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टाइम से विशेष अनुबंध के तहत:बच्चों की गतिविधियों में ज्यादा दखल देने से उन्हें कई समस्याएं, अमेरिका में हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग के खिलाफ एक महिला विशेषज्ञ की लोकप्रियता बढ़ी

3 महीने पहलेलेखक: डोरी शफरिर
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क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. बेकी कैनेडी - Dainik Bhaskar
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. बेकी कैनेडी

अमेरिका में बच्चों के सख्ती से पालन-पोषण के तरीके- हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग से अब बहुत लोग पीछा छुड़ा रहे हैं। उनके लिए मैनहटन की 38 वर्षीय क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. बेकी कैनेडी जैसे विशेषज्ञ मददगार साबित हुए हैं। बेकी ज्यादातर इंस्टाग्राम पर अपने वीडियो के माध्यम से माता-पिता को सलाह देती हैं। महामारी के बीच उनसे सलाह लेने वालों की संख्या बहुत अधिक बढ़ी है।

उनके छह लाख से अधिक फॉलोअर हैं। इनमें 95 फीसदी महिलाएं हैं। वे पॉटी ट्रेनिंग से लेकर भावुक बच्चों को कैसे संभालें जैसे विषयों पर 35 हजार वर्कशॉप कर चुकी हैं। उन्होंने अकेले अपने वर्कशॉप से साल भर में 13 करोड़ रुपए से अधिक कमाए हैं। बच्चों की परवरिश के कैनेडी के तरीकों में बच्चों के अंदर दूसरों के प्रति सहानुभूति पैदा करना और उन्हें कठिन हालात से उबरने की ताकत देना शामिल है।

यह हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग से अलग है। लारा पडिला वाकर और लैरी नेलसन ने एडोलसेंस जर्नल में प्रकाशित एक पेपर में हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग के ट्रेंड की जानकारी दी थी। इसके तहत बच्चों की स्वतंत्र गतिविधियों में गैरजरूरी दखल देना और उस पर बहुत ज्यादा नियंत्रण शामिल है। रिसर्च से पता लगा कि हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग से बच्चों के सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ने और बेचैनी बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

2019 में ब्लू क्रॉस ब्लू शील्ड स्टडी में पाया गया कि 1980 से 1995 के बीच जन्म लेने वाली मिलेनियल्स पीढ़ी के युवाओं में मानसिक अवसाद की दर उनसे पिछली पीढ़ी के युवाओं के मुकाबले ज्यादा रही। कुछ विशेषज्ञों ने इस ट्रेंड को हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग से जोड़ा है। मिलेनियल्स जब बड़े हो रहे थे तब पैरेंटिंग का यह ट्रेंड बहुत अधिक चलन में था।

डॉ. बेकी की टिप्स

  • बच्चा यदि गुस्से में है तो आपका काम उसे शांत करना नहीं है। आपका काम तो स्वयं शांत रहकर अपने बच्चे का ख्याल रखना है।
  • तनाव और अनिश्चितता का सामना करने में हमारी प्रतिक्रिया को देखकर बच्चे सीखते हैं। उन्हें भय की बजाय धैर्य का सबक सिखाएं।
  • अगर आप बच्चे पर चिल्लाते हैं तो बाद में उससे खेद जताएं। कहें कि गुस्सा आने पर मैं अब शांत रहने की कोशिश करूंगा।
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