लेबनान / सामूहिक विवाहों का जोर: एक महीने में ऐसे 4 कार्यक्रम हुए, विदेशी सरकारें भी समर्थन करती हैं



लेबनान का सबसे बड़ा क्रिश्चियन संगठन मैरोनाइट लीग भी विवाहों का आयोजन कराता है। लेबनान का सबसे बड़ा क्रिश्चियन संगठन मैरोनाइट लीग भी विवाहों का आयोजन कराता है।
Mass Weddings Boom in Lebanon and across the Middle East
Mass Weddings Boom in Lebanon and across the Middle East
X
लेबनान का सबसे बड़ा क्रिश्चियन संगठन मैरोनाइट लीग भी विवाहों का आयोजन कराता है।लेबनान का सबसे बड़ा क्रिश्चियन संगठन मैरोनाइट लीग भी विवाहों का आयोजन कराता है।
Mass Weddings Boom in Lebanon and across the Middle East
Mass Weddings Boom in Lebanon and across the Middle East

  • इस साल की शुरुआत में लेबनान में 196 जोड़े सामूहिक विवाह में शादी के बंधन में बंधे, इसे फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने समर्थन दिया था
  • हथियारबंद गिरोह भी अपने लड़ाकों की शादी कराते हैं ताकि उनके बच्चे भी बड़े होकर इसका हिस्सा बन सकें
  • लेबनान में यूएई, टर्की और फिलिस्तीन सरकार भी सामूहिक शादियों के लिए समर्थन दे चुकीं

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 08:20 AM IST

बेरुत. लेबनान समेत मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के कई देशों में सामूहिक विवाहों का चलन बढ़ गया है। बीते एक महीने में लेबनान में सामूहिक विवाह के चार बड़े कार्यक्रम हुए। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, आर्थिक दबाव और महंगे आयोजन के चलते कई लोग सामूहिक शादी कार्यक्रमों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। लेबनान ही नहीं बल्कि कई देशों की राजनीतिक पार्टियां इन शादियों के समर्थन में उतरी हैं।

शिया फाइटर भी शादियां कराते हैं

  1. हाल ही में शिया समर्थित आतंकी गुट हिजबुल्ला ने 31 जोड़ों की शादी कराई। हथियारबंद गिरोह शादियों का समर्थन इसलिए करते हैं ताकि जोड़ों का होने वाला बच्चा एक दिन उनके गुट का सदस्य बनेगा।

  2. इस साल की शुरुआत में 196 जोड़े शादी के बंधन में बंधे थे। इन शादियों को फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने समर्थन दिया था। गाजा के पास स्थित इलाकों में रह रहे लोग मिस्र और इजराइली गोलीबारी से परेशान रहते हैं। यहां के जोड़ों की शादियों को प्रायोजित करने के लिए विदेशी काफी इच्छुक रहते हैं।

  3. 2015 में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 200 जोड़ों की शादी स्पॉन्सर की थी। इसके कुछ महीनों बाद तुर्की ने 2000 जोड़ों शादी कराई। इसमें हमास (फिलिस्तीन आतंकी संगठन) के लोग भी शामिल हुए। लेबनान का सबसे बड़ा क्रिश्चियन संगठन मैरोनाइट लीग भी विवाहों का आयोजन कराता है।

  4. जिन लोगों के पास पैसे की कमी होती है, वे सामूहिक विवाह में जाना पसंद करते हैं। हाल ही में इस कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधे रोनी अबु जैद कहते हैं कि वे लोग (शादी के आयोजक) हर चीज का ख्याल रखते हैं, अल्लाह उन्हें खैरियत बख्शे। रोनी एक सैनिक हैं। उन्हें शादी के लिए 20 हजार डॉलर (करीब 14.2 लाख रुपए) बचाना मुश्किल था, लिहाजा उन्हें सामूहिक विवाह का विकल्प चुना।

  5. क्रिश्चियन लीग बीते 11 साल में 10 सामूहिक विवाह करा चुका है। लीग के एक अधिकारी फादी गर्जेस के मुताबिक- हम हर उस समुदाय की मदद करते हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है। अगर किसी समुदाय को लगता है कि वह खतरे में है, तो हम अपने साथ ले लेते हैं। लीग के मुताबिक- सामूहिक विवाह में हुई शादियों के टूटने की संख्या भी काफी कम होती है।

  6. शादी कराने वाला आयोजक कपल्स को कई सुविधाएं भी देता है। दूल्हा-दुल्हन को न केवल शादी के कपड़े दिए जाते हैं बल्कि उनकी शादी से जुड़ी हर चीज मसलन शादी का कार्ड, फोटो-फूल का खर्च भी उठाया जाता है। साथ ही हर कपल को 2 हजार डॉलर (करीब 1 लाख 42 हजार रुपए) नकद दिए जाते हैं।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना