आखिरी तमन्ना पूरी:अस्पताल में मरने से पहले अपने जैविक पिता से मिला बेटा; डीएनए रिकार्ड के आधार पर बेटे ने पत्र लिखा, 11 दिन में पिता मिलने पहुंचे

2 महीने पहलेलेखक: रीड जे एप्सटीन/फाल्स चर्च
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पिता क्रैग से मिलने के 2 हफ्ते बाद ही कैंसर पीड़ित सैम एंथनी का निधन हो गया। - Dainik Bhaskar
पिता क्रैग से मिलने के 2 हफ्ते बाद ही कैंसर पीड़ित सैम एंथनी का निधन हो गया।

अमेरिका के वर्जीनिया में कैंसर पीड़ित सैम एंथनी (52 साल) की पिता से मिलने की आखिरी इच्छा पूरी हो गई। दरअसल, फाल्स चर्च निवासी सैम पिता से कभी नहीं मिले थे। बस इतना पता था कि जैविक पिता का नाम क्रैग नेल्सन है। सैम ने 2 अगस्त को उनके नाम पत्र लिखा। उन्होंने बताया, ‘मैं 2005 से मुंह और गले कैंसर से जूझ रहा है। अब अंतिम क्षण चल रहे हैं।’ पत्र को उन्होंने दोस्तों के जरिए एक मैग्जीन को भेजा।

सैम ने बताया कि मेरे डीएनए जिससे मैच करते हैं, उन्हें दो रिश्तेदार जानते हैं। वह सेना में रहे हैं। फिर दोस्तों और मैग्जीन ने सैम से डीएनए मैच करने वाले व्यक्ति काे खोज निकाला। 9 अगस्त को 78 साल के पूर्व एयरलाइन कर्मचारी क्रैग को ये पत्र मिला। क्रैग ने सोचा कि ये मेरा नहीं है, क्योंकि फाल्स चर्च में कोई परिचित नहीं है। फिर पत्र पढ़ा तो कांपने लगे। यह उनके बेटे का था।

वह उसे तब तक तलाशते रहे, जब वह नॉर्थ कैरोलिना में सेना से रिटायर नहीं हो गए। सैम को याद आया कि 1966 में 23 साल में वह सेना में भर्ती हुए थे, तो उन्हें एक लड़की से प्रेम हुआ था। नजदीकियां बढ़ी, पर 1969 तक शादी नहीं कर सके। उनकी प्रेमिका गर्भवती हो गई।

इस बीच, क्रैग दूसरे शहर पहुंच गए। कुछ समय बाद क्रैग के पास फोन आया। उसने सिर्फ इतना बताया कि मैंने आपके बेटे को जन्म दिया है। उसे वह किसी को गोद दे रही हैं। उसके बाद दोनों में कभी बात नहीं हुई। इन यादों के साथ क्रैग 13 अगस्त को अस्पताल पहुंचे और दम तोड़ रहे बेटे से मिले।