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मलाला अमेरिकी विदेश मंत्री से मिलीं:अफगान लड़की ने बाइडन को दिलाया याद-हम इंसान हैं और हमारे भी अधिकार हैं

वॉशिंगटन2 महीने पहले
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नोबल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफ़ज़ई ने अमेरिका से अपील की है कि अफगानिस्तान की लड़कियों को एजुकेशन मुहैया कराने और उनका हक दिलाने के लिए और काम किए जाने की जरूरत है। मलाला ने सोमवार को वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस मीटिंग के दौरान उन्होंने अमेरिका से यह अनुरोध किया। मलाला ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को एक अफगान लड़की का लिखा पत्र भी ब्लिंकन को सौंपा। अफगानिस्तान पर कब्जा के बाद तालिबान ने लड़कियों के स्कूल और महिलाओं के दफ्तर जाने पर रोक लगा दी है।

मलाला की तारीफ की, बताया प्रेरणास्रोत
मीटिंग से पहले ब्लिंकन ने मलाला की तारीफ की। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, 'मलाला वास्तव में सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वह हमारे साथ-साथ दुनिया भर की लड़कियों और महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं।"

ब्लिंकन ने कहा, 'खासकर जब शिक्षा की बात आती है, तो पाकिस्तान की युवा एक्टिविस्ट वास्तव में सबसे जुदा हैं।' उन्होंने कहा, "मैं उनसे (मलाला) उस काम के बारे में बात करने के लिए बहुत उत्सुक हूं जो वह कर रही हैं, और जो काम हम कर रहे हैं। हम उनसे यह जानना चाहेंगे कि लड़कियों और महिलाओं तक शिक्षा समान रूप से कैसे पहुंचे, और इस काम को कैसे अधिक प्रभावी बनाया जाए।"

अफगानिस्तान में लड़कियों के स्कूल जाने पर रोक
हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में अफगानिस्तान का उल्लेख नहीं किया, लेकिन मलाला ने तुरंत अफगान लड़कियों को लेकर चिंता जाहिर की। मलाला ने कहा, "आपने कहा कि हम लड़कियों की शिक्षा के बारे में बात करने के लिए यहां हैं, लेकिन हम जानते हैं कि अभी अफगानिस्तान एकमात्र ऐसा देश है, जहां लड़कियों की माध्यमिक शिक्षा तक पहुंच नहीं है।"

अफगान महिलाओं को काम के अधिकार मिलें
मलाला ने कहा, "अफगानिस्तान में लड़कियों को पढ़ने से रोक दिया गया है, और मैं अफगान लड़कियों और महिला कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रही हूं और उनका यह एक संदेश है- कि उन्हें काम करने का अधिकार दिया जाना चाहिए, उन्हें स्कूल जाने दिया जाना चाहिए।" मलाला ने अफगानिस्तान में शिक्षा और शिक्षकों के वेतन के भुगतान पर "अधिक ध्यान" देने की मांग की।

अफगानिस्तान में तालिबान की तरफ से शिक्षा पर पाबंदी लगाए जाने का लड़कियां और महिलाएं विरोध कर रही हैं।
अफगानिस्तान में तालिबान की तरफ से शिक्षा पर पाबंदी लगाए जाने का लड़कियां और महिलाएं विरोध कर रही हैं।

बाइडन को याद दिलाया-लड़कियों के भी अधिकार हैं
स्थिति की तात्कालिकता पर जोर देने के लिए मलाला ने एक 15 वर्षीय अफगान लड़की सोतोदा का एक पत्र पढ़कर सुनाया। अफगानी लड़की सोतोदा ने अमेरिकी राष्ट्रपति को लिखा, “जब तक स्कूल और विश्वविद्यालय लड़कियों के लिए बंद रहेंगे, तब तक हमारा भविष्य अंधेरे में रहेगा। लड़कियों की शिक्षा, शांति और सुरक्षा लाने का एक सशक्त माध्यम है। अगर लड़कियां नहीं पढ़ेंगी तो अफगानिस्तान को भी नुकसान होगा।" पत्र में सोतोदाह ने राष्ट्रपति बाइडन से कहा कि एक लड़की और एक इंसान के रूप में, हमारे भी अधिकार हैं। महिलाओं और लड़कियों के भी अधिकार हैं।”

लड़की ने यह पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को लिखा था। मलाला ने ब्लिंकन से इस पत्र को बाइडन तक पहुंचाने की अपील की। अमेरिकी विदेश मंत्री ने वादा किया कि वह अफगान लड़की का पत्र राष्ट्रपति तक जरूर पहुंचाएंगे।

संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका से खास अपील
पत्र पढ़ने के बाद मलाला ने कहा कि वह और अन्य शिक्षित महिलाएं एक ऐसी दुनिया देखना चाहती हैं जहां सभी लड़कियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके, और उन्हें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाएंगे। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि अफगानिस्तान में लड़कियों को स्कूल और नौकरी पर जाने की इजाजत जल्द मिलेगी।