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बांग्लादेश में नाव डूबने से 24 की मौत, 30 लापता:महालया उत्सव मनाने मंदिर जा रहे थे अधिकांश लोग, 100 यात्री सवार थे

ढाका4 महीने पहले
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बांग्लादेश में रविवार को श्रद्धालुओं से भरी एक नाव डूब गई। पंचगढ़ जिले के कोरोटोआ नदी में हुए इस हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 लापता हैं। अधिकांश यात्री दुर्गा-पूजा से एक दिन पहले महालया उत्सव मनाने के लिए यहां के प्रसिद्ध बिदेशरी मंदिर जा रहे थे। फिलहाल रेस्क्यू टीम लापता लोगों की तलाश कर रही है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

पंचगढ़ जिले के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद जुहुरुल इस्लाम ने बताया अब तक 60 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। 10 से ज्यादा घायलों को इलाज के लिए बोडा के एक हास्पिटल में भर्ती कराया गया है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल के पास जुटी।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल के पास जुटी।

बिदेशरी मंदिर जा रहे थे यात्री
बोडा थाने के सब-इंस्पेक्टर (SI) शौकत ने बताया कि नदी से 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें तीन बच्चे 11 महिलाएं और दो पुरुष हैं। आठ की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई। इनमें पांच बच्चे एक महिला और दो पुरुष हैं।

शौकत ने बताया नाव औलिया घाट से दोपहर करीब 1:30 बजे बिदेशरी हिंदू मंदिर की ओर जा रही थी। नांव में करीब 100 लोग सवार थे। इनमें से अधिकतर यात्री महालया उत्सव मनाने मंदिर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि नांव में क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार होने की वजह से ये हादसा हुआ।

स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में शामिल हुए।
स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में शामिल हुए।

बांग्लादेश में हो चुके हैं कई बड़े हादसे
बांग्लादेश 230 नदियों से घिरा हुआ है और गंगा-ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों के डाउन वे पाथ पर स्थित हैं। यहां नाव पलटने जैसे हादसे आम हैं। इनमें से अधिकतर हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ओवर लोडिंग के कारण होते हैं।

11 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद नाव को बाहर निकाला गया था।
11 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद नाव को बाहर निकाला गया था।
  • अगस्त 2021 में पैंसेजर नौका एक कार्गो शिप से टकरा गई थी। हादसे के बाद 11 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 21 यात्रियों का शव नौका से बरामद किया था। वहीं अन्य छह यात्रियों के शव नदी में तैरते मिले थे। 19 यात्रियों को बचा लिया गया था। हादसे की वजह ओवरलोडिंग थी।
तीन मंजिला नौका में आग लगने से 40 लोगों की मौत हो गई थी।
तीन मंजिला नौका में आग लगने से 40 लोगों की मौत हो गई थी।
  • पिछले साल ही 24 दिसंबर को साउथ बांग्लादेश में एक अन्य हादसे में सुगंधा नदी पर जा रही तीन मंजिला नौका में आग गई थी। घटना में 40 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं 100 से अधिक घायल हो गए थे। जब नाव में आग लगी, अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे। कई यात्रियों की मौत दम घुटने की वजह हुई थी। नौका में 1000 लोग सवार थे।
शीतलक्ष्य नदी में हादसे के बाद पांच यात्रियों के शव मिले थे।
शीतलक्ष्य नदी में हादसे के बाद पांच यात्रियों के शव मिले थे।
  • 20 मार्च 2022 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में शीतलक्ष्य नदी में एक नौका, कार्गो शिप से टकरा गई थी। हादसे में नौका डूबने के कारण पांच लोगों की मौत हो गई थी और 10 से ज्यादा यात्री लापता हो गए थे। नौका में लगभग 50 यात्री सवार थे।

नौसेना के अधिकारियों की माने तो बांग्लादेश में लाखों लोग राजधानी या डेल्टा देश के प्रमुख शहरों की यात्रा के लिए नावों और घाटों पर निर्भर हैं। लेकिन देश की सैकड़ों हजारों छोटी और मध्यम आकार की नौकाएं 95 प्रतिशत से अधिक न्यूनतम सुरक्षा नियमों को पूरा नहीं करती हैं। इसलिए नदियों में नाव डूबने जैसे हादसे अक्सर होते हैं।

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