हिमालय की वादियों में खुद को सक्षम बनाने की तैयारी:नेपाल की कुंग फू बौद्ध भिक्षुणी; ये हर मुश्किल से लड़ना सिखाती हैं

काठमांडू2 महीने पहले
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भिक्षुणी पल्मो ने बताया कि कुंग फू के अलावा गार्डनिंग, इलेक्ट्रिक कार्य, कंस्ट्रक्शन वर्क, कुक, सोलर पैनल का काम देखने वाली भिक्षुणियों की टीम भी है। - Dainik Bhaskar
भिक्षुणी पल्मो ने बताया कि कुंग फू के अलावा गार्डनिंग, इलेक्ट्रिक कार्य, कंस्ट्रक्शन वर्क, कुक, सोलर पैनल का काम देखने वाली भिक्षुणियों की टीम भी है।

नेपाल में काठमांडू से लगा द्रक अमिताभ बौद्ध भिक्षुणी केंद्र। यहां ल्हामो और उसकी बहनें कराते समेत आत्मरक्षा के अन्य दांव आजमाती हैं। इसमें महारत के चलते उन्हें और उनकी टीम को कुंग फू भिक्षुणी(कुंग फू नन) कहा जाता है। ये भिक्षुणियां सदियों पुरानी बौद्ध परंपरा को कायम रखकर आधुनिक समय के हिसाब से दुनिया की चुनौतियों से निपटने का कौशल सीखतीं हैं।

इसमें हिमालय के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में आवाजाही के साथ ही आत्मरक्षा के गुर सीखना भी शामिल है। इनका कहना है कि, अगर कोई हम पर बुरी नजर डाले तो आंख तक नोंच सकते हैं। भिक्षुणी पल्मो ने बताया कि कुंग फू के अलावा गार्डनिंग, इलेक्ट्रिक कार्य, कंस्ट्रक्शन वर्क, कुक, सोलर पैनल का काम देखने वाली भिक्षुणियों की टीम भी है। हमें अपने काम के लिए बाहर से किसी को बुलाने की जरूरत नहीं है।

दिल्ली, मुंबई से लेकर लद्दाख तक में ली ट्रेनिंग

भिक्षुणियों ने आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ से लेकर लद्दाख तक जाकर ली है। अब हम साथियों के साथ नई छात्राओं को बता रही हैं कि वह छेड़खानी करने वालों से कैसे निपटें। खासकर तब जब वह बस, ट्रेन या सार्वजनिक जगहों पर जा रही हों।