तुर्की की हगिया सोफिया मस्जिद:चर्च से मस्जिद, म्यूजियम और फिर मस्जिद बनी हागिया सोफिया में 87 साल बाद ईद पर नमाज

इस्तांबुलएक वर्ष पहले
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हागिया सोफिया मस्जिद में 87 साल बाद गुरुवार को करीब 5000 लोग मस्जिद पहुंचे और एक साथ इबादत की। - Dainik Bhaskar
हागिया सोफिया मस्जिद में 87 साल बाद गुरुवार को करीब 5000 लोग मस्जिद पहुंचे और एक साथ इबादत की।

तुर्की के इस्तांबुल स्थित हागिया सोफिया मस्जिद में 87 साल बाद पहली बार ईद पर नमाज पढ़ी गई। गुरुवार को करीब 5000 लोग मस्जिद पहुंचे और एक साथ इबादत की। इस दौरान लोगों ने कोविड-19 के नियमों का भी पालन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, 1500 साल पुरानी यह इमारत यूनेस्को की विश्व विरासत में शामिल है।

यह इमारत सदियों से विवादों में रही है। सबसे पहले यह इमारत 900 साल तक चर्च रही। फिर इसे मस्जिद में बदल दिया गया, जो करीब 500 साल तक रही। फिर 1934 में इसे एक म्यूजियम में तब्दील कर दिया गया। लेकिन पिछले साल विवाद बढ़ने पर मामला कोर्ट गया। जहां उसे करीब 86 साल बाद मस्जिद बना दिया गया। उस दौरान कोर्ट ने साफ कर दिया कि अब यह इमारत मस्जिद ही रहेगी।

छठी सदी में बनी थी, सालाना 40 लाख लोग पहुंचते हैं

हागिया सोफिया को हर साल 40 लाख लोग देखने पहुंचते हैं। इसे छठी सदी के बाइजेंटाइन सम्राट जस्टिनियन ने गिरिजाघर के रूप में बनवाया था।
हागिया सोफिया को हर साल 40 लाख लोग देखने पहुंचते हैं। इसे छठी सदी के बाइजेंटाइन सम्राट जस्टिनियन ने गिरिजाघर के रूप में बनवाया था।