अमेरिका की फ्रीडम डे परेड में फायरिंग:हमले में 6 की मौत, 31 घायल, 22 साल का संदिग्ध अरेस्ट, बोला- म्यूजिशियन हूं

वॉशिंगटनएक महीने पहले
पुलिस ने पीछाकर रॉबर्ट ई क्रीमो थर्ड को शिकागो के हाईवे से गिरफ्तार किया।

अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) पर शिकागो में फ्रीडम डे परेड के दौरान गोलीबारी मामले में 22 साल के संदिग्ध रॉबर्ट ई क्रीमो III को गिरफ्तार किया गया है। क्रीमो एक रैपर है, वह हमला करने के बाद भागने की फिराक में था।

पुलिस ने शिकागो हाईवे पर लंबी दूरी तक पीछकर रॉबर्ट को गिरफ्तार किया। जिसके बाद उसने खुद को म्यूजिशियन बताया। कल इलेनॉय राज्य के हाईलैंड पार्क की घटना में 6 लोगों की मारे गए थे, जबकि 31 घायल हो गए थे।

परेड सुबह 10 बजे शुरू हुई थी, लेकिन फायरिंग होने के 10 मिनट बाद ही रोक दी गई। इसे देखने के लिए सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने स्थानीय लोगों को घटनास्थल से दूर रहने को कहा है। पुलिस के मुताबिक, हमलावर ने एक स्टोर की छत से अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इलाके की घेराबंदी कर हमलावर की तलाश की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा- मैं इस निर्मम हिंसा से स्तब्ध हूं।

परेड के दौरान हुई गोलीबारी के बाद अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर- उधर भागते दिखाई दिए।
परेड के दौरान हुई गोलीबारी के बाद अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर- उधर भागते दिखाई दिए।

18 से 20 साल का है हमलावर
हाईलैंड पार्क के सिक्योरिटी चीफ क्रिस ओ'नील ने बताया कि पुलिस संदिग्ध हमलावर की तलाश कर रही है। नील के मुताबिक, हमलावर 18 से 20 साल का एक युवक है। उसका रंग गोरा है और बाल लंबे हैं। वह सफेद या नीले रंग की टी-शर्ट पहने हुए है। घटनास्थल से पुलिस ने एक गन रिकवर की है। लोगों को घर के अंदर रहने को कहा गया है।

गोलीबारी के बाद मौके पर खून के निशान भी देखे गए, परेड में शामिल होने के लिए यहां लोग भारी संख्या में इकट्ठा हुए थे।
गोलीबारी के बाद मौके पर खून के निशान भी देखे गए, परेड में शामिल होने के लिए यहां लोग भारी संख्या में इकट्ठा हुए थे।

हमले में बड़े हथियार के इस्तेमाल की आशंका
शिकागो सन-टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल पर एक शख्स जमीन पर पड़ा था। उसका शरीर कंबल से ढका हुआ था। वहीं, करीब 5-6 लोग खून से लथपथ जमीन पर पड़े हैं। एक स्थानीय निवासी माइल्स जरेम्स्की ने बताया- मुझे 20 से 25 शॉट सुनाई, जो एक के बाद एक लगातार हो रहे थे। इसलिए यह केवल एक हैंडगन या शॉटगन नहीं हो सकता था। पिछले साल भी फ्रीडम डे पर फायरिंग की घटना हुई थी, उसमें 19 जानें गई थीं।

फायरिंग की वजह से लोगों को अपना सामान छोड़कर भागना पड़ा। घटनास्थल पर बिखरे कंबल और कुर्सियां।
फायरिंग की वजह से लोगों को अपना सामान छोड़कर भागना पड़ा। घटनास्थल पर बिखरे कंबल और कुर्सियां।

लोग चिल्ला रहे थे- कोई शूटर है..कोई शूटर है...
हाईलैंड पार्क में रहने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी डेबी ग्लिकमैन ने बताया- वे अपने साथियों के साथ परेड फ्लोट पर मौजूद थीं। उन्होंने अचानक लोगों के चीखने की आवाज सुनी। लोग बदहवास अपनी जान बचाकर भाग रहे थे। वे कह रहे थे- यहां से भागो..कोई शूटर है..कोई शूटर है... गोलियां बरसा रहा है। हालांकि, मैंने किसी भी घायल को नहीं देखा, लेकिन लोगों का डर दुखद था।

हमलावर को पकड़ने के लिए FBI की मदद
FBI शिकागो के एक प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस टीम घटनास्थल पर तैनात कर दी गई है। हम अभी हमलावर को पकड़ नहीं पाए हैं, लेकिन हम जल्द ही अपराधी को पकड़ लेंगे। डॉग स्क्वाड की टीम भी पहुंच गई है और हमलावर को पकड़ने के लिए पुलिस जुट गई है।

पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है। हर आने जाने वाले रास्ते पर पुलिस तैनात है। अब पुलिस हमलावर को पकड़ने में जुटी है।
पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है। हर आने जाने वाले रास्ते पर पुलिस तैनात है। अब पुलिस हमलावर को पकड़ने में जुटी है।

हाइलैंड पार्क की आबादी 30 हजार
अमेरिकी जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, जिस हाइलैंड पार्क में गोलीबारी की यह घटना घटी है, वहां लगभग 30,000 लोग रहते हैं और इनकी इनकम देश के बाकी लोगों की तुलना में तीन गुना ज्यादा है।

हमले के दौरान लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे, इस दौरान कई लोगों ने एक स्टोर में घुसने की कोशिश की इससे स्टोर को भी नुकसान पहुंचा।
हमले के दौरान लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे, इस दौरान कई लोगों ने एक स्टोर में घुसने की कोशिश की इससे स्टोर को भी नुकसान पहुंचा।

गोलीबारी के पीछे हिंसक वीडियो गेम जिम्मेदार
अमेरिकी में आए दिन होने वाली गोलीबारी के पीछे एक्सपर्ट हिंसक वीडियो गेम को भी जिम्मेदार मानते हैं। कई रिसर्च में यह साबित भी हो चुका है। एक रिसर्च में दावा किया गया है कि जिन बच्चों ने गन वायलेंस वाले वीडियो गेम को देखा या खेला है, उनमें से 60% बच्चे तुरंत गन चलाना चाहते थे। पढ़ें पूरी खबर

2. एक महीने पहले टेक्सास में भी हुई थी फायरिंग
एक महीने पहले अमेरिका के टेक्सास राज्य में हुई फायरिंग में 19 स्कूली बच्चों समेत 2 लोगों की मौत हुई है। टेक्सास के युवाल्डे में रॉब एलिमेंट्री स्कूल में 18 साल के युवक ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में 13 बच्चों समेत स्कूल के स्टाफ और पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। पढ़ें पूरी खबर

अमेरिका में क्यों नहीं लग पाती गन कल्चर पर लगाम

  • अमेरिका 230 साल बाद भी अपने गन कल्चर को नहीं खत्म कर पाया है। इसकी दो प्रमुख वजहें हैं। पहली- कई अमेरिकी राष्ट्रपति से लेकर वहां के राज्यों के गवर्नर तक इस कल्चर को बनाए रखने की वकालत करते रहे हैं। थियोडेर रूजवेल्ट से लेकर फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट, जिमी कार्टर, जॉर्ज बुश सीनियर, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और डोनाल्ड ट्रंप तक कई अमेरिकी राष्ट्रपति गन कल्चर की तरफदारी करते रहे हैं।
  • गैलप की 2020 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी के 91% सदस्य सख्त गन लॉ बनाने के पक्ष में थे, तो वहीं रिपलब्किन पार्टी के 24% लोग ही इसके पक्ष में थे। जो बाइडेन डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप रिपलब्किन से हैं।
  • दूसरी वजह गन बनाने वाली कंपनियां, यानी गन लॉबी भी इस कल्चर के बने रहने की प्रमुख वजह है। 2019 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 63 हजार लाइसेंस्ड गन डीलर थे, जिन्होंने उस साल अमेरिकी नागरिकों को 83 हजार करोड़ रुपए की बंदूकें बेची थीं।
  • नेशनल राइफल एसोसिएशन यानी NRI अमेरिका में सबसे ताकतवर गन लॉबी है, जो वहां संसद सदस्यों को प्रभावित करने के लिए जमकर पैसा खर्च करती है। ये ताकतवर लॉबी गन कल्चर को खत्म करने के लिए प्रस्तावित दूसरे संविधान संशोधन में बदलावों का विरोध करती रही है।
  • अमेरिका के कई चुनावों में वहां की गन समर्थक लॉबी, गन पर बैन लगाने की मांग वाली लॉबी की तुलना में ज्यादा पैसा खर्च करती रही है। 2020 में गन समर्थक लॉबी ने करीब 3.2 करोड़ डॉलर खर्च किए थे, जबकि गन का विरोध करने वाली लॉबी 2.2 करोड़ डॉलर खर्च कर पाई थी।
  • कई अमेरिकी राज्य भी बंदूक से जुड़े प्रतिबंधों को हटाते रहे हैं। जून 2021 में टेक्सास ने एक बिल पारित करते हुए अपने नागरिकों को बिना लाइसेंस और ट्रेनिंग के हैंडगन रखने की इजाजत दे दी थी। अप्रैल 2021 में एक और अमेरिकी राज्य जॉर्जिया ने बिना परमिट और लाइसेंस के ही नागरिकों को हथियार रखने की इजाजत दे दी थी।