उत्तर कोरिया / किम की मौजूदगी में फिर से गाइडेड वेपन का परीक्षण, अमेरिका ने नकारा



किम जाेंग उन। -फाइल किम जाेंग उन। -फाइल
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किम जाेंग उन। -फाइलकिम जाेंग उन। -फाइल

  • कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी का दावा- बुधवार को हुआ था परीक्षण, हथियार का ब्योरा नहीं दिया
  • नवंबर 2018 के बाद यह पहली घटना जब तानाशाह किसी हथियार के परीक्षण को देखने खुद मौजूद रहा

Dainik Bhaskar

Apr 18, 2019, 10:29 AM IST

प्योंगयांग. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ दो दौर की वार्ता के बाद भी कोई राहत पैकेज न मिलने से झल्लाए उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन फिर से पुरानी राह पर चल पड़े हैं। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बताया है कि बुधवार को उत्तर कोरिया ने गाइडेड वेपन का परीक्षण किया। हालांकि, इसमें यह नहीं बताया गया कि हथियार किस तरह का था। एजेंसी का कहना है कि किम मौके पर मौजूद थे। उन्होंने परीक्षण करने वाली टीम का हौसला भी बढ़ाया।
 

एक दिन पहले एयरफोर्स यूनिट गए थे किम

  1. नवंबर 2018 के बाद यह पहली घटना है जब उत्तर कोरिया का तानाशाह किम किसी हथियार के परीक्षण को देखने खुद मौजूद रहे। एक दिन पहले ही उन्होंने एयर फोर्स यूनिट का दौरा किया था। 

  2. एजेंसी का कहना है कि किम आब्जर्वेशन पोस्ट पर मौजूद थे और हथियार का निर्माण करने वाली टीम का हौसला बढ़ा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि किम उत्तर कोरिया को हथियारों के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं।  

  3. उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने किम जोंग के हवाले से बताया है कि तानाशाह ने इसे बेहद अहम क्षण बताया। उनका दावा है कि सैन्य ताकत को बढ़ाने की दिशा में यह परीक्षण कारगर होगा। उनका कहना था कि हमारे वैज्ञानिक, इंजीनियर्स और लेबर वास्तव में महान हैं। अगर वे चाहें तो किसी भी हथियार का निर्माण करने में सक्षम हैं। 

  4. अमेरिकी उत्तरी कमांड को नहीं दिखी कोई मिसाइल

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी उत्तरी कमांड को ऐसी कोई मिसाइल नहीं दिखी, जिसे प्योंगयांग से परीक्षण के लिए दागा गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि हो सकता है कि यह कोई नई विकसित छोटी रेंज की गाइडेड या फिर क्रूज मिसाइल हो। उनका कयास है कि अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद उत्तर कोरिया कोई संदेश देना चाहता हो।  

  5. ट्रम्प और किम के बीच पहली मुलाकात 12 जून, 2018 को सिंगापुर में हुई थी। यह वार्ता काफी सफल रही थी। दूसरी वार्ता वियतनाम की राजधानी हनोई में फरवरी 2019 में हुई। लंबी बातचीत के बावजूद यह बैठक बेनतीजा रही थी। इससे पहले किम हाइड्रोजन बम समेत 6 परमाणु परीक्षण कर चुके थे। 

  6. निलंबित कर दिया था मिसाइल प्रोग्राम

    पिछले साल 12 जून को सिंगापुर वार्ता के बाद से किम ने मिसाइल परीक्षण और एटमी कार्यक्रम निलंबित कर दिया था। वार्ता में ट्रम्प और उन के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर सहमति बनी थी। इसके बाद उत्तर कोरिया और अमेरिका के अफसर कई बार मुलाकात कर चुके हैं। 

  7. नए साल पर तानाशाह ने कहा था- प्रतिबंध नहीं हटे तो रास्ता बदल लेंगे

    किम ने नए साल के भाषण में अमेरिका को धमकी दी थी कि वे शांति का रास्ता छोड़ सकते हैं। दोनों नेताओं की दूसरी बैठक के बाद से उत्तर कोरिया ने कोई मिसाइल परीक्षण नहीं किया था, लेकिन अमेरिका ने प्रतिबंधों में कोई राहत भी नहीं दी। हालांकि, पहली बैठक के बाद उत्तर कोरिया ने एक नए हाईटेक हथियार का परीक्षण किया था। परीक्षण देखने उत्तर कोरिया के तानाशाह भी पहुंचे थे। 

  8. किम से तीसरे दौर की वार्ता करने के इच्छुक हैं ट्रम्प

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने किम से तीसरी बार मुलाकात की इच्छा जताई है। वियतमान में दोनों के बीच परमाणु हथियारों पर रोक लगाए जाने पर सहमति नहीं बन पाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प उत्तर कोरिया के साथ कई छोटे-छोटे समझौता करना चाहते हैं।

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