आलोचना / अमेरिका ने कहा- चीन घर में मुसलमानों को प्रताड़ित करता है, यूएन में आतंकियों को बचाता है



US said China protects terror groups from UN Sanctions news and updates
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US said China protects terror groups from UN Sanctions news and updates

  • अमेरिका ने कहा- चीन मसूद अजहर को आतंकी नहीं मानता और अपने यहां उइगर मुस्लिम उसे आतंकी नजर आते हैं
  • अमेरिका ने फ्रांस और ब्रिटेन के सहयोग से फिर एक बार अजहर काे आतंकी घोषित करने का यूएन में प्रस्ताव दिया
  • चीन का दावा- हिंसाग्रस्‍त शिनजियांग प्रांत में 2014 से अब तक करीब 13 हजार आतंकी गिरफ्तार किए

Dainik Bhaskar

Mar 28, 2019, 09:04 AM IST

वॉशिंगटन. फ्रांस-ब्रिटेन की मदद से अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए प्रस्ताव लाया है। ये प्रस्ताव यूएनएससी के सभी 15 सदस्यों को दिया गया है और सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। अगर प्रस्ताव पर एकराय बनती है तो मसूद पर ट्रैवल बैन, संपत्ति सीज होने जैसी कई कार्रवाई हो सकती हैं।


इससे 2 हफ्ते पहले भी इन तीनों देशों ने मसूद के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन चीन ने इसमें टेक्निकल होल्ड लगाकर चौथी बार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचा लिया था। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 14 ने मसूद पर कार्रवाई का समर्थन किया था।

 

चीन ने अमेरिका पर यूएन को कमजोर करने का आरोप लगाया

चीन ने गुरुवार को अमेरिका पर यूएन की आतंक निरोधी संस्थान को कमजोर करने का आरोप लगाया। चीन ने कहा, अमेरिका का मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए जबरदस्ती प्रस्ताव लाने का प्रयास कर रहा है। इससे यह मुद्दा और उलझ जाएगा।

 

यूएन में आतंकियों को बचाता है चीन- अमेरिका

इससे पहले अमेरिका ने मुस्लिमों के प्रति दोहरी नीति के कारण चीन की जमकर आलोचना की है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने बुधवार को कहा- चीन अपने घर में लाखों मुसलमानों को प्रताड़ित करता है, लेकिन हिंसक इस्लामिक आतंकी समूहों को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध से बचाता है।

 

पॉम्पियो का इशारा जाहिर तौर पर चीन द्वारा पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर रोड़े अटकाने को लेकर था। 

 

 

पॉम्पियो ने कहा- चीन ने शिनजियांग प्रांत में 2017 से अब तक 10 लाख से ज्यादा उइगरों, कजाखों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। हाल ही में चीन ने खुद दावा किया था कि शिनजियांग प्रांत में 2014 से अब तक करीब 13 हजार आतंकी गिरफ्तार किए गए हैं। 

 

जैश ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी

मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर जैश के आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। इस दौरान करीब 350 आतंकी मारे जाने का दावा किया गया था।

 

शिनजियांग में एक करोड़ उइगर हैं

शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों की आबादी एक करोड़ से ज्यादा है। वे यहां बहुसंख्यक हैं। चीन ने इस प्रांत को स्वायत्त घोषित किया है। इसकी सीमा मंगोलिया और रूस सहित आठ देशों से सटी हैं। प्रांत में उइगर आबादी का अनुपात कम करने के लिए चीन की सरकार ने यहां पर हान समुदाय के लोगों को बसाना शुरू किया है। 10 लाख से ज्यादा उइगरों को हिरासत में रखा गया है।

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