने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए थे। 164 लोगों ने हिंसा में जान गंवाई। इनमें 16 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

तोकायेव के मुताबिक- हिंसा में विदेशी ताकतों का हाथ है। उन्होंने आतंकियों को हथियार और पैसा दिया। हमने अपने दोस्तों के साथ मिलकर तख्तापलट की साजिश नाकाम कर दी है। देश के कुछ हिस्सों में अब भी इंटरनेट सर्विस और इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई बंद है। सूत्रों का कहना है कि सरकार इन सुविधाओं को हालात पूरी तरह काबू में होने के बाद बहाल करेगी।