किम जोंग की US- साउथ कोरिया को धमकी:तानाशाह बोला- जंग हुई तो अमेरिका पर एटमी हमला करेंगे; जल्द न्यूक्लियर टेस्ट करेगा नॉर्थ कोरिया

प्योंगयांग4 महीने पहले
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नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिका और साउथ कोरिया को एटमी हमले की धमकी दी है। राजधानी प्योंगयांग में एक मिलिट्री सेरेमनी के दौरान किम ने कहा- हमारा देश एटमी ताकत का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। अगर अमेरिका या साउथ कोरिया से जंग होती है कि हम न्यूक्लियर पावर का इस्तेमाल करने में नहीं हिचकेंगे।

किम के भाषण की जानकारी नॉर्थ कोरिया की ऑफिशियल न्यूज एजेंसी KCNA ने दी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया जल्द ही एक और न्यूक्लियर टेस्ट करने जा रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी उसकी हरकतों पर नजर बनाए हुए हैं।

नॉर्थ कोरिया जंग के लिए तैयार
किम ने कहा- देश के सामने कई बहुत बड़े चैलेंज हैं। इससे पहले कभी ऐसे हालात नहीं बने। हमें इन चुनौतियों का मुकाबला करना है। इसके लिए फौज तैयार है। हमारे पास एटमी ताकत है। इसका इस्तेमाल अपनी हिफाजत के लिए किया जाएगा। इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए।

किम ने कहा- अमेरिका की नॉर्थ कोरिया के बारे में एक सोच है। यही हाल साउथ कोरिया का भी है। ये दोनों देश इस सोच से बाहर नहीं आना चाहते। इसीलिए मैं फिर साफ कर देना चाहता हूं कि अगर अमेरिका ने कोई मिलिट्री एक्शन लिया तो उसके नतीजे खौफनाक होंगे। एटमी ताकत के इस्तेमाल का विकल्प भी हमने अब तक सुरक्षित रखा है।

न्यूक्लियर टेस्ट की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी इंटेलिजेंस के हवाले से कहा गया है कि नॉर्थ कोरिया पांच साल बाद एक बार फिर न्यूक्लियर टेस्ट की तैयारी कर रहा है। किम जोंग ने भी भाषण में इस तरफ इशारा किया। कहा- 70 साल बाद भी अमेरिका सुधरा नहीं है। वो आदत से मजबूर है। अमेरिका और साउथ कोरिया हमारे लिए शैतान हैं। हम अपनी न्यूक्लियर पावर बढ़ाने के लिए जो भी जरूरी होगा, वो जरूर करेंगे। न तो मिसाइल प्रोग्राम रोका जाएगा और न ही एटमी टेस्ट। प्रतिबंध तो पहले भी लगे थे और आगे भी लगेंगे। अमेरिका हमें डरा या धमका नहीं सकता।

2018 में सिंगापुर शिखर सम्मेलन के दौरान किम जोंग उन के साथ डोनाल्ड ट्रम्प। (फाइल)
2018 में सिंगापुर शिखर सम्मेलन के दौरान किम जोंग उन के साथ डोनाल्ड ट्रम्प। (फाइल)

ट्रम्प से समझौते के बाद पलटे किम
2018 में उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिका के तब के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बातचीत के बाद लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण पर रोक लगा दी थी। 2020 में किम जोंग पलट गए। उन्होंने कहा- हम इस समझौते से बंधे हुए नहीं हैं। UN ने भी उत्तर कोरिया पर बैलिस्टिक और परमाणु हथियारों के परीक्षण पर रोक लगा रखी है, लेकिन किम के शासन में नॉर्थ कोरिया लगातार इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करते आया है।