• Hindi News
  • International
  • Men Are More Likely To Live Alone Than Women, With One third Of Unmarried Men Living With Parents

अमेरिका में नया ट्रेंड:महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अकेले रहने की चाह बढ़ी, एक तिहाई अविवाहित पुरुष माता-पिता के साथ रह रहे

19 दिन पहलेलेखक: बेलिंडा लुस्कोम्बे
  • कॉपी लिंक
प्यू रिसर्च का दावा- तीन दशक में अकेले रहने वाले वयस्कों की संख्या में 9% की बढ़ोतरी। - Dainik Bhaskar
प्यू रिसर्च का दावा- तीन दशक में अकेले रहने वाले वयस्कों की संख्या में 9% की बढ़ोतरी।

जैसे-जैसे अमेरिकी वयस्कों के रिश्ते, रहन-सहन और पारिवारिक जीवन विकसित हो रहे हैं, वैसे-वैसे एक बड़ा वर्ग जीवन साथी के बिना रह रहा है। चिंता यह है कि यह ट्रेंड महिलाओं के बजाय अब पुरुषों में दिख रहा है। तीन दशक पहले ऐसा नहीं था। फिलहाल देश में एक तिहाई वयस्क पुरुष माता-पिता के साथ रह रहे हैं। ये चौंकाने वाले खुलासे प्यू रिसर्च ने 2019 के अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे की स्टडी के आधार पर किए हैं। इसके मुताबिक 25-54 साल के 38% वयस्क अकेले रह रहे हैं। जबकि 1990 में ये महज 29% थे। स्टडी में कहा गया है कि जीवन साथी के साथ रह रहे पुरुषों की तुलना में एकाकी जीवन जीने वालों के बेरोजगार, आर्थिक रूप से कमजोर और उच्च शिक्षा कम होने की संभावना रहती है। साथ ही उनकी औसत आय भी कम रहती है। अकेले पुरुषों ने 1990 की तुलना में 2019 में कम कमाई की। पर अविवाहित महिलाएं तीन दशक पहले जितनी ही कमाई कर रही हैं।

इसके अलावा पार्टनर के साथ होने पर उनकी कमाई में 50% की बढ़ोतरी देखने को मिली। अकेले रहने वालों की सम्पत्ति में भी कमी देखने को मिली है। 1990 में 25 से 54 उम्र वर्ग वाले 71% वयस्क या तो शादीशुदा थे या उनके पार्टनर थे। पर 2019 में ये महज 62% ही रह गए।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि लोग ऐसे रिश्ते बनाने में ज्यादा समय ले रहे हैं। शादी की औसत उम्र भी बढ़ती जा रही है। पर मामला सिर्फ ‘एज शिफ्ट’ का नहीं है। बुजुर्ग अविवाहितों की संख्या भी 1990 की तुलना में कहीं ज्यादा है। फिलहाल 40-54 साल के अविवाहित पांच में से एक पुरुष माता-पिता के साथ रहता है।

स्टडी के मुताबिक महिलाओं की तुलना में पुरुषों से आर्थिक सम्पन्नता की अपेक्षा ज्यादा रहती है। इसलिए उन पर दबाव ज्यादा होता है। मैरीलैंड यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र के प्रोफेसर फिलिप कोहेन कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि शादी लोगों को समृद्ध बना रही है बल्कि सच यह है कि शादी अब ‘संभ्रांत संस्था’ बनती जा रही है, जो लोग आर्थिक रूप से मजबूत हैं, वही शादी कर रहे हैं।

शादी पुरुषों को जिम्मेदार बनाती है, इससे जिम्मेदारियां बंटती हैं: स्टडी

वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र के विशेषज्ञ प्रो. डब्ल्यू ब्रेडफोर्ड विलकॉक्स कहते हैं कि जीवन साथी के साथ होने से जिम्मेदारियां बराबर बंट जाती हैं। मान लीजिए किराया देना या महंगा फ्रीज खरीदना हो तो किसी एक पर भार नहीं आता। इसलिए कई विशेषज्ञों का मानना है कि शादी है तो भविष्य है।

हार्वर्ड की स्टडी के मुताबिक शादी पुरुषों को जिम्मेदार और अच्छा वर्कर बनाती है। शादीशुदा पुरुष नई नौकरी मिलने पर ही वर्तमान नौकरी छोड़ने का फैसला लेते हैं। ड्यूक यूनिवर्सिटी की स्टडी में दावा किया गया है कि शादी के बाद पुरुष ज्यादा देर तक काम कर सकते हैं और उनकी कमाई भी ज्यादा होती है।

खबरें और भी हैं...