नॉर्थ कोरिया ने फिर मिसाइल दागी:किम जोंग-उन की गैर-मौजूदगी में हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया, इसके परमाणु क्षमता से लैस होने का अनुमान

प्योंगयांग2 महीने पहले
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KCNA ने हाइपरसोनिक मिसाइल को रणनीतिक हथियार बताया है। साथ ही कहा कि इससे उत्तर कोरिया की रक्षा क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी। - Dainik Bhaskar
KCNA ने हाइपरसोनिक मिसाइल को रणनीतिक हथियार बताया है। साथ ही कहा कि इससे उत्तर कोरिया की रक्षा क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी।

उत्तर कोरिया ने जगंग प्रांत में अपनी नई विकसित ह्वासोंग-8 हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह परमाणु क्षमता से लैस है। इस मिसाइल को रक्षा विज्ञान अकादमी ने हाल ही में विकसित किया है। साउथ कोरिया की सेना ने बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की ओर मिसाइल दागी।

नॉर्थ कोरिया की सरकारी मीडिया ने इस मिसाइल को रणनीतिक हथियार बताया है। जब इस मिसाइल का परीक्षण किया गया उस वक्त नॉर्थ कोरिया के सबसे बड़े नेता किम जोंग उन वहां मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि यह मिसाइल पंचवर्षीय सैन्य योजना की नई हथियार प्रणाली के तहत बने 5 सबसे खास हथियारों में शामिल है।

इस महीने तीसरी बार मिसाइल परीक्षण हुआ
नॉर्थ कोरिया लगातार पाबंदियों के बाद भी अपने हथियारों का आधुनिकीकरण और विस्तार कर रहा है। इसने इस महीने तीसरी बार मिसाइल परीक्षण किया है। नॉर्थ कोरिया स्ट्रेटिक क्रूज मिसाइल और ट्रेन से दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है।

मंगलवार को बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया
मंगलवार को भी नॉर्थ कोरिया ने समुद्र में बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। इस परीक्षण के कुछ समय बाद ही उत्तर कोरिया के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र को बताया कि अमेरिका उत्तर कोरिया के प्रति दुश्मनी का रवैया रखता है और उसके खिलाफ द्वेषपूर्ण नीतियां लागू की हैं। इसके चलते उत्तर कोरिया को परीक्षण करने का अधिकार है।

अमेरिका और साउथ कोरिया पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
नॉर्थ कोरिया जिस तरह से अपने न्यूक्लियर हथियार बनाने के प्रोग्राम को डेवलप कर रहा है, उसे देखते हुए अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया के ऊपर इस तरह के परीक्षणों को लेकर रोक लगा रखी है। इसे लेकर इस तानाशाही देश ने अमेरिका और साउथ कोरिया पर हथियार कार्यक्रमों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

नॉर्थ कोरिया से बातचीत करने के लिए अमेरिका तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जनवरी में पदभार संभालने के बाद उत्तर कोरिया की नीतियों की समीक्षा की थी। वॉशिंगटन ने कहा था कि वह नॉर्थ कोरिया के साथ कहीं भी किसी भी वक्त बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन कोई बड़ा सौदा नहीं करेंगे।