उत्तर कोरिया / 22 साल की पांग सिम 18 सेकंड में याद कर लेती हैं 5000 अंक और ताश की पूरी गड्डी का ऑर्डर



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  • पिछले साल दिसंबर में हुई वर्ल्ड मेमोरी चैम्पियनशिप में पहली बार उत्तर कोरिया ने हिस्सा लिया था
  • टीम ने 7 स्वर्ण, 7 रजत और 5 कांस्य पदक अपने नाम किए

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2019, 12:30 PM IST

प्योंगयांग. दुनिया में उत्तर कोरिया की चर्चा तानाशाह किम जोंग उन और उनके परमाणु-मिसाइल परीक्षणों के चलते ज्यादा होती है। लेकिन यहां के लोगों के पास खुद के देश पर गर्व करने के और भी चीजें हैं। याददाश्त (मेमोरी) के मामले में उत्तर कोरियाई किसी से कम नहीं। यहां की 22 साल की पांग उन सिम महज 18 सेकंड में 5 हजार से ज्यादा अंक याद कर लेती हैं। इतना ही नहीं वे एक मिनट से कम वक्त में ताश की पूरी गड्डी (52 पत्ते) का पूरा ऑर्डर याद कर उसे दोबारा से जमा लेती हैं।

वर्ल्ड मेमोरी चैम्पियनशिप में लहराया परचम

  1. पिछले साल दिसंबर में उत्तर कोरिया पहली बार वर्ल्ड मेमोरी चैम्पियनशिप में शामिल हुआ। इसमें पांग ने ही देश का प्रतिनिधित्व किया। कोरियाई टीम ने 7 स्वर्ण, 7 रजत और 5 कांस्य पदक अपने नाम किए। पांग कहती हैं- यह आसान नहीं होता। लेकिन जब आप तयशुदा वक्त में बेहतर कोशिश करने लगते हैं तो चीजों याद रहने लगती हैं। यह उतना भी कठिन नहीं है जितना लोग इसे समझते हैं। अगर आप इसमें आनंद लेंगे, तो काफी सरल है।

  2. चैम्पियनशिप में पांग ओवरऑल दूसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने 5187 बाइनरी नंबरों और 1772 कार्ड्स को एक घंटे में जमा दिया। पांग प्लेइंग कार्ड्स की एक गड्डी को उसी ऑर्डर में 17.67 सेकंड में जमाने का रिकॉर्ड है। पांग की टीममेट री सोंग मी ओवरऑल 7वें स्थान पर रहीं। उन्होंने 15 सेकंड में 302 शब्द रिकॉल किए।

  3. चैम्पियनशिप के एक इवेंट में 60 मिनट में ज्यादा से ज्यादा शब्द याद करने को दिए जाते हैं। इसमें टॉप 5 खिलाड़ियों में से तीन उत्तर कोरिया के थे। इनमें से 2 ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा, पांग ने 3240 अंक स्कोर किए।

  4. आयोजकों को अंतिम मिनट तक उम्मीद नहीं थी कि उत्तर कोरियाई टीम प्रतियोगिता में हिस्सा ले पाएगी। चैम्पियनशिप के एक संस्थापक टोनी बुजान कहते हैं- रजिस्ट्रेशन खत्म होने वाला था, उनकी टीम ने अंतिम पलों में आकर अपना नाम दर्ज कराया। चैम्पियनशिप के खत्म होने के दौरान चौंकने की बारी हमारी थी। 10 इवेंट में उत्तर कोरियाई खिलाड़ी टॉप 3 में रहे।

  5. उत्तर कोरियाई टीम के कोच चा योंग हो के मुताबिक- याददाश्त की तकनीकें बच्चों को मिडिल स्कूल से सिखाई जाती हैं। चीजों को याद रखने के लिए हम फीलिंग (भावनाएं), टेस्ट (स्वाद), मूवमेंट (गति), इमेजिनेशन (कल्पना), राइम्स (श्लोक) समेत उन सभी चीजों की मदद लेते हैं, जो हमारे दिमाग में है।

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