ईरान में हिजाब विवाद और बढ़ा:पुलिस कस्टडी में युवती की मौत के बाद महिलाओं ने विरोध में अपने बाल काटे, हिजाब जलाए

तेहरान2 महीने पहले

ईरान में पुलिस कस्टडी में हुई महसा अमिनी की मौत के बाद राजधानी तेहरान में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। महिलाएं विरोध जताते हुए अपने बाल काट रही हैं और हिजाब भी जला रही हैं।

एक ईरानी महिला पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने अपने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर किए हैं। इन वीडियोज में महिलाएं बाल काटते हुए और हिजाब को जलाते हुए दिख रही हैं।

16 सितंबर को महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।
16 सितंबर को महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।

अपने साथ हो रहे अन्याय से परेशान हैं महिलाएं
महिला पत्रकार ने वीडियो के साथ लिखा- ईरान की महिलाएं पुलिस कस्टडी में 22 साल की महसा अमिनी की मौत और हिजाब पहनना मेंडेटरी होने का विरोध ऐसे ही बाल काट कर और हिजाब जला कर दिखा रही हैं।

मसीह ने लिखा- अगर लड़कियां 7 साल की उम्र के बाद अपना सिर कवर नहीं करती हैं तो उन्हें स्कूल जाने नहीं दिया जाता है और न ही उन्हें कहीं नौकरी मिलती है। हम महिलाएं इस भेदभाव, अन्याय और अत्यातार से परेशान हो चुके हैं।

ईरान में वैसे तो हिजाब को 1979 में मेंडेटरी किया गया था, लेकिन 15 अगस्त को प्रेसिडेंट इब्राहिम रईसी ने एक ऑर्डर पर साइन किए और इसे ड्रेस कोड के तौर पर सख्ती से लागू करने को कहा गया।
ईरान में वैसे तो हिजाब को 1979 में मेंडेटरी किया गया था, लेकिन 15 अगस्त को प्रेसिडेंट इब्राहिम रईसी ने एक ऑर्डर पर साइन किए और इसे ड्रेस कोड के तौर पर सख्ती से लागू करने को कहा गया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की
ईरानी पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने एक और वीडियो शेयर किया जिसमें तेहरान यूनिवर्सिटी की छात्राएं महसा अमिनी की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने लिखा- देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। साघेज सिटी में महिलाएं नारेबाजी कर रही थीं। महिलाओं ने कहा- डरना मत, हम सब एक साथ हैं। इसी दौरान पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों पर फायरिंग की। कई लोग घायल हो गए। इस घटना से पूरे ईरान के लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है।

13 सिंतबर को पुलिस ने अमिनी को अरेस्ट किया था
ईरान पुलिस ने 13 सितंबर को महसा अमिनी को हिजाब नहीं पहनने के लिए गिरफ्तार किया था। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिनी गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही कोमा में चली गई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट्स में कहा गया- महसा के पुलिस स्टेशन पहुंचने और अस्पताल जाने के बीच क्या हुआ यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ईरान में हो रहे ह्यूमन राइट्स वायलेशन पर नजर रखने वाली चैनल ने कहा कि अमिनी की मौत सिर पर चोट लगने से हुई। गिरफ्तारी के 3 दिन बाद, यानी 16 सितंबर को उसकी मौत हो गई।

ये तस्वीर महसा अमिनी की है। वह कोमा में चली गई थी जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
ये तस्वीर महसा अमिनी की है। वह कोमा में चली गई थी जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

पुलिस का आरोपों से इनकार
महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इधर, पुलिस का कहना है कि पुलिस ने महसा के साथ कोई मारपीट नहीं की। 13 सितंबर को कई लड़कियों को गिरफ्तार किया गया था। उनमें से एक अमिनी थी। उसे जैसे ही पुलिस स्टेशन ले जाया गया वो बेहोश हो गई। वहीं, राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने गृह मंत्री को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

ईरान में हिजाब न पहनने वाली महिलाएं गिरफ्तार, मशहूर एक्ट्रेस से TV पर मंगवाई माफी

28 साल की सेपदेह रोश्नो ने हिजाब पहनने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। बेहद टॉर्चर किया गया। बाद में नेशनल टीवी पर आकर माफी मांगने को कहा गया, ताकि हिजाब पहनने के तालिबानी फरमान को न मानने वाली महिलाओं के मन में दहशत पैदा की जा सके। पढ़ें पूरी खबर...

हिजाब के खिलाफ सड़कों पर उतरीं ईरानी महिलाएं, इस्लामिक कानून के विरोध में सार्वजनिक तौर पर परदा हटाया

ईरान उन देशों में एक है जहां इस्लामिक हिजाब पहनना महिलाओं के लिए अनिवार्य है। ईरानी महिलाओं ने मंगलवार को देशभर में एंटी हिजाब कैम्पेन चलाया और बिना हिजाब की वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। ऐसा करके महिलाओं ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सख्त हिजाब नियमों को तोड़ा। इसके लिए सोशल मीडिया पर No2Hijab हैशटैग भी चलाया गया। पढ़ें पूरी खबर...