बेमिसाल राष्ट्रपति:कमजोर दिमाग वाली बच्ची को दूसरे छात्र चिढ़ाते थे, नॉर्थ मेसेडोनिया के प्रेसिडेंट उसे घर से स्कूल तक उंगली पकड़कर छोड़ने गए

स्कोप्जे8 महीने पहले
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ज्यादातर लोगों ने फिल्म ‘तारे जमीं पर’ तो देखी ही होगी। एक मानसिक रूप से कमजोर बच्चे को परेशान किया जाता है। फिर एक टीचर उसे हिम्मत, हौसला और प्यार देता है। मासूम की जिंदगी बदल जाती है। ऐसा ही कुछ मामला यूरोप के छोटे से देश रिपब्लिक ऑफ नॉर्थ मेसेडोनिया से सामने आ रहा है। यहां 11 साल की मानसिक तौर पर कमजोर बच्ची को देश का राष्ट्रपति स्कूल तक उसकी उंगली पकड़कर छोड़ने जाता है। वजह? बच्ची को उसके क्लासमेट परेशान करते थे- चिढ़ाते थे।

क्या है मामला
11 साल की बच्ची का नाम है- एम्बला एडेमी। वो गोस्टीवार के एक स्कूल में पढ़ती है। एम्बला जन्म से ही मानसिक और शारीरिक तौर पर दूसरे बच्चों की तरह एक्टिव नहीं है। इसे मेडिकल टर्म में डाउन सिंड्रोम (down syndrome) कहा जाता है। मोटे तौर पर इसके शिकार बच्चे शारीरिक, मानसिक या फिर दोनों तौर पर कुछ कमजोर होते हैं। बहरहाल, कहानी आगे बढ़ती है। राष्ट्रपति स्टीवो पेंड्रोवस्की को एक दिन एम्बला के बारे में पता लगता है। उन्हें जानकारी मिलती है कि एम्बला को स्कूल में कुछ दूसरे स्टूडेंट्स परेशान करते हैं और उसका मजाक उड़ाया जाता है।

राष्ट्रपति स्टीवो पेंड्रोवस्की बच्ची से मिलने उसके घर गए तो कलर्स और ड्राइंग शीट गिफ्ट कीं।
राष्ट्रपति स्टीवो पेंड्रोवस्की बच्ची से मिलने उसके घर गए तो कलर्स और ड्राइंग शीट गिफ्ट कीं।

फिर क्या होता है...
स्टीवो एक दिन एम्बला के पैरेंट्स को फोन करते हैं। बच्ची के बारे में तमाम जानकारी हासिल करते हैं और एम्बला के पैरेंट्स से घर आने की इजाजत मांगते हैं। फिर एक दिन एम्बला के लिए एक गिफ्ट पैक लेकर उसके घर जाते हैं। यानी दरवाजे पर सरकार। इस गिफ्ट पैक में कलर पेंसिल्स और ड्राइंग शीट्स भी होती हैं।

एम्बला का परिवार राष्ट्रपति को बताता है कि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्टीवो बच्ची के पैरेंट्स को बताते हैं कि स्कूलों में इस तरह के बच्चों से किसी तरह का भेदभाव न हो, इसके लिए वो कानून बनाएंगे। सोशल सेक्टर की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। बाद में स्टीवो ने सोशल मीडिया पर भी इस बारे में तमाम जानकारी साझा की।

एम्बला के साथ उसके घर पर वक्त बिताते राष्ट्रपति स्टीवो पेंड्रोवस्की।
एम्बला के साथ उसके घर पर वक्त बिताते राष्ट्रपति स्टीवो पेंड्रोवस्की।

फिर वो लम्हा भी आया
एम्बला और उसके परिवार को हौसला देने के लिए स्टीवो एक फैसला करते हैं। बच्ची के पिता के साथ वो खुद उसे उंगली पकड़कर और पैदल स्कूल छोड़ने जाते हैं। अब उनके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हर किसी की जुबान पर स्टीवो के लिए मीठे बोल और शुक्रिया लरज रहे हैं।

प्रेसिडेंट स्टीवो कहते हैं- एक राष्ट्र और एक नागरिक के तौर पर यह हमारी जिम्मेदारी है कि हर किसी को समानता का अधिकार मिले। हमें एम्बला जैसे बच्चों के लिए एकजुट होना होगा। पुरानी बातें छोड़िए। इस समाज में हर किसी को बराबरी का हक मिलना चाहिए। कोई बच्चा पीछे न रह जाए। खासतौर पर वो जिन्हें स्पेशल नीड्स या स्पेशल केयर की जरूरत है। वो जब स्कूल पहुंचें तो उनका शानदार स्वागत कीजिए।