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अमेरिका में लॉग आउट फेसबुक कैंपेन:यूजर्स ने कहा- कंपनी हम पर अहसान नहीं कर रही, वक्त आने पर उसे अच्छी तरह बता देंगे

2 महीने पहलेलेखक: बिली पैरिगो
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विरोध कर रहे समूहों की मांग- जकरबर्ग इस्तीफा दें, किड्स फॉर इंस्टाग्राम प्रोजेक्ट तत्काल रोकें। - Dainik Bhaskar
विरोध कर रहे समूहों की मांग- जकरबर्ग इस्तीफा दें, किड्स फॉर इंस्टाग्राम प्रोजेक्ट तत्काल रोकें।

सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक की नीतियों से नाराज यूजर्स ने कंपनी के खिलाफ ‘लॉग आउट’ कैंपेन शुरू किया है। इसके तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर्स को 10 नवंबर के दिन इन दोनों प्लेटफॉर्म को बंद रखने का आग्रह किया जा रहा है। अभियान के लिए एकजुट समूहों का कहना है कि इसके फेसबुक को उसके गैर जिम्मेदाराना रवैये का अहसास कराया जाएगा।

अमेरिकी संसद पर हमला और इस पर कंपनी का रुख, कंपनी में लगातार घोटाले और अपने फायदे के लिए दुष्प्रचार की अनदेखी करने को लेकर यूजर्स में नाराजगी है। हाल ही में खुलासा हुआ था कि फेसबुक जानती थी कि इंस्टाग्राम का लड़कियों की मानसिक सेहत पर गलत असर पड़ रहा था, फिर भी उसने कुछ नहीं किया। मानवाधिकार हनन की घटनाओं से जुड़ी पोस्ट पर भी उसने सख्त नहीं बरती। कंपनी के अधिकारियों की चेतावनी को भी अनदेखा किया गया।

टेक जगत की मनमानियों का विरोध कर रहे समूहों में से एक कैरोज ने यूजर्स से कहा है कि 10 नवंबर को दोनों प्लेटफॉर्म इस्तेमाल न करें। साथ ही मांगें रखी हैं कि जकरबर्ग इस्तीफा दें और इंस्टाग्राम फॉर किड्स प्रोजेक्ट तत्काल रोक दें। ‘लॉग आउट’ अभियान के डायरेक्टर जेलानी ड्रू कहते हैं फेसबुक हर जगह है, इसलिए कैंपेन के लिए पोस्ट भी फेसबुक पर ही की। हम बताना चाहते हैं कि फेसबुक के दिखावे से संतुष्ट न हों।

कैंब्रिज एनालिटिका के बाद ‘डिलीट फेसबुक’ कैंपेन शुरू हुआ था। कंपनी के शेयर गिरे थे। पर जल्द सब ठीक हो गया। ब्लैक लाइव्स मैटर्स के वक्त जकरबर्ग द्वारा तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रम्प की पोस्ट ‘व्हेन द लूटिंग बिगिंस, शूटिंग बिगिंस’ हटाने से इनकार करने पर फोर्ड और कोका कोला जैसी 1000 कंपनियों ने फेसबुक को एड रोक दिए थे। इससे नुकसान हुआ। पर जल्द ही कंपनी ने रिकवरी भी कर ली। समूहों का कहना है कि ऐसी कोशिशें जारी रखनी होंगी, तभी यूजर्स की ताकत पता चलेगी।

यूजर्स के डेटा की मदद से ही होती है कंपनी की 98.5% आमदनी
कैरोज की सीईओ मारियाना रुइज कहती हैं, ‘फेसबुक जैसी कंपनियों को लगता है कि प्लेटफॉर्म पर जगह देने के लिए यूजर्स को उनका एहसान मानना चाहिए, जबकि है इसके उलट। फेसबुक मुगालते में है। जब वक्त आएगा तो हम कंपनी को अच्छी तरह बता देंगे। रुइज के मुताबिक कंपनी की ताजा रिपोर्ट बताती है कि उसकी 98.5% आमदनी एड कारोबार से होती है।

इसके लिए बड़े पैमाने पर यूजर्स का डेटा इस्तेमाल किया जाता है। ताकि पता लग सके कि वे किस तरह के एड पर क्लिक कर सकते हैं और फिर कंपनियों को एड स्पेस बेचकर प्लेटफॉर्म बेतहाशा कमाई करता है। एडवोकेसी समूह ‘एकाउंटेबल टेक’ के ऋषि भरवानी बताते हैं, जब यूजर्स प्लेटफॉर्म पर जाना ही बंद कर देंगे तो क्या होगा, कंपनी को इस बात का अंदाजा ही नहीं है।’

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