कजाकिस्तान / स्पेस स्टेशन जा रहे रॉकेट का इंजन बिगड़ा, डेढ़ लाख फीट ऊंचाई से सुरक्षित लौटे अंतरिक्ष यात्री

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2018, 09:40 PM IST



लॉन्च से पहले अपने बेटों से मुलाकात करते अमेरिकी एस्ट्रोनॉट निक ह्यूज। लॉन्च से पहले अपने बेटों से मुलाकात करते अमेरिकी एस्ट्रोनॉट निक ह्यूज।
लॉन्चिंग के बाद पहला चरण पार करने पर बूस्टर रॉकेट। लॉन्चिंग के बाद पहला चरण पार करने पर बूस्टर रॉकेट।
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लॉन्च से पहले अपने बेटों से मुलाकात करते अमेरिकी एस्ट्रोनॉट निक ह्यूज।लॉन्च से पहले अपने बेटों से मुलाकात करते अमेरिकी एस्ट्रोनॉट निक ह्यूज।
लॉन्चिंग के बाद पहला चरण पार करने पर बूस्टर रॉकेट।लॉन्चिंग के बाद पहला चरण पार करने पर बूस्टर रॉकेट।

  • अंतरिक्ष यात्रियों का कैप्स्यूल कजाकिस्तान के एक घास के मैदान में उतरा
  • कजाकिस्तान के बैकोनुर कॉस्मोड्रोम स्टेशन से बूस्टर रॉकेट लॉन्च किया गया था
  • जिस वक्त इंजन फेल हुआ, उस दौरान रॉकेट की स्पीड 8 हजार किमी/घंटा थी

बैकोनुर कॉस्मोड्रोम. अमेरिका और रूस के अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर इंटरनेशनल स्पेस सेंटर जा रहे बूस्टर रॉकेट का इंजन 50 किमी की ऊंचाई फेल हो गया। इसके बाद इन क्रू मेंबर को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। दोनों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं। जिस समय इंजन फेल हुआ, उस दौरान रॉकेट की स्पीड 8 हजार किमी/घंटा थी। दोनों यात्रियों ने कजाकिस्तान के एक घास के मैदान में ही लैंडिंग की। जल्द ही दोनों एस्ट्रोनॉट्स को हेलिकॉप्टर से एयरपोर्ट और बाद में हॉस्पिटल ले जाया गया।

 

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घबराए हुए नजर आए थे अंतरिक्ष यात्री
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बूस्टर रॉकेट में रूस के एलेक्सी ओवचिनिन और अमेरिका के निक ह्यूज सवार थे। रॉकेट सोयुज अंतरिक्ष यान को लेकर स्पेस सेेंटर जा रहा था। सोयुज के भीतर बैठे दोनों अंतरिक्ष यात्री की फुटेज सामने आईं, दोनों घबराए हुए थे।

 

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अब तक 21 लॉन्चिंग फेल रहीं

इंजन फेल होने पर अंतरिक्ष यात्रियों का कैप्स्यूल ऑटोमैटिक तरीके से रॉकेट से अलग हो गया और जमीन पर सुरक्षित वापस आ गया। हादसे के दौरान अपने आप अलग होने वाले कैप्स्यूल को 1960 के दशक में बनाया गया था। अब तक 745 रॉकेट लॉन्च में से 21 फेल हो चुके हैं। जब कोई चीज मुक्तावस्था में धरती पर गिरती है तो उस पर सामान्य रूप से 9.8 न्यूटन/मीटर2 का गुरुत्वाकर्षण बल लगता है। सोयूज हादसे के बाद जब अंतरिक्ष यात्रियों का कैप्स्यूल नीचे आ रहा था तो उस पर सामान्य से 7 गुना गुरुत्वाकर्षण बल लगा।   

 

 

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