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पेन्सिलवेनिया में 58 साल बाद खुला रेप-कत्ल का राज:अफसोस बच्ची के​​​​​​​ कातिल को भगवान सजा दे चुका था; 20 साल के स्टूडेंट ने जांच को अंजाम तक पहुंचाया

पेन्सिलवेनिया5 महीने पहले
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आए दिन रेप और मर्डर के केस सामने आते हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस और कानून गुनहगार दरिंदों को जेल की सलाखों या फांसी के तख्ते तक पहुंचा देते हैं। लेकिन, कई मामले ऐसे भी होते हैं जो साल-हा-साल अनसुलझे रहते हैं। और फिर एक दिन जैसे कोई चमत्कार होता है और दशकों चला केस सॉल्व हो जाता है। ऐसा ही एक मामला अमेरिका के पेन्सिलवेनिया से सामने आया है।

18 मार्च 1964 को 9 साल की एक बच्ची घर से अपने टीचर के लिए गिफ्ट लेकर स्कूल के लिए निकलती है। कुछ घंटे बाद उसकी लाश गड्ढे में मिलती है। शुरुआती जांच में ही साफ हो जाता है कि बच्ची की रेप के बाद बेरहमी से हत्या की गई है। फिर शुरू होती है तफ्तीश। न जाने कितने इन्वेस्टिगेशन अफसर रिटायर हो जाते हैं, कई तो अब इस दुनिया में भी नहीं रहे। लेकिन मामले की गुत्थी नहीं सुलझ पाती है।

करीब 60 साल बाद अब केस सॉल्व हुआ है। दरिंदा सामने आ चुका है, लेकिन...? चलिए पूरी कहानी को सिलसिलेवार और गहराई में जाकर समझते हैं।

मारिस शिवेरेला की यह तस्वीर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के वक्त रखी थी।
मारिस शिवेरेला की यह तस्वीर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के वक्त रखी थी।

58 साल पुरानी दर्दनाक कहानी
पेन्सिलवेनिया का एक शहर, नाम है हेजलटोन। 18 मार्च 1964 की एक सुबह। 9 साल की मारिस शिवेरेला सुबह करीब 8 बजे अपनी टीचर के लिए गिफ्ट लेकर उछलती-कूदती घर से निकलती है। चंद घंटे बाद दोपहर करीब एक बजे उसका शव घर से कुछ दूरी पर एक गड्ढे में मिलता है। पुलिस मौके पर पहुंचती है। शव का पोस्टमॉर्टम होता है और ये साफ हो जाता है कि मारिस के साथ पहले रेप हुआ और फिर बेरहमी से उसका कत्ल कर दिया गया।

अब सबसे बड़ा सवाल यह कि इस मासूम के साथ दरिंदगी करने वाला हैवान कौन है? कौन है जिसने इस वारदात को अंजाम दिया? पुलिस की जांच शुरू होती है और एक-दो नहीं पूरे 58 साल जारी रहती है।

मारिसा की यह तस्वीर परिवार ने जारी की। उसका सपना नन बनकर लोगों की सेवा करना था।
मारिसा की यह तस्वीर परिवार ने जारी की। उसका सपना नन बनकर लोगों की सेवा करना था।

पिछले हफ्ते प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने बताया कालित का नाम
लोग मारिसा को भी शायद भूल चुके होंगे, लेकिन पुलिस नहीं भूली। इन्वेस्टिगेशन अफसर आते-जाते रहे, लेकिन तफ्तीश जारी रही। फाइल बंद नहीं हुई। आखिरकार यह केस सॉल्व हुआ और पुलिस ने पिछले हफ्ते एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रेपिस्ट और मर्डरर का नाम सबके सामने रखा।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो तमाम पुलिस अफसर मौजूद थे, जो कभी न कभी- कहीं न कहीं और किसी न किसी तौर पर इस केस की जांच से जुड़े थे। पुलिस ने पूरे मामले की तहें खोलते हुए बताया कि क्या हुआ, कैसे हुआ। चलिए आगे बढ़ते हैं...

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रेजेंटेशन देते वक्त पुलिस के वर्तमान और पूर्व अधिकारी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रेजेंटेशन देते वक्त पुलिस के वर्तमान और पूर्व अधिकारी।

पहले कातिल -रेपिस्ट को जानिए
पुलिस के मुताबिक- कातिल और रेपिस्ट का नाम जेम्स पॉल फोर्टे था। जी हां था, है नहीं। क्योंकि वो 1980 में ही हार्टअटैक से मर चुका था। उस पर दो केस और भी थे। एक शख्स से मारपीट और एक महिला से बदसलूकी का। वारदात के वक्त उसकी उम्र 20 साल थी।

पेन्सिलवेनिया पुलिस के चीफ डेवन ब्रूटोस्की कहते हैं- 'हमारे राज्य में पुलिस विभाग 1905 में बना। आपका इल्जाम दुरुस्त है कि हमने एक केस को सॉल्व करने में अपने इतिहास का आधा वक्त यानी करीब 60 साल लगा दिए।'

कातिल और रेपिस्ट का नाम जेम्स पॉल फोर्टे था। वो 1980 में ही हार्टअटैक से मर चुका था।
कातिल और रेपिस्ट का नाम जेम्स पॉल फोर्टे था। वो 1980 में ही हार्टअटैक से मर चुका था।

2019 तक इन्वेस्टिगेशन करती रही पुलिस
जिस गड्ढे में मारिस का शव मिला था, वहीं उसकी जैकेट भी बरामद हुई थी। इस पर कुछ निशान थे। 2007 में इसकी फिर जांच की गई और फिर DNA प्रोफाइल तैयार किया गया। लेकिन, इस DNA का कोई रिटर्न मैच नहीं मिला। यानी किसी अपराधी या संदिग्ध से इसका मिलान नहीं हो सका। पुलिस ने हार नहीं मानी और हर महीने DNA डेटा खंगालने लगी।

पुलिस ने उस दौर के तमाम मुजरिमों और संदिग्धों के रिकॉर्ड खंगाले। तब से अब तक की सभी फोरेंसिक और इन्वेस्टिगेशन टेक्नीक्स की मदद ली, लेकिन कातिल हाथ नहीं आया। बहरहाल, 2019 तक यह कवायद जारी रही। पुलिस ने DNA डेटाबेस में 6th कजिन को तक खोजा। इसके बाद एक स्टूडेंट की मदद से केस सुलझ सका।

जीनेलॉजिकल स्टूडेंट एरिक हुबर्ट । इनकी वजह से ही रेप-मर्डर की गुत्थी सुलझ सकी।
जीनेलॉजिकल स्टूडेंट एरिक हुबर्ट । इनकी वजह से ही रेप-मर्डर की गुत्थी सुलझ सकी।

DNA सेट काम आया
पुलिस की जांच का कोई नतीजा नहीं निकल रहा था, तभी 2019 में एक 20 साल का जीनेलॉजिकल स्टूडेंट एरिक हुबर्ट सामने आया। उसने पुलिस से संपर्क किया और कहा कि वो इस केस को सुलझाने में मदद करना चाहते हैं। उस वक्त एरिक की उम्र 18 साल थी।

उसने उस इलाके के लोगों का फैमिली ट्री बनाया और फिर DNA सेट तैयार किए। पुलिस चीफ कहते हैं- 'एरिक ने फैमिली ट्री और DNA सेट के जरिए एक नाम खोज निकाला। मारिसा की जैकेट से मिले फ्लूइड से इसका मिलान भी हो गया और तब पता लगा कि रेपिस्ट और मर्डरर जेम्स पॉल फोर्टे है। पुलिस के पास उसका रिकॉर्ड मौजूद था। एरिक ने एक नहीं कई केस सुलझाने में हमारी मदद की।'

केस सॉल्व होने के बाद मारिसा की एक रिश्तेदार ने कहा- हम कातिल को सजा दिलाने से ज्यादा यह जानना चाहते थे कि आखिर वो कौन था? हमारी बेटी तो बचपन से नन बनना चाहती थी। उसके साथ ऐसा क्यों हुआ।

पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मारिसा के एक रिश्तेदार।
पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मारिसा के एक रिश्तेदार।