ओमिक्रॉन की पहली तस्वीर:डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले इसमें कहीं ज्यादा म्यूटेशन, हालांकि यह इसके खतरनाक होने का सबूत नहीं

रोम2 महीने पहले

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की पहली तस्वीर सामने आई है। इटली के रिसर्चर्स ने इसका फोटोग्राफ तैयार किया है। इसे रोम के बैम्बिनो गेसू अस्पताल ने जारी किया है। मैप की तरह दिखने वाले इस थ्री-डायमेंशनल फोटो में डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट के बीच म्यूटेशन की तुलना की गई है।

टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, रिसर्चर्स की टीम ने रविवार को बताया- फोटो में साफ देखा जा सकता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा के मुकाबले कहीं ज्यादा म्यूटेशन दिखा रहा है। ज्यादातर म्यूटेशन स्पाइक प्रोटीन के उस एरिया के ऊपर मौजूद है, जो ह्यूमन सेल के साथ संपर्क करता है।

क्या बताता है ओमिक्रॉन का थ्री डी फोटोग्राफ?
रिसर्चर्स आगे कहते हैं- इसका मतलब यह नहीं है कि यह ओमिक्रॉन वैरिएंट या कोरोना का यह म्यूटेट वैरिएशन ज्यादा खतरनाक हैं। फोटो से सिर्फ इतना साफ होता है कि वायरस ने नया वैरिएंट जेनरेट करके इंसानों के मुताबिक खुद को ढाल लिया है। आगे की रिसर्च के बाद यह साफ होगा कि वायरस में यह बदलाव कम खतरनाक है, ज्यादा खतरनाक है या इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

तस्वीर को समझने की कोशिश करते हैं-

  • तस्वीर में बाईं तरफ डेल्टा वैरिएंट का स्पाइक प्रोटीन और दाईं तरफ ओमिक्रॉन वैरिएंट का स्पाइक प्रोटीन है।
  • दोनों वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में अलग-अलग रंगों से म्यूटेशनल रेट दिखाया गया है। यानी कितनी तेजी से म्यूटेशन हो रहा है। म्यूटेशन यानी ह्यूमन सेल के मुताबिक खुद को ढालने की क्षमता।
  • दोनों स्पाइक प्रोटीन में ऊपर की तरफ ऑरेंज रंग में जो हिस्सा दिखाया गया है उसे एक्टिव साइट कहते हैं। यह वो एरिया है जो ह्यूमन सेल के साथ इंटरैक्ट करता है।
  • डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन की एक्टिव साइट में ज्यादा म्यूटेशन देखे जा सकते हैं। यह लाल रंग में हैं, इसका मतलब एक्टिव साइट में सबसे तेजी से म्यूटेशन हो रहे हैं।

आगे की स्टडी से पता चलेगा वैक्सीन पर इसका प्रभाव
एक रिसर्चर क्लॉडिया ऑल्टेरी ने बताया- रिसर्च टीम ने दोनों वैरिएंट के म्यूटेशन की तुलना करने के लिए उनके स्पाइक प्रोटीन के 3D स्ट्रक्चर पर फोकस किया। यह तस्वीर बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका और हॉन्गकॉन्ग से आने वाले नए वैरिएंट के सीक्वेंस की स्टडी से तैयार की गई है।

उन्होंने कहा कि यह फोटो ओमिक्रॉन के म्यूटेशंस तो दिखाती है, लेकिन यह साफ नहीं कर पाती कि इसका रोल क्या है। अब यह लैबोरेटरी एक्सपेरिमेंट्स के जरिए पता लगेगा कि इन म्यूटेशंस के कॉम्बिनेशन से वैक्सीन के प्रभाव पर कोई फर्क तो नहीं आएगा।

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