नॉर्थ कोरिया ने फिर दागी मिसाइल:समुद्र में किया बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण; कहा- अमेरिका हमारे प्रति दुश्मनी का रवैया रखता है, इसलिए हमें परीक्षण का अधिकार

22 दिन पहले
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नॉर्थ कोरिया ने कहा कि साउथ कोरिया ने कुछ दिन पहले खुद सबमरीन से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की थी। ऐसे में उसे कोई अधिकार नहीं कि वह हमारे परीक्षण की आलोचना करे। (तस्वीर नॉर्थ कोरिया की तरफ से मंगलवार के मिसाइल लॉन्च की है।) - Dainik Bhaskar
नॉर्थ कोरिया ने कहा कि साउथ कोरिया ने कुछ दिन पहले खुद सबमरीन से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की थी। ऐसे में उसे कोई अधिकार नहीं कि वह हमारे परीक्षण की आलोचना करे। (तस्वीर नॉर्थ कोरिया की तरफ से मंगलवार के मिसाइल लॉन्च की है।)

नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर समुद्र में मिसाइल का परीक्षण किया है। साउथ कोरिया और जापान के अधिकारियों का मानना है कि मंगलवार सुबह दागी गई यह मिसाइल बैलिस्टिक थी। इस परीक्षण के कुछ समय बाद ही उत्तर कोरिया के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र को बताया कि अमेरिका उत्तर कोरिया के प्रति दुश्मनी का रवैया रखता है और उसके खिलाफ द्वेषपूर्ण नीतियां लागू की हैं। इसके चलते उत्तर कोरिया को परीक्षण करने का अधिकार है।

नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की एक इमरजेंसी बैठक में साउथ कोरिया की सरकार ने नॉर्थ कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल पर अफसोस जताया। साउथ कोरिया ने कहा कि नॉर्थ कोरिया ने ऐसे समय में इस मिसाइल का परीक्षण किया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर राजनीतिक स्थिरता बहुत जरूरी है।

साउथ कोरिया की मिलिट्री ने बताया कि नॉर्थ कोरिया ने जगंग प्रांत से इस मिसाइल को नॉर्थ कोरिया के पूर्वी समुद्र की तरफ दागा। साउथ कोरिया और अमेरिका के अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। इधर जापान के प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा ने कहा उनकी सरकार ने सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी है।

एक महीने में तीसरा मिसाइल परीक्षण
नॉर्थ कोरिया ने इस महीने तीसरी बार मिसाइल परीक्षण किया है। इससे पहले स्ट्रेटिक क्रूज मिसाइल और ट्रेन से दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है। नॉर्थ कोरिया जिस तरह से अपने न्यूक्लियर हथियार बनाने के प्रोग्राम को डेवलप कर रहा है, उसे देखते हुए अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया के ऊपर इस तरह के परीक्षणों को लेकर रोक लगा रखी है।

नॉर्थ कोरिया से बातचीत करने के लिए तैयार अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जनवरी में पदभार संभालने के बाद उत्तर कोरिया की नीतियों की समीक्षा की थी। वाशिंगटन ने कहा था कि वह नॉर्थ कोरिया के साथ कहीं भी किसी भी वक्त बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन कोई बड़ा सौदा नहीं करेंगे।

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