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इजराइल-हमास जंग में 186 की मौत:इजराइली सेना की एयरस्ट्राइक में हमास के चीफ का घर तबाह; UN ने फौरन जंग रोकने को कहा

तेल अवीवएक महीने पहले

इजराइल और हमास (इजराइल इसे आतंकी संगठन मानता है) के बीच 7 दिनों से जारी जंग में रविवार देर रात तक 186 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 47 बच्चे शामिल हैं। मरने वालों में 12 इजराइली और बाकी फिलिस्तीनी हैं। 1200 लोग घायल हुए हैं। हमास ने कथित तौर पर रविवार देर रात यरुशलम के यहूदी धर्मस्थल सिनेगॉग पर रॉकेट हमला किया। 2 लोगों की मौत हुई। 8 गंभीर रुप से घायल हैं। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि यह रॉकेट हमला था या सिनेगॉग में अंदर की एक बेंच टूटने से हुई दुर्घटना।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने इजराइल और फिलीस्तीन दोनों से कहा है कि वे इस जंग को फौरन रोकें। गुटेरेस ने एक बयान में कहा- एक तरफ से रॉकेट दागे जा रहे हैं तो दूसरी तरफ से हवाई हमले हो रहे हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि ये जंग ये हिंसा अब फौरन बंद कर दें। फिलीस्तीन में बच्चों और महिलाओं की मौत हुई है। इजराइल में कई लोगों की जान जा चुकी है। हमको फिर बातचीत करनी चाहिए। इसमें बड़े देशों को भी साथ देना होगा। दो राष्ट्रों को एक साथ विकास और शांति की राह पर चलना होगा। यही इस समस्या का स्थायी समाधान होगा।

हमास इजराइल के शहरों पर अब तक 2900 से ज्यादा रॉकेट फायर कर चुका है। इसके जवाब में इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) गाजा पट्टी पर 700 से ज्यादा एयरस्ट्राइक कर चुकी है। शनिवार को IDF ने एयरस्ट्राइक करके हमास के चीफ याहया सिनवार के घर को तबाह कर दिया।

भारत की प्रतिक्रिया
UN में इजराइल-फिलीस्तीन जंग पर चर्चा के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधी टीएस तिरुमूर्ति ने कहा- गाजा से इजराइल के रिहायशी इलाकों पर रॉकेट दागे गए। हम इसकी निंदा करते हैं। बाद में गाजा पर जवाबी कार्रवाई हुई। इससे बहुत नुकसान हुआ। महिलाओं और बच्चों की भी मौत हुई। हम इसकी भी निंदा करते हैं। इस जंग में हमने इजराइल में रहने वाली अपनी एक नागरिक को खोया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन में शुक्रवार को इजराइल के समर्थन में बयान दे दिया था। उन्होंने कहा था कि इजराइल को अपने नागरिकों की रक्षा करने का अधिकार है। इस बयान के बाद उनकी अपनी डेमोक्रेट पार्टी के नेताओं ने ही उन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। दबाव बढ़ने के बाद उन्होंने शनिवार को फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। जनवरी में राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद बाइडेन और अब्बास के बीच यह पहली बातचीत थी।

ओआईसी की बैठक
ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज (OIC) के विदेश मंत्रियों की रविवार को इसी मसले पर बैठक हुई। इसमें इजराइल से कहा गया कि वो वो अल अक्सा मस्जिद से दूर रहे क्योंकि यह मुस्लिमों की तीसरी सबसे पवित्र मस्जिद है। बयान में इसे लक्ष्मण रेखा बताया गया है। ओआईसी में कुल 56 देश हैं। सऊदी अरब इसका प्रमुख है। मीटिंग में तुर्की के तेवर तल्ख रहे। उसने कहा कि इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। फिलीस्तीन को जो नुकसान हुआ है, इजराइल उसका हर्जाना दे। पाकिस्तान ने कहा- इजराइल की अब शब्दों में निंदा नहीं की जा सकती।

तुर्की ने कहा कि फिलीस्तीन की रक्षा के लिए एक इंटरनेशनल प्रोटेक्शन मैकेनिज्म बनाना चाहिए। एक दिन पहले अल अक्सा को लेकर तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैय्यप एर्दोअन ने सजा देने की बात कही थी।

गाजा पट्टी पर एयरस्ट्राइक के बाद मलबे में दबे बच्चे का शव लेकर जाता फिलिस्तीनी।
गाजा पट्टी पर एयरस्ट्राइक के बाद मलबे में दबे बच्चे का शव लेकर जाता फिलिस्तीनी।

हमास ने 200 नए रॉकेट दागे, अधिकतर हवा में ही मार गिराए
शनिवार रात फिलिस्तीन के गाजा पट्टी से इजराइल पर 55 रॉकेट दागे गए। रविवार को इनकी संख्या 200 बढ़ गई। जवाबी कार्रवाई में रविवार को IDF ने गाजा पट्टी पर एयरस्ट्राइक कर हमास चीफ याहया सिनवार के साथ उसके भाई मोहम्मद सिनवार का घर पर तबाह कर दिया। IDF का आरोप है कि मोहम्मद हमास में भर्ती के लिए लोगों को तैयार करता था। दोनों के घरों का इस्तेमाल हमास के कमांडर्स को छिपाने के लिए भी किया जाता था। IDF ने बयान जारी कर बताया कि इजराइल के अश्दोद, बेर्शेबा, तेल अवीव और अश्केलान शहर में गाजा पट्टी से रॉकेट दागे गए। हालांकि, ज्यादातर को आयरन डोम की मदद से हवा में ही नष्ट कर दिया गया।

दंगाइयों की लगाई आग को बुझाता इजराइल का एक फायर फाइटर।
दंगाइयों की लगाई आग को बुझाता इजराइल का एक फायर फाइटर।

भारतीय महिला को श्रद्धांजलि देने केरल पहुंचे इजराइली राजनायिक
हमास के रॉकेट हमले में मारी गईं भारतीय महिला सौम्या संतोष (32) का पार्थिव शरीर रविवार को उनके गृह नगर केरल के इडुक्की पहुंचा। यहां क्रिश्चियन रीतिरिवाज के साथ उन्हें दोपहर 3.45 बजे दफनाया गया। इस दौरान इजराइल के राजनायिक जोनाथन जदका भी मौजूद रहे। सौम्या के फ्यूनरल में नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। इससे पहले इजराइल नेसौम्या संतोष के परिवार का खर्च उठाने का फैसला किया था। भारत में इजराइल की उप उच्चायुक्त रॉनी येदिदिया ने बताया था कि सौम्या के परिवार को इजराइल की तरफ से मुआवजा तो दिया ही जाएगा। साथ ही उनका खर्च भी इजराइल उठाएगा। केरल के इडुक्की जिले की सौम्या संतोष (32) हमास के मिसाइल अटैक में मारी गईं थीं। सौम्या अश्केलान शहर में 80 साल की एक बुजुर्ग महिला की देखभाल का काम करती थीं। सौम्या पिछले 7 सालों से इजराइल में रह रही थीं। उनका 9 साल का एक बेटा है, जो पति के पास इडुक्की में रहता है। हमले के समय सौम्या अपने पति से वीडियो कॉल पर बात कर रही थीं।

सौम्या संतोष इजराइल के अश्केलान शहर में 80 साल की महिला की देखभाल करती थीं।
सौम्या संतोष इजराइल के अश्केलान शहर में 80 साल की महिला की देखभाल करती थीं।

ये लड़ाई आतंक के खिलाफ है: नेतन्याहू
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फिलिस्तीन के साथ जारी संघर्ष के लिए हमास को दोषी ठहराया। उन्होंने शनिवार को देश को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक हम अंजाम तक नहीं पहुंचते, तब तक गाजा के खिलाफ हमारी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई आतंक खिलाफ है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि इससे नागरिकों की जान खतरे में न पड़े।

दोनों ओर से हमले जारी
न्यूज एजेंसी स्पुतनिक ने सूत्रों के मुताबिक,शनिवार को इजराइल की एयरफोर्स की तरफ से गाजा पट्टी के खान यूनिस, पूर्वी इलाके और रफाह शहर में लगातार रॉकेट से हमले किए गए। इसी एयरस्ट्राइक के बीच पावर सप्लाई काट दी गई। वहीं, हमास के कासम ब्रिगेड ने बताया कि उसने अवासीय बिल्डिंग नष्ट होने के जवाब में इजराइल के अशकलोन, अशदोद और बेर्शेबा की ओर रॉकेट दागे।

यह तस्वीर अमेरिका के न्यूयॉर्क के ब्रुकलीन की है। जहां फिलिस्तीन पर इजराइल की तरफ से किए जा रहे हमले के खिलाफ सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
यह तस्वीर अमेरिका के न्यूयॉर्क के ब्रुकलीन की है। जहां फिलिस्तीन पर इजराइल की तरफ से किए जा रहे हमले के खिलाफ सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

बाइडेन और अब्बास ने यरूशलम और वेस्ट बैंक में मौजूदा तनाव पर चर्चा की

  • बाइडेन ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से हमास को इजराइल में रॉकेट दागने से रोकने को कहा है। साथ ही मौजूदा हालात पर चिंता जाहिर की। व्हाइट हाउस के मुताबिक, राष्ट्रपति ने फिलिस्तीन के लोगों की गरीमा, सुरक्षा और आर्थिक अवसर का लाभ लेने के लिए सक्षम बनाने को लेकर अपना समर्थन जताया। फिलिस्तीन के लोगों को आर्थिक और मानवीय हितों को आगे रखते हुए फिर से सहायता देने के फैसले पर जोर दिया। इसमें वेस्ट बैंक और गाजा के फिलिस्तीनी लोग भी शामिल करने की बात कही गई। दोनों नेताओं ने यरूशलम और वेस्ट बैंक में मौजूदा तनाव पर भी चर्चा की। बाइडेन ने सभी धर्मों और पृष्ठभूमि के लोगों के लिए यरुशलम में शांति स्थापित करने की इच्छा जाहिर की।

बाइडेन ने इजराइल को अपने अधिकार सुरक्षित रखने का जताया समर्थऩ

  • इसके अलावा बाइडेन ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान बाइडेन ने हमास और अन्य आतंकवादी संगठनों की तरफ से जारी रॉकेट हमले में इजराइल के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए अपना समर्थऩ जताया। उन्होंने इन हमलों की निंदा की। बाइडेन ने इजराइल में पत्रकारों की सुरक्षा और वहां जारी घरेलू हिंसा पर भी चिंता जताई।

इंटरनेशनल मीडिया दफ्तरों पर भी हमला
इधर, शनिवार को इजराइल एयरफोर्स की तरफ से गाजा में एक अवासीय बिल्डिंग को निशाना बनाया गया। इजराइल की सेना का कहना है कि इस बिल्डिंग में हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो का दफ्तर संचालित हो रहा था, जिसे तबाह कर दिया गया। इसी बिल्डिंग में इंटरनेशनल मीडिया अल जजीरा और एसोसिएट प्रेस के दफ्तर भी थे, वे भी पूरी तरह तबाह हो गए।

इस बिल्डिंग में इंटरनेशनल मीडिया अल जजीरा और एसोसिएट प्रेस (AP) के दफ्तर भी थे।
इस बिल्डिंग में इंटरनेशनल मीडिया अल जजीरा और एसोसिएट प्रेस (AP) के दफ्तर भी थे।

अमेरिका के ब्रुकलीन में फिलिस्तीन के समर्थऩ में उतरे लोग
वहीं, न्यूयॉर्क के ब्रुकलीन में फिलिस्तीन के समर्थन में लोगों ने मार्च निकाला। मार्च में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा। लोग अपने हाथों में फिलिस्तीन के झंडे और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। यह सभी आजाद फिलिस्तीन की मांग कर रहे थे। इसमें फ्री फिलिस्तीन, फिलिस्तीन लाइफ मैटर, ह्यूमन राइट फॉर फिलिस्तीन जैसे नारे लिखे थे। यह मार्च शांतिपूर्ण था।

स्पुतनिक को मार्च में शामिल शख्स ने कहा कि हम अंतर्राष्ट्रीय समूहों से इजराइल को बायकॉट करने, इस खूनी खेल को रोकने और इजराइल को फिलिस्तीन के इलाकों से हटने की मांग करते हैं। इसके अलावा लंदन, फ्रांस, सीरिया और बांग्लादेश में भी लोग सड़कों पर फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।

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