• Hindi News
  • International
  • The terrorist, identified as Usman Khan, had also discussed staging a Mumbai style attack on the UK Parliament

लंदन चाकूबाजी / मुंबई के 26/11 की तर्ज पर ब्रिटिश संसद पर हमला करना चाहता था पाकिस्तानी मूल का आतंकी: पुलिस

हमलावर उस्मान खान (बाएं से चौथा) 2012 में बम विस्फोट की साजिश रचने का दोषी पाया गया था, उसके साथ 5 अन्य लोगों भी पकड़े गए थे। (फाइल फोटो) हमलावर उस्मान खान (बाएं से चौथा) 2012 में बम विस्फोट की साजिश रचने का दोषी पाया गया था, उसके साथ 5 अन्य लोगों भी पकड़े गए थे। (फाइल फोटो)
शुक्रवार को आतंकी हमले के बाद लंदन में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। शुक्रवार को आतंकी हमले के बाद लंदन में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
X
हमलावर उस्मान खान (बाएं से चौथा) 2012 में बम विस्फोट की साजिश रचने का दोषी पाया गया था, उसके साथ 5 अन्य लोगों भी पकड़े गए थे। (फाइल फोटो)हमलावर उस्मान खान (बाएं से चौथा) 2012 में बम विस्फोट की साजिश रचने का दोषी पाया गया था, उसके साथ 5 अन्य लोगों भी पकड़े गए थे। (फाइल फोटो)
शुक्रवार को आतंकी हमले के बाद लंदन में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।शुक्रवार को आतंकी हमले के बाद लंदन में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।

  • लंदन ब्रिज पर चाकूबाजी करने वाले आतंकी उस्मान खान को 2012 में आतंकवाद के मामले 8 साल की सजा सुनाई गई थी
  • तब जज ने उस्मान को "आतंकवाद फैलाने वाला और जनता के लिए गंभीर और दीर्घकालिक जोखिम" करार दिया था
  • आतंकी उस्मान ने यूके की संसद पर हमला करने की रिहर्सल और धमाकों के लिए मध्य लंदन की रेकी भी की थी

Dainik Bhaskar

Dec 01, 2019, 04:32 PM IST

लंदन. लंदन ब्रिज पर दो लोगों की चाकू मारकर हत्या करने वाला पाकिस्तानी मूल का आतंकी उस्मान खान ब्रिटिश संसद पर मुंबई के 26/11 की तर्ज पर हमला करना चाहता था। स्कॉटलैंड यार्ड के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के मुताबिक, उस्मान ने हमले के लिए रिहर्सल भी कर ली थी। इतना ही नहीं उसने धमाके करने के लिए दो सहयोगियों के साथ मध्य लंदन के इलाकों की रेकी भी की थी। उस्मान ने शुक्रवार कोे ब्रिज पर लोगों को चाकू मारे थे, हमलावर ने नकली विस्फोटक जैकेट पहनी थी। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उसे मार गिराया था।

स्कॉटलैंड यार्ड के काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग के सहायक आयुक्त नील बसु ने शनिवार को कहा, मारे गए हमलावर की पहचान उस्मान खान (28) के तौर पर हुई है। वह स्टैफोर्डशायर इलाके में रहता था। वह पहले जेल जा चुका था। इसके चलते उस्मान की प्रोफाइल आपराधिक रिकॉर्ड में दर्ज थी। इससे पता चला कि वह ब्रिटेन में जन्मा पाकिस्तानी मूल का नागरिक था। किशोरावस्था में वह अपनी बीमार मां के साथ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रहा। इसके बाद ब्रिटेन लौटने पर इंटरनेट के जरिए वह कट्टरपंथियों के संपर्क में आया था।

जज ने उस्मान को खतरनाक जिहादी बताया था

जनवरी 2012 में उसे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया गया था। तब कोर्ट ने उसे 8 साल की सजा सुनाई थी। उस पर आतंकवाद फैलाने, आतंकी प्रशिक्षण के लिए रकम जुटाने, नियम विरुद्ध विदेश यात्रा और गलत मकसद में दूसरों की सहायता करने के आरोप थे। वह पीओके में आतंकी शिविर चलाने का भी आरोपी था। उस्मान को सजा सुनाने वाले जज ने उसे "आतंकवाद फैलाने वाला और जनता के लिए गंभीर और दीर्घकालिक जोखिम" करार दिया था।

हमलावर के तार अल-कायदा और आईएस से जुड़े
ब्रिटेन में उस्मान अल-कायदा की विचारधारा से जुड़े एक गुट में शामिल हुआ। अधिकारियों को उसके संबंध आईएसआईएस से होने का भी संदेह है। वह यूके से चरमपंथियों की भर्ती कर, उन्हें गुप्त रूप से पीओके में प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा था। उसने अपनी साजिश की रिकॉर्डिंग भी की थी। कोर्ट ने कहा था कि उसे तब तक नहीं छोड़ा जाना चाहिए, जब तक वह लोगों के लिए खतरा है। वह दिसंबर 2018 में पैरोल पर जेल से छूटा था।

DBApp
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना