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इंटरनेशनल ओलिंपिक डे:कई खिलाड़ियों ने ओलिंपिक के लिए शादी, परिवार जैसे फैसले भी टाल दिए; आयोजन पर रिकॉर्ड 2.25 लाख करोड़ रुपए खर्च हो चुके

6 महीने पहलेलेखक: केविन ड्रेपर, एंड्रयू केह
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महामारी के जोखिम के बीच जापान ओलिंपिक खेलों का आयोजन कर रहा है। - Dainik Bhaskar
महामारी के जोखिम के बीच जापान ओलिंपिक खेलों का आयोजन कर रहा है।

ओलिंपिक खेलों में संख्या हमेशा से महत्वपूर्ण रही हैं। इन खेलों का मतलब है- ‘ज्यादा तेज, और ऊंचे, ज्यादा मजबूत।’ ये क्षमता सेकंड, मीटर और पाउंड के बिना वजूद नहीं रखती। पर पिछले सालभर से ओलिंपिक की चर्चा में अलग तरह की संख्या हावी हो गई हैं, जैसे कोरोना के बढ़ते मामले, इसके जोखिम की वजहें या कम टीकाकरण। इन चिंताओं के बीच ओलिंपिक होने जा रहा है। इस आयोजन के लिए अरबों डॉलर दांव पर हैं, हजारों खिलाड़ियों ने सालभर से जिंदगी रोक दी। ऐसे ही तमाम अन्य कारण थे, जिनके चलते आयोजन टालना संभव नहीं था।

पिछले साल ओलिंपिक खेलों के स्थगन के बाद आगे की तैयारी के लिए हजारों खिलाड़ियों ने अपनी निजी जिंदगी के अहम फैसले तक टाल दिए। करीब सालभर से 200 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 11,100 एथलीट ने ओलिंपिक और 4,400 पैरालिंपिक प्लेयर्स ने खेल के लिए अपनी निजी जिंदगी के तमाम फैसले रोक दिए। ताकि वे कड़ा प्रशिक्षण लेकर खेल के इस महाकुंभ में अपना सपना पूरा कर सकें।

कई खिलाड़ियों ने शादी की योजना, परिवार बढ़ाने का फैसला और कॉलेज में एडमिशन जैसी चीजें टाल दीं। क्लीवलैंड के मुक्केबाज डेलॉन्टे जॉनसन कहते हैं कि मेरे दिवंगत कोच क्लिंट मार्टिन ने कहा था कि मैं ओलिंपिक में जाऊंगा। इसलिए मैंने पेशेवर बनने का फैसला एक साल के लिए टाल दिया। कैलिफोर्निया की 29 वर्षीय वाटर पोलो खिलाड़ी केली गिलक्रिस्ट कहती हैं, ओलिंपिक का सपना पूरा करने के लिए सबकुछ छोड़ दिया। मैं खुश हूं कि हम अपनी मेहनत दुनिया को दिखा सकते हैं।

रिकॉर्ड ओलिंपिक बजट: साल भर में 22 हजार करोड़ रु. बढ़ गया खर्च

टोक्यो का नया नेशनल स्टेडियम ओपनिंग सेरेमनी के वक्त खाली रहता तो 1.14 लाख करोड़ रु. का निवेश बेकार हो जाता। वैसे भी सालभर में 22 हजार करोड़ रु. के अतिरिक्त बजट के कारण यह ओलिंपिक खर्च का रिकॉर्ड बना चुका है। टीवी राइट्स पर करीब 29,750 करोड़ की आमदनी होनी है।

यह आईओसी के कुल राजस्व का 73% है। एनबीसी यूनिवर्सल ने देश में विज्ञापन के अधिकार 9300 करोड़ में बेचे हैं। यह राशि कुल मिलाकर करीब 2.25 लाख करोड़ रुपए है। इसमें आईओसी द्वारा राष्ट्रीय कमेटियों को दी गई राशि शामिल नहीं है।